वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट

Yoga To Boost Immunity: आजकल सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल बुखार जैसी समस्याएं लोगों के बीच तेजी से फैल रही हैं। दरअसल, बदलते मौसम में हमारी इम्यूनिटी काफी कमजोर हो जाती है, जिसके कारण हम बीमारियों की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। ऐसे में, बदलते मौसम में बीमारियों से बचाव के लिए इम्यूनिटी को मजबूत बनाना बेहद जरूरी हो जाता है। कई लोग इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए तरह-तरह के घरेलू नुस्खे और सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं। लेकिन आप चाहें तो बदलते मौसम में स्वस्थ रहने और बीमारियों से बचने के लिए योग का सहारा ले सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो इम्यूनिटी बूस्ट करने में मददगार हो सकते हैं। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

Yoga For Immunity

त्रिकोणासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं।
अपने दोनों पैरों के बीच 3-4 फीट की दूरी बनाकर रखें।
अपने दोनों हाथों को जांघों के बगल में रखें और अपनी बाहों को कंधे तक फैलाएं।
फिर धीरे-धीरे सांस लेते हुए, दाएं हाथ को सिर के ऊपर ले जाएं।
इस दौरान आपका हाथ कान को छूना चाहिए। अब सांस छोड़ते हुए, अपने शरीर को बाईं तरफ को झुकाएं।
ध्यान रखें कि इस दौरान आपके घुटने मुड़ने नहीं चाहिए।
इस मुद्रा में कुछ देर बने रहें।
इसके बाद प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।
आप इस आसन को 3 से 5 बार दोहरा सकते हैं।

भुजंगासन

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
अपनी कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।
अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं।
उसके बाद अपने पेट को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें।
इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें। अब सांस छोड़ते हुए, सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं।
इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।

पश्चिमोत्तानासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सुखासन में बैठ जाएं।
अब अपने दोनों पैरों को सामने की ओर सीध में खोलकर बैठ जाएं। दोनों एड़ी और पंजे मिले रहेंगे।
अब सांस छोड़ते हुए और आगे की ओर झुकते हुए दोनों हाथों से दोनों पैरों के अंगूठे पकड़ लें।
माथे को घुटनों से लगाएं और दोनों कोहनियों को जमीन पर टिकाएं।
इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।
इसके बाद अपनी प्रारंभिक मुद्रा में लौट आएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

उष्ट्रासन

इस आसन को करने के लिए जमीन पर घुटने के बल बैठ जाएं और दोनों हाथों को कूल्हों पर रखें।
अब गहरी सांस लें और रीढ़ की निचली हड्डी पर आगे की तरफ दबाव डालें।
इस दौरान पूरा दबाव नाभि पर महसूस होना चाहिए।
इसके बाद अपने हाथों से पैरों को पकड़ें और कमर को पीछे की तरफ मोड़ें।
इस स्थिति में 30-60 सेकंड रुकने के बाद आप धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ सकते हैं।
आप इस आसन को 3-5 बार दोहरा सकते हैं।

सेतुबंधासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं।
अब अपने घुटनों को मोड़ें और तलवों को जमीन पर रखें।
अपने दोनों हाथों से पैरों की एड़ियों को पकड़ें।
सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपनी बॉडी को ऊपर उठाएं।
इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।
इसके बाद सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Tuesday, September 8, 2026, 19:11 [IST]
Desktop Bottom Promotion