क्रिकेट मैच के दौरान छक्का मारते ही क्रिकेटर की मौत, युवाओं में हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों पर एक्सपर्ट की राय

Viral Video : पंजाब के फिरोजपुर में एक स्थानीय क्रिकेट मैच के दौरान बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई। युवा बल्लेबाज हरजीत सिंह ने जोरदार छक्का लगाया, लेकिन अगले ही पल वह अचानक पिच पर गिर पड़ा। साथी खिलाड़ियों और दर्शकों को कुछ समझ आता, उससे पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उसे हार्ट अटैक आया था।

यह दर्दनाक घटना कैमरे में कैद हो गई और अब उसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस हादसे ने एक बार फ‍िर से यह सवाल उठा दिया क‍ि फ‍िट-तंदरुस्‍त रहने वाले युवा प्‍लेयर्स भी क्‍यों द‍िल की बीमारी की चपेट में आ रहे है?

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आज के समय में हार्ट अटैक केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है।

कॉर्डियोलॉज‍िस्‍ट डॉ. ऋषि भार्गव ने यह स्पष्ट किया है कि अब यह समस्या युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। इससे यह समझना जरूरी हो गया है कि इसके पीछे की वजहें, जोखिम कारक और शुरुआती चेतावनी संकेत क्या हैं।

क्‍यों बढ़ रहे हैं मामले?

1. क्‍यों अचानक बढ़ रहे हैं मामले
अब हार्ट अटैक केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रहा। यह युवाओं में भी आम होता जा रहा है, और इसके पीछे कई आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कारण हैं।

2. जागरूकता की ज़रूरत
युवाओं में हार्ट अटैक के मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, इसकी संभावनाओं, कारणों और लक्षणों को लेकर जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी हो गया है।

3. समय रहते पहचान
अगर शुरुआती संकेतों को समय पर पहचान लिया जाए और तुरंत इलाज शुरू किया जाए, तो गंभीर नतीजों से बचा जा सकता है।

हार्ट अटैक के प्रमुख कारण

1. खराब लाइफस्‍टाइल
फास्ट फूड, शारीरिक गतिविधियों की कमी, धूम्रपान और अत्यधिक शराब सेवन जैसे आदतें हृदय रोग को जन्म देती हैं।

2. अनुवांशिक कारण
अगर परिवार में पहले से किसी को दिल की बीमारी रही है, तो युवा भी इस जोखिम की चपेट में आ सकते हैं।

3. मानसिक तनाव
लगातार तनाव, चिंता, और डिप्रेशन जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं भी दिल की सेहत को प्रभावित कर सकती हैं।

4. अन्‍य हेल्‍थ कंडीशन
डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियां अगर नियंत्रण में न रहें तो दिल की बीमारी का खतरा और बढ़ जाता है।

5. कोविड-19 के बाद सामने आए ज्‍यादा मामला
हाल ही में हुई रिसर्च में कोविड-19 संक्रमण और वैक्सीनेशन के बाद कुछ हृदय समस्याओं के मामले सामने आए हैं। इस पर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और अध्ययन कर रहा है।

शुरुआती लक्षण, जो करते हैं सावधान

1. सीने में दर्द या दबाव
हल्के दबाव से लेकर तेज दर्द तक हो सकता है, जो हाथ, जबड़े या पीठ तक फैल सकता है।

2. सांस की कमी
थोड़ी सी मेहनत करने या आराम के समय भी सांस फूलना एक चेतावनी हो सकती है।

3. चक्कर आना या बेहोशी जैसा लगना
अगर सीने में दर्द या सांस की कमी के साथ चक्कर भी आ रहे हों, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।

4. मतली या उल्टी
कभी-कभी दिल की समस्या के लक्षण के रूप में यह भी सामने आ सकते हैं।

5. असामान्य थकावट
अगर बिना कारण थकावट महसूस हो रही है, खासकर अगर ये अन्य लक्षणों के साथ हो, तो यह गंभीर संकेत हो सकता है।

6. ठंडा पसीना
अगर बिना किसी शारीरिक मेहनत के पसीना आ रहा है और साथ में सीने में दर्द है, तो इसे नजरअंदाज न करें।

कब मदद लें?

1. तुरंत मेडिकल सहायता लें
अगर ऊपर दिए गए लक्षणों में से कोई भी दिखे, तो बिना देर किए नजदीकी अस्पताल जाएं।

2. हृदय रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें
अगर आपके पास जोखिम कारक हैं या दिल से जुड़ी चिंता है, तो एक योग्य कार्डियोलॉजिस्ट से मिलें और समय रहते उचित जांच कराएं।

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