कम उम्र के बच्चों की मौत का मुख्य कारण है न्यूमोनिया

Child
नयी दिल्ली। सरकार ने आज माना कि भारत में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मौत का एक मुख्य कारण न्यूमोनिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद ने राज्यसभा को बताया कि एक माह से 59 माह की उम्र के बच्चों की मृत्यु के विशेष कारणों पर भारत के महापंजीयक (2001-03) द्वारा एकत्रित आंकड़े संबंधी रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में न्यूमोनिया के कारण 3.71 लाख मौत हुई हैं।

उन्होंने बताया कि न्यूमोनिया की रोकथाम और बच्चों की मृत्यु दर को घटाने के लिए समुचित टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। आजाद ने वासंती स्टेनले के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि बच्चों में न्यूमोनिया की रोकथाम के लिए सार्वजनिक टीकाकरण कार्यक्रम के तहत डीपीटी का टीका, दूसरी खुराक सहित खसरे का टीका और तमिलनाडु तथा केरल में पेंटावेलेंट टीका लगाया जाता है।

इसी को देखते हुए विकासशील देशों में बच्चों में न्यूमोनिया के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) इसके बचाव और नियंत्रण के लिए एक वैश्विक कार्य योजना तैयार कर रहा है। डब्ल्यूएचओ की ताजा रिपोर्ट के अनुसार विकासशील देशों द्वारा अपना सारा ध्यान एचआईवी-एड्स, मलेरिया और तपेदिक आदि के नियंत्रण की ओर लगाने के कारण बच्चों में न्यूमोनिया जैसे कुछ संक्रामक रोगों की अनदेखी हुई है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Wednesday, December 14, 2011, 19:02 [IST]
Desktop Bottom Promotion