Latest Updates
-
Asha Bhosle को आया कार्डियक अरेस्ट, ICU में भर्ती सिंगर की हालत नाजुक! जानें Cardiac Arrest के लक्षण -
कब है वरुथिनी एकादशी? इस बार व्रत पर रहेगा पंचक का साया, जानें कैसे करें भगवान विष्णु की पूजा -
Surya Gochar 2026: केतु के नक्षत्र में सूर्य का महागोचर, इन 4 राशिवालों पर होगी धनवर्षा -
100 साल बाद त्रेता युग जैसा महासंयोग! 2026 में 4 नहीं, पूरे 8 होंगे 'बड़े मंगल'; जानें तिथियां -
क्या रात में ब्रा पहनकर सोने से हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर? जानें एक्सपर्ट की राय -
क्या आपने कभी रंग बदलने वाली झील देखी है? आइए जानें 50,000 साल पुरानी इस Lake का रहस्य -
इन तारीखों पर जन्में बच्चे माता-पिता को बना देते हैं अमीर! चेक करें अपनी संतान की बर्थ-डेट -
जानें कौन हैं 19 साल की गौरी एम? जिनकी सफलता की कहानी LinkedIn पर हुई वायरल -
Mahatma Jyotiba Phule Quotes: नारी शक्ति और समानता का पाठ पढ़ाते हैं ज्योतिबा फुले के ये अनमोल विचार -
Aaj Ka Rashifal 11 April 2026: मकर राशि में चंद्रमा का गोचर, इन लोगों की खुलेगी किस्मत! पढ़ें राशिफल
मौसमी एलर्जी: कारण और निवारण

एलर्जी का कारण
एलर्जी एक आनुवांशिक बीमारी है, जिसके जींस एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में चले जाते हैं। मनुष्य के शरीर में रोगों का प्रतिरोध करने वाती जो नैसर्गिक इम्यून सिस्टम है, उसके कमजोर हो जाने से ही एलर्जी उत्पन्न होती है।
कुछ महत्वपूर्ण तथ्य
फरवरी से अप्रैल एर्व सिंतबर से नवंबर के समय परागकणों से तकलीफ, तेज हवा वाले दिनों में अधिक होती है, क्योंकि तेज हवा के कारण परागकण ज्यादा मात्रा में पेड़ों से झड़ते हैं। एंव लंबे समय तक वातावरण में रहते हैं और एलर्जी का कारण बनते हैं।
विभिन्न एलर्जी
1. घर पर धूल- धूल में पाए जाने वाले माइट बहुत सूक्ष्म होते हैं, जो बिस्तरों में, जानवरों के पंखों में, पुरानी लकड़ी में ज्यादा मिलते हैं।
2. परागकणं- तरह-तरह के पेड़-पौधों एंव फूलों के परागकण मुख्य हैं। पालतू जानवरों के पंखो और बालों से भी एलर्जी हो सकती है।
3. खाघ पदार्थो से- अंडे, कई प्रकार के नट्स (बादाम, अखरोट, काजू), दूध, सोयाबीन, अनाज आदि साधारण वस्तुओं से भी एलर्जी हो सकती है। दूध एंव दूध से बनी वस्तुएं यानी आइसक्रीम, बिस्कुट, मिठाई आदि से भी एलर्जी हो सकती है।
4. कई प्रकार के धातुओं से- सोना, चांदी, लोहा, एल्यूमिनियम एंव इनसे संपर्क में रहने से भी एलर्जी हो सकती है।
बचाव एंव उपचार-
आप उस चीज या पदार्थ से बचे जिससे आपको एलर्जी है। धल एंव धुएं से बचें और स्कूटर से निकलने पा मुंह पर कपड़ा बांध लें जिससे एलर्जी सीधे नाक के संपर्क में न आए। आंखों पर भी काला चशमा लगाना चाहिये। घर में नमी वाले स्थान से बचना चाहिये। होम्योपैथी में लक्षणों के आधार पर दवा का चयन किया जाता है। आर्सेनिक एल्बम, सैबेडिला, एलियम सीपा, ब्रोनियम, जैल्सीमियम, एरेकिया, मर्कसैल, सोराइनम आदि मुख्य दवाएं हैं। जिनका सेवन क्वालिफाइड होम्योपैथिक फिजिशियन की देखरेख में कर, एलर्जी से काफी हद तक बचा जा सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











