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क्या हैं यीस्ट इंफेक्शन के प्रकार?
यीस्ट इनफेक्शन ज्यादार एक जीव की वजह से होता है जिसका नाम कैंडिडा एल्बीकन्स होता है। अधिकांश लोग अपने जीवनकाल में इस संक्रमण से एक बार जरुर पीडित होते हैं। लेकिन, पुरुषों और महिलाओं में यह संक्रमण अलग-अलग तरह से फैलता है। यहां पर कुछ ऐसे प्रकार के यीस्ट इनफेक्शन दिये हुए हैं जिनसे आप भविष्य में प्रभावित हो सकते हैं, तो ज़रा ध्यान दीजियेगा।
1. त्वचा- स्किन इंफेक्शन बहुत ही आम सा इंफेक्शन है जिससे लोग ज्यादातर पीड़ित होते हैं। यीस्ट सामान्य रूप से हमारे शरीर में सामान्य परिस्थितियों में रहती है। लेकिन जब किसी भी कारण से शरीर का पीएच बैलेंस गडबड हो जाता है तब यही यीस्ट इंफेक्शन का रूप ले लेती है।

स्किन इंफेक्शन कमर, स्तन, बगल, पेट के निचले हिस्से, उंगलियों के बीच, नितंबों की परतों आदि में होता है। ऐसा घाव जो बहुत दिनों से ठीक ना हो रहा हो और वहां पर खुजली भी हो रही हो, तो समझ जाएं कि स्किन इंफेक्शन हो रहा है।
2. ओरल- कई बार लोगो के होंठो पर सफेद रंग चकत्ते दिखाई पडते हैं। ऐसे ही सफेद रंग के चकत्ते गालों, मुंह के उप्पर, जीभ और मसूडों पर भी होते हैं। आपको खाने और लीलने में भी परेशानी होती है। यह ज्यादातर उन महिलाओं में देखी जाती है जो बर्थ कंट्रोल पिल खाती हैं। बर्थ कंट्रोल शरीर में गुड बैक्टीरिया की संख्या खतम कर देती है जिससे यीस्ट की संख्या बढने लगती है।
3. बच्चे- यह इंफेक्शन शिशु में मां डिलवरी के वक्त या फिर ब्रेस्ट फीडिंग के दौरान आ जाता है। इसके अलावा एंटीबायोटिक दवाओं के ओवडोज से भी बच्चों में यीस्ट इंफेक्शन बढ जाता है क्योंकि यह शरीर में गुड बैक्टीरिया की संख्या कम करता है। शिशुओं की प्रतिरक्षित प्रणाली कमजोर होने की वजह से वह इंफेक्शन से नहीं लड़ पाते।
4. पुरुष- जिन पुरुषों को मधुमेह की समस्या है वे यीस्ट इनफेक्शन के ज्यादा करीब होते हैं। खून में ज्यादा शक्कर की मात्रा यीस्ट इंफेक्शन को बढावा देती है। यह इंफेक्शन शरीर के प्राइवेट पार्ट से शुरु होता है और यह संक्रमित व्यक्ति से घर के दूसरे सदस्य में भी फैल सकता है।
5. महिला- महिलाओं को यह इंफेक्शन बर्थ कंट्रोल पिल, महावारी, कमजोरी इम्यून सिस्टम और हार्मोन में बदलाव होने की वजह से हो सकता है। गर्भावस्था में भी उनके प्राइवेट पार्ट में यह यीस्ट इंफेक्शन फैल सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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