Latest Updates
-
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया
स्क्रैच कार्ड से कैंसर होने की आशंका

यह बात अमेरिका में किए गए एक अध्ययन से सामने आई है। अध्ययन में बताया गया है कि स्क्रेच कार्ड का सिल्वर नाइट्रो ऑक्साइड नाखून से शरीर में चला जाता है। यह ऑक्साइड स्किन कैंसर को दावत देता है। मेडिकल रिसर्च अथॉरिटी ऑफ अमेरिका ने स्क्रैच कार्ड को लेकर हाल ही में एक अध्ययन किया है। इसमें कहा गया है कि कार्ड में सिल्वर और नाइट्रो ऑक्साइड होता है जो रगड़ने के दौरान नाखून और उंगलियों के माध्यम से शरीर के अंदर पहुंच जाता है।
नाइट्रिक ऑक्साइड शरीर में पहुंचने के बाद धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाने लगता है। सिरदर्द, उल्टी और कमजोरी के रूप में इसका प्रभाव सामने आने लगता है। अध्ययन में शामिल लोगों में यह पाया गया कि असामान्य हार्ट बीट रहने से ऐसे लोग असहज दिखे। साथ ही, स्किन में खुजली, मुंह का सूखापन और शरीर में पानी की कमी देखी गई। यह भी देखा गया कि सांस लेने में भी लोगों को परेशानी आ रही थी।
शरीर में ज्यादा नाइट्रिक ऑक्साइड होने पर जहर का रूप ले लेता है जिससे रक्तचाप न्यूनतम स्तर पर पहुंच जाता है और मौत हो जाती है। अध्ययन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एम्स के एक कैंसर रोग विशेषज्ञ कहते है कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। सभी तरह का केमिकल कैंसर रोग को आमंत्रित करता है इसलिए इस मामले में और शोध की जरूरत है। जबकि एम्स के एक चर्म रोग विशेषज्ञ का कहना है कि स्किन से शरीर में पहुंचने वाला रसायन डीएनए को क्षतिग्रस्त करता है। लंबे समय के बाद कैंसर का वाहक कार्सियोजेंट सामने आता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications