Latest Updates
-
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी
मानसिक रोग हो तो आजमाएं योग

रिसर्च में यह तथ्य सामने आया है कि मानसिक रोगी यदि योगा करें तो मानसिक रोग में काफी राहत मिलती है। निमहैन्स बैंगलोर के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. बीएन गंगाधर का कहना है कि मानसिक रोगों में योगा असरकारी है। यदि मानसिक रोगी को दवाओं के साथ योगा की सलाह दी जाए तो वह उसके ठीक होने की समय सीमा काफी कम हो जाती है।
छत्रपति शाहूजी महाराज में आए प्रो. गंगाधर ने न्यूरोबायोलॉजी ऑफ योग थिरेपी विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि योगा के क्षेत्र में रिसर्च करने पर पता चला कि योगासन का प्रभाव शरीर के सभी अंगों पर होता है। योगासन से शरीर में कई जैविक बदलाव देखे गए हैं चाहे रक्त संचार की बात हो या फिर हार्मोन्स के स्रावित होने की प्रकिया सभी योग के माध्यम से काबू किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि योग का प्रयोग मानसिक रोग के इलाज में किया जा सकता है। प्रो. गंगाधर के अनुसार कई मरीजों पर किए गए प्रयोग से पता चला कि योग से मानसिक रोग को जल्द ही ठीक किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि योग के कुछ ऐसे आसन हैं जिनकों करने से शरीर में न्यूरोबायोलॉजिकल बदलाव होते हैं जो मानसिक रोग के इलाज में मददगार साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि योग से तनाव तो कम होता है और तनाव मानसिक रोग का एक बड़ा कारण है। इस अवसर पर उन्होंने अपनी दूसरी रिसर्च ईसीटी (इलेक्ट्रो कन्वल्सिव थिरेपी) पर प्रकाश डाला। प्रो. गंगाधर के अनुसार ईसीटी का प्रयोग अवसाद आदि में किया जाता है और इससे मरीज को काफी राहत मिलती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications