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बीमारी के समय किस प्रकार के खाने से परहेज रखें?
यह वर्ष का वह समय है जब हम जुकाम से ज्यादा पीड़ित होते हैं। सर्दी जुकाम से बचने के अनेकों प्राकृतिक स्त्रोत हैं जैसे लहसुन , अदरक , हाइड्रेशन आदि। यह जानना जरूरी है कि सर्दी जुकाम और मौसमी बिमारियों से बचने के लिए व बीमार पड़ने पर किस प्रकार के खाने से परहेज करना चाहिए।
इन खाद्य पदाथों को नजरंदाज करके और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करके आप ज्यादा जल्दी ठीक हो सकते हैं और बीमारी के लक्षणों को काफी हद तक कम कर सकते हैं। आइये जानते हैं कि वे कौन से आहार हैं जिन्हें बीमार पड़ने पर कभी नहीं खाने चाहिये, नहीं तो तबियत और भी ज्यादा खराब हो जाती है।

1. मिठाइयाँ
इस मौसम में आपको ज्यादा मिठाई और कूकीज खाने से बचना चाहिए। मिठाइयों में संतृप्त वसा की मात्रा ज्यादा होती है जो कि आपके पाचन तंत्र पर दबाव डालती है। कई बार तो सिर्फ आइस क्रीम और डेजर्ट ही आपके बीमार पड़ने का कारण बनते है।

2. कर्ड मीट
कर्ड मीट इस प्रकार का मीट होता होई जो स्मोक कर पकाया जाता है और उसमे शुगर और नमक की अधिकता होती है। बेकन इसी प्रकार का मीट है। कर्ड मीट में नाइट्रेट की मात्रा होती है जो कि नाइट्राइट में बदलकर कैंसर का कारण बनती है। नाइट्राइट का ज्यादा प्रभाव शरीर पर तब पड़ता है जब बीमारी के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।

3 ऑरेंज जूस
यह वहम है कि ऑरेंज जूस शरीर के लिए अच्छा होता है। हालाँकि ऑरेंज में विटामिन सी, फाइबर, और सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा होती है लेकिन हालही में हुए रिसर्च से पता चला है कि जब ऑरेंज का जूस निकालने पर इसमें शुगर की मात्रा सोडे के कैन के बराबर होती है। इसलिए शुगर की अधिकता के कारण बीमारी के समय इसका सेवन ठीक नहीं है। साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इन एसिड्स से पेट भी ख़राब हो सकता है।

4 . मूँगफली व अन्य नट्स
बीमारी के समय नट्स का सेवन नहीं करना चाहिए। खास तौर पर मूंगफली से बलगम की मात्रा ज्यादा बनती है जो कि जुकाम में बिलकुल ठीक नहीं हैं। नट्स के ज्यादा सेवन से कब्ज भी होती है।

5. लाल मांस
यदि आप इसका बर्गर के रूप में सेवन करेंगे तो आपकी नाक और छाती में तरल पदार्थ लगातार रहेगा और जुकाम से रिकवर होने में समस्या होगी। क्यों कि लाल मांस में कॉम्प्लेक्स फैट होता है इसलिए शरीर को इसे पचाने में भी परेशानी होती है। जब आप बीमार होते हैं तो शरीर वैसे ही हार्ड वर्क करता है ऐसे में इसका सेवन करना बिलकुल गलत है।

6. शराब
शराब के सेवन से उस दावा का असर कम हो जाता है जो आप इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए ले रहे हैं। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि अल्कोहल में एसिड की ज्यादा मात्रा होती है जो कि पेट पर ज्यादा दबाव डालते हैं।

7. कैफीन
कैफीन से भी शरीर टूटता है। जल्दी ठीक होने के लिए सोडा, कॉफ़ी और चोकलेट का सेवन कम से कम करना चाहिए। कैफीन वाले खाद्य पदार्थों में शुगर की अधिकता होती है इसलिए इनसे दूरी बनाये रखना ही अच्छा है।

8. तेज मिर्च वाले खाद्य पदार्थ
जब आप बीमार पड़ते हैं तो शायद आप तेज मिर्च वाले खाने के बारे में नहीं सोचते लेकिन साइनस को नुकसान पहुँचाने की मन में हो तो आप ऐसा कर सकते हैं। तेज मसालों वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें नहीं तो बहती नाक के साथ आपको गैस और भारी पेट जैसी समस्याओं से भी दो चार होना पड़ेगा।

9. कच्चे फूड्स
यदि आप जल्दी रिकवर होने के लिए सब्जियों का सेवन कर रहे हैं तो यह अच्छा है लेकिन ध्यान रहे कि वे पकी हुई हों। कच्ची सब्जियों से पाचन संबंधित परेशानियाँ पैदा होती हैं और बैक्टीरिया इन्फेक्शन का खतरा भी रहता है।

10. डेयरी फ़ूड
डेयरी फ़ूड में भी फैट की मात्रा ज्यादा होती है। पचाने में कठिन होने के कारण कई लोगों को दूध से भी एलर्जी होती है और वे जल्दी बीमार पड़ जाते हैं।



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