ज्‍यादा वर्कआउट कर लेने से होती हैं ये समस्‍याएं

By Aditi Pathak

बॉडी को फिट रखने के लिए हर दिन नियमित रूप से वर्कआउट करना जरूरी होता है। वर्कआउट से शरीर, स्‍वस्‍थ रहता है और कई बीमारियां भी नहीं होती है। लेकिन अगर आप एक बार में ही स्‍वस्‍थ होने की सोचकर ज्‍यादा वर्कआउट कर लेगें तो हेल्‍थ सही होने की बजाय खराब हो जाएगी। ज्‍यादा वर्कआउट करने से आपकी एनर्जी एक बार में ही खर्च हो जाएगी और बॉडी में स्‍ट्रेस बढ़ जाएगा।

अगर आप अपनी बॉडी को हमेशा फिट एंड फाइन रखना चाहते है तो हर दिन, प्रॉपर शेड्यूल के हिसाब से वर्कआउट करें, लेटलतीफी न करें। इससे आपका तन और मन दोनों अच्‍छे रहते है। ज्‍यादा वर्कआउट करने से कभी हेल्‍थ नहीं बनती है और न ही बॉडी को लाभ मिलता है, इससे कई समस्‍याएं पैदा हो जाती है। जानिए कि कैसे आपके शरीर ने ज्‍यादा वर्कआउट किया और उसका क्‍या प्रभाव पड़ा :-

थककर टूट जाना :

थककर टूट जाना :

अचानक से एक दिन शरीर से बहुत ज्‍यादा काम करवाने से वह थककर चूर हो जाता है। बॉडी में स्‍टेमिना से ज्‍यादा काम करने से उसमें कमजोरी आती है। कई बार आपको अगले दिन से वर्कआउट करने का मन भी नहीं होता है जो साफ जाहिर करता है कि आपका शरीर थककर चूर हो चुका है।

थकान :

थकान :

वर्कआउट ज्‍यादा करने से शरीर में थकान हो जाती है, इससे आपके निजी कामों पर भी असर पड़ता है। शरीर में थकान होने से किसी काम में मन नहीं लगता है और पूरे दिन भारीपन लगता है।

हारमोन्‍स असंतुलन :

हारमोन्‍स असंतुलन :

पुरूष हो या औरत, अगर आप हद से ज्‍यादा वर्कआउट करेंगे तो आपके शरीर में हारमोन्‍स असंतुलित हो जाएंगे। महिलाओं में पीरियड्स देरी से आ सकते है या पीएमएस आदि में उन्‍हे समस्‍या हो सकती है।

मांसपेशियों में दर्द :

मांसपेशियों में दर्द :

जब आप वर्कआउट करना शुरू करते है तो मांसपेशियों में दर्द होना सामान्‍य बात है लेकिन अगर आप एक हद से ज्‍यादा वर्कआउट करते है तो मांसपेशियों में दर्द होता है। इसलिए नियमित रूप से कसरत या व्‍यायाम करें।

भावनात्‍मक तनाव :

भावनात्‍मक तनाव :

वर्कआउट एक लिमिट से ज्‍यादा करना, मानसिक तनाव भी देता है। एक हद से ज्‍यादा वर्कआउट करने से भावनात्‍मक तनाव होता है, इससे आपकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ पर असर पड़ता है।

देर से रिकवरी होना :

देर से रिकवरी होना :

सामान्‍यत वर्कआउट करने से बॉडी जल्‍दी रिकवर हो जाती है लेकिन अगर आपकी बॉडी से कोई दर्द या थकान दूर भागने में ज्‍यादा समय लगता है तो समझ जाइए कि आपने ज्‍यादा वर्कआउट ज्‍यादा कर लिया है।

 नींद न आना :

नींद न आना :

वर्कआउट ज्‍यादा कर लेने से बॉडी, डिस्‍टर्ब हो जाती है और नींद नहीं आती है। शारीरिक और मानसिक थकान हो जाती है, नींद पूरी न होने पाने के कारण कई अन्‍य दिक्‍कतें भी हो जाती है।

रूचि न रहना :

रूचि न रहना :

कई लोगों को वर्कआउट करने में मज़ा नहीं आता है लेकिन एक दिन उन्‍हे अचानक से लगता है कि उन्‍हे वर्कआउट करना चाहिए और वह एक साथ ही कर देते है। इस तरह लोगों को वर्कआउट में रूचि नहीं रहती है क्‍योंकि एक साथ करने के बाद उन्‍हे कई दिक्‍कतें होती है और उन्‍हे इसमें कोई लाभ नहीं नज़र आता है।

डिहाइड्रेशन :

डिहाइड्रेशन :

वर्कआउट के दौरान पानी पीते रहना जरूरी होता है। लेकिन जब आप हार्ड वर्कआउट करते है तो पानी नहीं पीते और शरीर, डिहाईड्रेट हो जाता है। शरीर में पानी की कमी होने पर भी कई दिक्‍कतें और समस्‍याएं हो जाती है।

इम्‍यून फंक्‍शन कम हो जाना :

इम्‍यून फंक्‍शन कम हो जाना :

ज्‍यादा वर्कआउट करने से बॉडी की इम्‍यून सिस्‍टम पर नकारात्‍मक प्रभाव पड़ता है। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली होने से बीमारियों की चपेट में जल्‍दी आ सकते है।

Story first published: Friday, December 6, 2013, 1:03 [IST]
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