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जानिये टूथब्रश की गंदी सच्चाई
प्रतिदिन का मञ्जन करना दाँतो की सफाई और तथा प्लाक हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मुँह की बेहतर सफाई के लिये टूथब्रश की सही देखभाल और रखरखाव भी अहम हिस्से हैं। डाक्टरों की राय है कि टूथब्रश को लगभग 3 से 4 महीने या रेशों के फैल जाने की स्थित में और जल्दी बदल देना चाहिये।
इंग्लैण्ड की मैन्चेस्टर विश्वविद्यालय के शोधकर्ता कहते हैं कि आपका टूथब्रश कीटाणुओं से भरा होता है। उन्होंने पाया है कि खुले टूथब्रश में 10 करोड़ से ज्यादा जीवाणु होते हैं जिनमें ई कोलाई (जिनसे डायरिया होता है) और स्टैफाइलोकॉकाई (जिनसे त्वचा में संक्रमण होता है) शामिल हैं।

क्या आपको पता है कि आपके टूथब्रश में क्या छिपा है
शोधकर्ता कहते हैं कि आपका टूथब्रश कीटाणुओं से भरा होता है। उन्होंने पाया है कि खुले टूथब्रश में 10 करोड़ से ज्यादा जीवाणु होते हैं जिनमें ई कोलाई (जिनसे डायरिया होता है) और स्टैफाइलोकॉकाई (जिनसे त्वचा में संक्रमण होता है) शामिल हैं।

2- जीवाणुओं से भरा मुँह
हर दिन हमारे मुँह में सैकड़ों सूक्ष्मजीव होते हैं। इसमें कोई नई बात नहीं है। समस्या तब शुरू होती है जब मुँह में जीवाणुओं का अस्वस्थ सन्तुलन होता है। यह ध्यान देने वाली बात है कि प्लाक, जिसे आप दाँतों पर से हटाते हैं, वास्तव में जीवाणु होते हैं, इसलिये जब आप मञ्जन करते हैं तो टूथब्रश पर जीवाणुओं को भर देते हैं।

मञ्जन करने से कैसे नुकसान होता है
मञ्जन करने की क्रिया, खासतौर से विद्युतीय टूथब्रश द्वारा, वास्तव में इन जीवों को मुँह की त्वचा के नीचे ठूँस देती है। इनमें से कई कीटाणु आपके मुँह में पहले से होने के कारण टूथब्रश में रहते हैं और जब तक टूथब्रश का प्रयोग कोई और न करे, इनसे कोई बीमारी नहीं होती। लेकिन बार-बार हो रही बीमारी में इनकी भूमिका होता है।

क्या आपका टूथब्रश भी आपको बीमार बना रहा है
सम्भवतः नहीं। चाहे कितने भी जीवाणु आपके मुँह में रहें या आपके टूथब्रश द्वारा वहाँ पहुँचे हैं, आपके शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षण क्षमता के कारण मञ्जन करने से कोई संक्रमण नहीं होगा।

शौचालय में मञ्जन न करें
ज्यादातर बाथरूम छोटे होते हैं। और कई घरों में टॉयलेट टूथब्रश रखे जाने वाले बाथरूम सिंक के काफी नजदीक होता है। शौच के बाद फ्लश चलाने पर हवा में जीवाणुओं की बौछार उठती है। और आप कभी भी अपने खुले टूथब्रश के पास इस प्रकार की बौछार पसन्द नहीं करेंगें। इसलिये अपने टूथब्रश को टॉयलेट से दूर रखने में ही समझदारी है।

टूथब्रश होल्डर
फ्लश के बाद उठे बौछार से अक्सर पास ही में रखे टूथब्रश होल्डर पर जीवाणु हवा द्वारा पहुँच कर चिपक जाते हैं। वास्तव में टूथब्रश होल्डर घर का तीसरी सबसे गन्दी वस्तु होती है।

टूथब्रश को रखने के सुझाव
- हर बार के प्रयोग के बाद टूथब्रश को नल के पानी से अच्छी तरह से धुलें।
- उसे सूखा रखें क्योंकि जीवाणुओं को नम वातावरण पसन्द होता है। यह सुनिश्चित करें को आपको दो बार के मञ्जन के बीच टूथब्रश पूरी तरह से सूख सके।
- टूथब्रश को सीधा खड़ा करें। अपने टूथब्रश को बेंड़ा रखने की बजाय टूथब्रश होल्डर में सीधा खड़ा करें।
- हमेशा व्यक्तिगत टूथब्रश का प्रयोग करें। चाहे आप अपने बहन, भाई, पत्नी या संगी-साथी के कितने ही करीब न हों, कभी भी उनके टूथब्रश का प्रयोग न करें।
- अपने टूथब्रश को अन्य लोगों के टूथब्रश के साथ एक ही कप में भी न रखें।
- जब भी टूथब्रश आपस में छूते हैं वे आपस में कीटाणु बदलते हैं

टूथब्रश को कब बदलें
आपको हर तीन से चार महीने पर अपना टूथब्रश फेंक देना चाहिये। अगर रेशे फैल गये हों, आप बीमार हों या फिर आपका प्रतिरक्षण तनत्र कमजोर हो तो और भी जल्दी बदलना चाहिये।

मुँह की सफाई का ध्यान रखें
जीवाणुओं से मसूढ़ों के रोग, क्षरण और साँस में बदबू होती है। इन जीवाणुओं को हटाने के लिये सही अन्तराल पर मञ्जन करना और फ्लॉसिंग करना सुनिश्चित करें। मञ्जन करने से पहले किसी प्रतिजैविक माउथवाश से कुल्ला करने से जीवाणु आपके टूथब्रश में नहीं जा पायेंगें।



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