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मेडिटेशन करते वक्त रखें इन बेसिक बातों का ख्याल
मूलभूत बातें जिनका अनुकरण आपको मेडिटेशन (ध्यान) के दौरान करना चाहिए
क्या 20 मिनिट मेडिटेशन करने से तनाव और चिंता खत्म हो जाती है? क्या इससे आपको खुशी और शांति मिल सकती है तथा क्या इससे लम्बे समय तक आपका स्वास्थ्य अच्छा रह सकता है?
अधिकाँश वैज्ञानिक अध्ययनों और खोजों से पता चला है कि हाँ निश्चित रूप से ऐसा हो सकता है। मेडिटेशन एक प्राचीन और आध्यात्मिक अभ्यास है जो कई वर्षों पहले विकसित हुआ है तथा यह तनाव, चिंता और अवसाद को कम करने में सहायक है। यह आपकी संज्ञानात्मक क्षमताओं की भी देखभाल करता है तथा आपके कार्य स्थान पर आपके प्रदर्शन को उत्कृष्ट बनाता है। यदि आप सुस्ती या अन्य किसी गंभीर स्थिति से ग्रस्त हैं तो हो सकता है कि शायद आप ध्यान नहीं कर रहे।
आखिर क्या फायदे हैं मेडीटेशन के
हालाँकि जीवन को बदलने के लिए अभी देर नहीं हुई है! यदि आप आज से ही ध्यान करना प्रारंभ करते हैं तो मैं गारंटी देता/देती हूँ कि आपका सारा तनाव और चिंता गायब हो जाएगी। इससे आप अंदर से खुशी और शांति महसूस करेंगे। यहाँ कुछ मूलभूत बातें बताई गयी हैं जिनका अनुसरण मेडिटेशन की तैयारी करते समय करना चाहिए

1. सुविधाजनक समय चुनें:
सबसे पहली और महत्वपूर्ण बात यह है कि आप वह समय चुनें जो आपके लिए सुविधाजनक हो।
आपको सलाह दी जाती है कि आपको यह सुबह जल्दी करना चाहिए! इस समय हर चीज़ शांत और शांतिपूर्ण होता है। वास्तव में सुबह के समय मौसम हमेशा खुशनुमा होता है।

2. सुविधाजनक स्थान ढूंढें:
आप चाहे तो अपना बेडरूम चुन सकती हैं। यदि आपके घर में बगीचा या लॉन है तो आप वहां भी ध्यान कर सकती हैं। जब तक आप शोर शराबे से दूर रहते हैं तब तक आप मेडिटेशन प्रभावी रूप से कर सकते हैं।

3. अपने पेट को खाली रखें:
पेट भरा होने पर आप मेडिटेशन नहीं कर सकते। इस प्रकार मेडिटेशन करने से कोई फ़ायदा नहीं होता। यदि आप खाना खाने के बाद मेडिटेशन करते हैं तो आप वास्तव में बीच में सो जाते हैं। खाना खाने के बाद ज़बरदस्ती मेडिटेशन न करें। दोपहर या रात के खाने के दो घंटे बाद का समय मेडिटेशन के सबसे अच्छा होता है।

4. मेडिटेशन के लिए स्वयं को तैयार करें:
सबसे पहले तो जूते न पहनें। केवल ढीले ढाले कपड़े पहनें। टाइट कपड़ों (कसे हुए कपड़े) में आप अच्छी तरह से सांस नहीं ले पाएंगे। एक मैट (चटाई) लें तथा इसे ज़मीन पर बिछा दें।
शांति से बैठें तथा अपने हाथों को अपने घुटनों पर रखें। पालथी मारकर बैठें।

5. ध्यान केंद्रित करें:
यदि आप आसानी से विचलित हो जाते हैं तो दो मिनिट के लिए ध्यान केंद्रित करने का प्रयत्न करें। प्रारंभ में ऐसा करना आसान नहीं होगा परन्तु यदि आप थोडा समय देंगे और धैर्य रखेंगे तो यह आसान हो जाएगा। एक बार आप ध्यान केंद्रित करने में निपुण हो गए तो आप किसी भी प्रकार का मेडिटेशन आसानी से कर सकते हैं।

6. मेडिटेशन:
आपको अपनी आँखें अपनी भंवों के बीच स्थान पर रखनी चाहिए। आप भगवान के साथ इस प्रकार बात कर सकते हैं जैसे वह आपका बहुत निकट का मित्र हो। आप भगवान को धन्यवाद देकर तथा उसकी प्रशंसा करके प्रारंभ कर सकते हैं।

1. इससे आपको खुशी मिलती है:
आप प्रसन्नता का अनुभव करेंगे। मेडिटेशन आपकी भावनाओं पर प्रभाव डालता है तथा आपको जीवन की छोटी से छोटी खुशी का आनंद उठाने में मदद करता है। दूसरे शब्दों में आप ऐसे व्यक्ति बन जाते हैं जो ज़िन्दगी से प्यार करने लगते हैं तथा हर चीज़ की तारीफ़ करने लगते हैं।

2. आप भावनाओं को नियंत्रित कर सकते हैं:
आप अपनी भावनाओं को संतुलित करना सीख जाते हैं। मेडिटेशन आपकी भावनाओं को उपयोग में लाने में सहायक होता है। इसके द्वारा आप अपने परिवार और मित्रों के साथ अपने संबंध बढ़ा सकते हैं।

3. आपके ध्यान केंद्रित करने का स्तर बढ़ता है:
मेडिटेशन से आपका ध्यान करने का स्तर बढ़ता है। कई लोग ऐसे हैं जो अक्सर यह शिकायत करते हैं कि वे ज़्यादा समय तक किसी बात पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते। स्पष्ट रूप से वे मेडिटेशन नहीं कर रहे हैं। यदि वे नियमित तौर पर इसका अभ्यास करेंगे तो किसी भी बात पर ध्यान देना कोई कठिन काम नहीं है।

4. आपको ऊर्जावान बनाता है:
इससे आपको ऊर्जा मिलती है। क्या आप जानते हैं कि मेडिटेशन आराम करने का एक तरीका है? जी हाँ, जब आपका शरीर नियमित तौर पर आराम करता है तो दिन भर किये जाने वाले कठिन कामों के लिए वह स्वयं को तैयार करता है।

5. आप ईश्वर का अनुभव ले सकते हैं:
आप ईश्वर के निकट आ जाते हैं। मेडिटेशन एक सही मार्ग है जिसके द्वारा आप भगवान के साथ संबंध स्थापित कर सकते हैं। वास्तव में यह वह समय होता है जब आप भगवान के साथ अकेले समय बिता सकते हैं।

6. इससे आपको शांति मिलती है:
मेडिटेशन की सहायता से आप अपने जीवन में शांति और समाधान प्राप्त कर सकते हैं। आप इस बात को तभी समझेंगे जब आप मेडिटेशन करना प्रारंभ करेंगे।



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