क्या धूम्रपान से प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है?

By Super

ऐसी अनेक बीमारियां हैं जो कि धूम्रपान से जुडी हुई हैं| यह न केवल धूम्रपान करने वाले को बल्कि उसके परिवार को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है| हृदय रोग, फेफड़ों का कैंसर, टीबी आदि अनेक बीमारियां हैं जो कि स्मोकिंग से होती हैं| लेकिन क्या आप जानते हैं कि धूम्रपान से आपकी प्रजनन क्षमता समाप्त होती है|

धूम्रपान छोड़ने के आसान तरीके

यह सच है दुनियाभर के शोधकर्ताओं ने पाया है कि धूम्रपान से प्रजनन क्षमता पर प्रभाव पड़ता है| चाहे पुरुष हो या महिला सभी में काफी हद तक स्मोकिंग से प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है| न केवल प्राइमरी स्मोकर्स में अपितु सेकेंडरी और पैसिव स्मोकर्स में भी इसका बड़ा खतरा है| चाहे आप धूम्रपान करें या आपका पार्टनर लेकिन दोनों में प्रजनन क्षमता पर समान प्रभाव पड़ता है|

 1. धूम्रपान के प्रभाव

1. धूम्रपान के प्रभाव

धूम्रपान से प्रजनन क्षमता कैसे प्रभावित हो सकती है? जब आप सिगरेट पीते हैं तो इसको शरीर में ग्रहण कर इसका अवशोषण करते हैं| जब यह अवशोषित हो जाती है तो यह असर दिखाती है| हम आपको धूम्रपान से पुरुषों और महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर होने वाले कुछ परिणाम बता रहें है|

2. शुक्राणुओं की संख्या में कमी

2. शुक्राणुओं की संख्या में कमी

शुक्राणुओं की संख्या अधिक होने पर गर्भवती होने की सम्भावना अधिक रहती है| लेकिन जब इनकी संख्या कम होती है तो निषेचन की सम्भावना बहुत कम रहती है|

3. शुक्राणुओं में कम गतिशीलता

3. शुक्राणुओं में कम गतिशीलता

इससे तात्पर्य शुक्राणु की तैरने की क्षमता से है| यदि शुक्राणु ठीक प्रकार स्विम कर पाते हैं तो अंडे के साथ निषेचन की सम्भावना अधिक रहती है| तैरने की क्षमता कम होने पर बहुत कम शुक्राणु अंडे तक पहुँच पाते हैं जिससे निषेचन नहीं हो पाता है|

4. अंडे के ट्रांसपोर्टेशन में बाधा

4. अंडे के ट्रांसपोर्टेशन में बाधा

धूम्रपान से प्रजनन पर प्रभाव पड़ता है यदि अंडे को फैलोपियन ट्यूब से गर्भ तक जाने में परेशानी होती है| यदि अंडा गर्भ तक नहीं पहुँच पाता है तो निषेचन की कोई सम्भावना नहीं होता है|

5. डीएनए का क्षतिग्रस्त होना

5. डीएनए का क्षतिग्रस्त होना

धूम्रपान से डीएनए के क्षतिग्रस्त होने की सम्भावना भी रहती है| यदि किसी शुक्राणु या अंडे का डीएनए क्षतिग्रस्त होता है तो निषेचन के अवसर कम रहते हैं| और यदि निषेचन हो भी जाता है तो गर्भपात की सम्भावना बनी रहती है|

 6. स्तंभन दोष

6. स्तंभन दोष

जब किसी व्यक्ति में यह समस्या होती है तो वह ठीक प्रकार सम्भोग नहीं कर पाता है| स्तंभन दोष में स्मोकिंग का बड़ा योगदान रहता है इसलिए यह प्रजनन क्षमता के लिए हानिकारक है |

7. हार्मोन्स का असंतुलन

7. हार्मोन्स का असंतुलन

अनेक केमिकल्स के शरीर में प्रवेश करने से पुरुष और महिला दोनों के हार्मोन्स प्रभावित होते हैं| हार्मोन्स प्रभावित होते हैं तो प्रजनन क्षमता को भारी क्षति होती है|

8. मासिक धर्म का जल्दी बंद होना

8. मासिक धर्म का जल्दी बंद होना

धूम्रपान से महिलाओं में अण्डों का आकार कम रहता है और ये पनप नहीं पाते हैं| इन अण्डों का स्थान नए अंडे नहीं ले पाते हैं जिससे मासिक धर्म जल्दी बंद हो जाता है और गर्भवती होने की सम्भावना बहुत कम हो जाती है|


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