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एकपाद उत्तानासन - पाचन को बेहतर तथा पेट को सही रखने का आसन
एकपाद उत्तानासन को एक पैर पर खड़ी मुद्रा के नाम से भी जाना जाता है जो कि पेट तथा जंघा की मांसपेशियों को दुरूस्त रखने के लिये किया जाता है। इसके अलावा यह अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिये भी अच्छा आसन है। इससे वक्ष खुल जाता है और पूरा श्वसन तन्त्र जीवन्त हो जाता है जिससे कि शरीर के सभी भागों में ऑक्सीजन की भरपूर मात्रा पहुँच जाती है। यह आसन शरीर में लचीलापन भी लाता है और आपके कूल्हे की मांसपेशियों को लचीला बनाने के साथ-साथ शरीर के निचले हिस्से को मजबूत भी बनाता है। रातों को नींद ना आती हो तो करें ये प्रभावशाली योगासन
यह इस बात पर निर्भर करता है कि आसन को कैसे किया जा रहा है क्योंकि एकपाद उत्तानासन पाचन को सुधारने के साथ-साथ सेक्स से सम्बन्धी अंगों की भी मालिश करता है जिससे वे स्वस्थ रहते हैं। इसके अलावा अगर आप माहवारी की समस्याओं से ग्रस्त हैं तो यह आसन बिल्कुल सटीक होता है।

आसन करने के चरण
1- फर्श पर टाँगों को फैला कर लेट जायें जिससे कि आपके हाथ बगल में रहें।
2- ध्यान रखें कि आपका शरीर बल्कुल शान्त रहे।
3- अब अपने दाहिने पैर को खींचे जिससे कि सभी मांसपेशियाँ खिचें।
4- इसके बाद आप गहरी साँस लेकर पैर को शरीर के लम्बवत उठायें। ऐसा तेजी से न करें क्योकि पीठ को क्षति हो सकती है।
5- ऐसी अवस्था में 6 सेकण्ड तक रूकें और साँस भी रोके कखें।
6- धीरे -धीरे पैर को नीचे करते हुुये शुरूआती अवस्था में जाते हुये साँस को वापस छोड़ें। 6 साँसों के लिये रूके और फिर यही बाँयें पैर के साथ करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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