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स्वस्थ रहना है तो खुलकर हंसें
आईएएनएस| पुरानी कहावत है कि खुश रहने और खुल कर हंसने से बीमारी दूर रहती है। भारत में फैले लगभग 10,000 लाफ्टर क्लब इस बात के सबूत हैं, कि यह सिर्फ कहावत नहीं, बल्कि सच्चाई है। हास्य योग गुरु जीतेन कोही कहते हैं कि उनके यहां योग के साथ 15 से 20 मिनट तक समूह में हंसने का व्यायाम कराया जाता है और इसके लिए किसी चुटकुले या लतीफे की आवश्यकता नहीं पड़ती।
कोही ने आईएएनएस को बताया, "शरीर में मौजूद कुछ रसायनों में सकारात्मक बदलाव सिर्फ खुल कर हंसने से संभव होता है। लेकिन यदि आप आसन में पर्याप्त समय नहीं देते तो इसका असर नहीं हो पाता है।" उन्होंने कहा, "यह आसन उन लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद है, जो तनाव में रहते हैं।"

गुड़गांव के फोर्टीज हॉस्पीटल में वरिष्ठ सलाहकार मनोविज्ञानी राहुल चंडोक कहते हैं कि इन दिनों लोग काम के दबाव को लेकर तनाव में रहते ही हैं, साथ ही दिन भर की भाग-दौड़ और यातायात जैसे कारक भी तनाव को बढ़ाते हैं।
चंडोक ने आईएएनएस से कहा, "बड़े शहरों में लोगों को दिन में कई कई घंटे यात्रा करनी पड़ती है। लोग परिवार और खुद के लिए कम ही समय निकाल पाते हैं। इन्हीं सब बातों से तनाव पैदा होता है।" दूसरी तरफ, कड़ी प्रतिस्पर्धा के इस दौर में हर कोई दूसरों से तुलना करता है, इससे तनाव बढ़ता है।
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कोही कहते हैं कि उन्होंने हास्य योग केंद्र की शुरुआत वर्ष 2000 में की, क्योंकि उन्हें लगा कि इंसानी दिल-दिमाग को तरोताजा रखने वाली खुशी और हंसी कहीं विलुप्त हो गई है। उन्होंने कहा, "जैसे जैसे उम्र बढ़ती है, हम हंसना भूल जाते हैं। कई लोग हंसने की क्रिया भी व्यायाम की तरह करते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए, हमें बच्चों की तरह खुल कर हंसना चाहिए। दिमाग पर बातों का जोर नहीं पड़ने देना चाहिए। इससे तनाव कुछ कम हो सकता है।"
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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