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किचन में मौजूद दस प्राकृतिक दर्द निवारक ...
आप जानते हैं कि सही आहार लेने से आपके शरीर को सभी खनिज, विटामिन और पोषक तत्व उचित मात्रा में मिलते हैं। कुछ पदार्थ ऐसे हैं जो आपकी दैनिक परेशानियों जैसे हिचकी आना, खुजली, जलन आदि को कम कर देते हैं।
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हालाँकि यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि गंभीर स्थिति में डॉक्टर का परामर्श आवश्यक है। यदि आपको स्वास्थ्य से संबंधित छोटी मोटी कुछ समस्याएं हैं तो नीचे 10 वस्तुएं बताई गयी हैं जिनका उपयोग किया जा सकता है।
किचन में मौजूद दस प्राकृतिक दर्द निवारक ...

मासिक धर्म दर्द के लिए अदरक
पारंपरिक चीनी औषधि 2000 से अधिक वर्षों से अदरक पर विश्वास रखती है। अदरक से रक्त का प्रवाह बढ़ता है तथा मांसपेशियों की सूजन कम होती है जिसमें गर्भाशय की वे मांसपेशियां भी शामिल होती हैं जहाँ से ऐंठन उत्पन्न होती है। मूल तथा पूरक चिकित्सा पद्धति में भी यह पाया गया है कि माहवारी के दौरान होने वाले दर्द में अदरक बहुत लाभदायक है (अधिक अनुसंधान की आवश्यकता है)। अपनी माहवारी के इस समय को सहन करने योग्य बनाने के लिए अदरक युक्त चाय का सेवन करें।

मूत्रमार्ग से संबंधित बीमारियों के लिए कैनबेरीज़
कैनबेरीज़ में प्रोनथोसियानिडिंस होता है। यह एक यौगिक होता है जो मूत्रमार्ग में संक्रमण(यू.टी.आई.) पैदा करने वाले बैक्टीरिया की रोकथाम करने में सहायक होता है। ई कोलाई भी मूत्रमार्ग मे होने वाले संक्रमण को रोकने में सहायक है। यह संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया को ब्लेडर की दीवार से चिपका देता है। यदि आपको पहले से ही यूटीआई है तो शायद कैनबेरीज़ इसे ठीक न कर पायें परन्तु यह आपको भविष्य में होने वाले संक्रमण से बचने में सहायक होगा। लगभग 20 प्रतिशत महिलाएं जिन्हें एक बार यूटीआई हो चुका है उन्हें पुन: यह संक्रमण होने की संभावना होती है जिसे रोकने के लिए आपको एक दिन में एक या दो गिलास 20 प्रतिशत शुद्ध कैनबेरी जूस पीना चाहिए

पीएमएस के लिए कैल्शियम से समृद्ध आहार
क्या आपको माहवारी आने के पहले मूड बदलना और चिडचिडाहट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है? आप अकेली ऐसी नहीं हैं। लगभग 85 प्रतिशत महिलायें प्रतिमाह कम से कम एक पीएमएस से ग्रसित होती हैं। अच्छी बात यह है कि आप अपने आहार में सुधार करके आप इन लक्षणों को कम कर सकते हैं। डॉक्टर रोज़र के अनुसार "ऐसा देखा गया है कि पीएमएस से प्रभावित लोगों के रक्त में कैल्शियम का स्तर कम होता है।" राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के अनुसार एक वयस्क को प्रतिदिन लगभग 1000 मिलीग्राम कैल्शियम का सेवन करना चाहिए। शायद आप जानते हैं कि डेयरी उत्पाद कैल्शियम से समृद्ध होते हैं परन्तु इसके अलावा बादाम, ब्रोकोली, हरी पत्तेदार सब्जियां, मछली आदि में भी कैल्शियम पाया जाता है।

एक्ज़िमा के लिए ओटमील
नाश्ते में खाया जाने वाला यह खाद्य पदार्थ त्वचा पर होने वाले खुजली को कम करता है। ओटमील रेशेस को कम करता है क्योंकि इसमें फ़ोटोकेमिकल्स होते हैं जिनमें जलनरोधी गुण पाया जाता है। न्यूयॉर्क शहर की त्वचा विशेषज्ञ कविता मरिवाल्ला बताती हैं कि 1/3 कप सादे ओटमील को पीसें तथा इसका पावडर बनायें। इस पावडर को गुनगुने पानी में डालें तथा उसे हाथ से तब तक हिलाएं जब तक पानी दूधिया न हो जाए। इसे नहाते समय शरीर पर लगायें। अन्य विकल्प: ¼ कप ओटमील तथा पर्याप्त पानी मिलकर पेस्ट बनायें तथा इसे दस मिनिट तक त्वचा पर लगाकर रखें।

ड्राई स्किन के लिए सी सॉल्ट
आपको अपने घुटनों, कुहनियों और एड़ियों के खुरदुरेपन को दूर करने के लिए महंगे उत्पादों की आवश्यकता नहीं है। सी सॉल्ट से घर पर बनाया हुआ स्क्रबर ही बहुत उपयोगी होता है। सी सॉल्ट एक अच्छे एक्स्फोलियेटर की तरह कार्य करता है क्योंकि इसके कण कुछ मोटे होते हैं जो सूखी त्वचा को स्वच्छ करते हैं। अच्छा होगा कि इस स्क्रबर को संवेदनशील भागों जैसे चेहरे और आपके हाथों के पीछे के भाग पर न लगायें। यह ऐसी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है जिसे ज़्यादा एक्स्फोलियेट करने की आवश्यकता न हो।

सूजी हुई आँखों के लिए खीरा
खीरे के ठंडे टुकड़ों को आँखों पर रखना मूर्खतापूर्ण दिख सकता है परन्तु आँखों की सूजन दूर करने का यह एक बहुत पुराना उपाय है। खीरे जिसमें लगभग 95 प्रतिशत पानी होता है आँखों को ठंडक पहुंचाता है जिसके कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती है तथा सूजन कम होती है। यही कारण है कि आइस पैक की तुलना में खीरे अधिक उपयोगी होती है। आँखों को ताज़ा दिखाने के लिए इसे केवल 10 मिनिट तक अपनी आँखों पर रखें।

कब्ज़ के लिए आलू बुखारे
सूखे हुए प्लम्स में प्रचुर मात्रा में अघुलनशील फाइबर होता है जो कब्ज़ से लड़ने में प्रमुख रूप से सहायक है। अघुलनशील फाइबर पानी में नहीं घुलता तथा यह अधिक मात्रा में ठोस अवशिष्ट बनता है जिससे अवशिष्ट पदार्थों को पाचन तंत्र से निकाला जा सके। दिन में एक आलू बुखारे से शुरुआत करें तथा यदि इससे कोई फर्क न पड़े तो इसकी मात्रा दो तक बढ़ाएं।

हिचकियों के लिए शक्कर
जब आपको हिचकियाँ आती हैं तब आपके डायफ्राम में ऐंठन की श्रृंखला उठती है परन्तु आप अपनी जीभ के नीचे थोड़ी सी शक्कर रखकर इसे रोक सकते हैं। मीठा स्वाद बहुत अधिक तीव्र होता है जो वेगास तंत्रिका को उत्तेजित कर देता है। यह आपके शरीर की सबसे लंबी कपाल तंत्रिका होती है जो आपके ब्रेन स्टेम से प्रारंभ होती है तथा वहां तक विस्तृत होती है जहाँ डायफ्राम पेट पर नियंत्रण करता है। जब तक हिचकियाँ बंद न हो जाएँ तब तक शक्कर को अपनी जीभ के नीचे रखें तथा फिर इसे निगलें जिससे आपके गले का पिछला भाग भर जाए।

हार्टबर्न के लिए सेब
प्रतिक्रियात्मक पदार्थ जैसे सोड़ा, उच्च वसा युक्त मांस तथा तले हुए पदार्थ जिनसे एसिडिटी हो, न खाएं। एक ऐसा खाद्य पदार्थ जिसे अपने आहार में अवश्य शामिल करें वह है सेब। सेब में पेक्टिन नामक घुलनशील फाइबर होता है जो पेट में बनने वाले एसिड को अवशोषित कर लेता है।

संक्रमण के लिए हल्दी
हल्दी को भारत में पवित्र पावडर माना जाता है जिसका उपयोग संक्रमण रोकने और घावों को ठीक करने के लिए किया जाता है। इसमें कर्कुमिन नामक यौगिक पाया जाता है। ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें कर्कुमिन पाया जाता है उनमें जलनरोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो क्लींजिंग (सफ़ाई) और हीलिंग (घाव भरना) में सहायक होते हैं। यदि आपकी दवाईयों की आलमारी में एंटीबायोटिक मरहम नहीं है तो अपनी खरोच या घाव पर थोड़ी सी हल्दी लगायें। परन्तु यह केवल छोटे मोटे घावों के लिए ही ठीक है।



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