Latest Updates
-
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी -
किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह
ई-सिगरेट से भी फेफड़ों को खतरा
(आईएएनएस)| सिगरेट की लत छुड़ाने के लिए ई-सिगरेट का चलन आम है, लेकिन ई-सिगरेट में अलग-अलग फ्लेवर के लिए इस्तेमाल होने वाला पदार्थ भी आपके फेफड़ों की कार्यप्रणाली में गड़बड़ी पैदा कर सकता है।
एक नए अध्ययन में इसका खुलासा हुआ है कि फ्लेवर पैदा करने के लिए इस्तेमाल होने वाले इन पदार्थो के कारण फेफड़ों के अहम कोशिकीय कार्यप्रणाली में बदलाव आने लगता है।
READ: इलेक्ट्रानिक सिगरेट पीने से पड़ता है फेफड़ो पर बुरा असर
अध्ययनकर्ताओं ने जिन 13 फ्लेवर पर परीक्षण किया उनमें से पांच का फेफड़ों पर बुरा प्रभाव पाया गया।

शोध की मुख्य लेखिका अमेरिका के नॉर्थ कैरोलीना विश्वविद्यालय की टेंपरेंस रोवेल के अनुसार, "ई-सिगरेट से निकलने वाले धुएं में मौजूद विभिन्न रासायनिक यौगिकों के फेफड़े पर पड़ने वाले प्रभाव से लोग अमूमन अनजान होते हैं।"
READ: ई-सिगरेट से किशोरों में बढ़ रही निकोटीन की लत
उन्होंने कहा, "मानव फेफड़ों के एपीथीलियल उत्तकों पर किए गए अध्ययन में हमने पाया कि 13 फ्लेवरों में से पांच फ्लेवरों के कारण बड़ी संख्या में उत्तकों की व्यावहारिकता और विषाक्तता पर बुरा प्रभाव पड़ता, हालांकि यह ई-सिगरेट लेने की मात्रा पर भी निर्भर करता है।"
अध्ययन के तहत कृत्रिम मानव फेफड़ों के एपीथीलियल उत्तकों को ई-सिगरेट के 13 फ्लेवरों के संपर्क में 30 मिनट तक या 24 घंटों तक रखा गया।
READ: धूम्रपान छोड़ने के आसान तरीके
रॉवेल का कहना है, "सुगंधित ई-सिगरेट के इस्तेमाल के बढ़ रहे प्रचलन को देखते हुए उनमें इस्तेमाल होने वाली चीजों के बारे में बेहतर जानकारी, उनसे स्वास्थ्य को होने वाले संभावित जोखिम और इस तरह जोखिम के कारणों के बारे में प्रसार की जरूरत है।"
यह अध्ययन डेनवर में हुए अमेरिकन थोरासिक सोसायटी इंटरनेशनल कान्फ्रेंस में प्रस्तुत की गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications