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नाखून चबाने से होती है ये बीमारियां, पेट के संक्रमण की है मुख्य वजह
नाखून चबाने की आदत एक सबसे गंदी आदत मानी जाती है। यह बुरी आदत बच्चों में सबसे आम होती है लेकिन बड़ों को भी अपने नाखून चबाते हुए अक्सर देखा जा सकता है। इस आदत को छुड़ाने के लिये आप अपने नाखूनों को मैनीक्योर करवा सकती हैं। मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि नेल बाइटिंग दरअसल बच्चों और युवाओं में मानसिक तनाव और ऑवसेसिव कंपलसिव डिसऑर्डर का लक्षण है। वे सचेत करते हैं, नेल बाइटिंग से गंभीर किस्म की संक्रामक बीमारियों का खतरा तो रहता ही है, दूसरा नाखून चबाने से नाखूनों का शेप बदल जाता है और इनकी खूबसूरती भी बिगड़ सकती है।
नाखून चबाने के स्वास्थ्य पर कई बुरे प्रभाव पड़ सकते हैं इसलिए इसे जितनी जल्दी हो सके छोड़ दें।जानिए, नाखून चबाने के सेहत से जुड़ी कौन सी स्वास्थ्य समस्याओं का रिस्क अधिक होता है।

हो सकता है डर्मेटोफिजिया
‘द सन' की एक रिपोर्ट के अनुसार, लगातार बचपन से इस नाखून चबाने की लत के शिकार लोग डर्मेटोफिजिया नामक बीमारी से ग्रस्त हो जाते हैं। डर्मेटोफिजिया स्किन की एक ऐसी बीमारी है जो एक बार शुरू हो जाएं तो ठीक नहीं होती। बार-बार घावों के बनने से सलाइवा के बैक्टीरिया के कारण इंफैक्शन इतना बढ़ जाता है कि नसों को नुकसान पहुचता है, जिससे यह डैमेज भी हो सकती है। हर 7 में से 2 लोग इस बुरी लत से प्रभावित हैं।

त्वचा होती है खराब
नाखून चबाने से आस पास की त्वचा पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे त्वचा के कोशिकाओं को क्षति पहुंचती है। पर ऐसा तब नहीं होता जब नाखूनों को नेलकटर से काटा जाता है। इससे काफी खून निकलता है और संक्रमण का भी खतरा रहता है।

नाखूनों पर बुरा प्रभाव
जब आप लंबे समय तक नाखून चबाते हैं, तब आपकी उंगलियां लाल पड़ जाती हैं और नाखून अंदर की ओर धंस जाते हैं। यह दर्द भी करते हैं। अपने हाथों और मुंह को कहीं दूसरी जगह पर व्यस्त रखें।

हो सकता है बैक्टीरियल इंफेक्शन
आपके नाखूनों में बैक्टीरिया रहते हैं जिसे आप हर वक्त अपने दांतों तले दबा कर रखते हैं। शोधों के अनुसार, नाखून उंगलियों से दोगुने गंदे होते हैं इसलिए इनमें बैक्टीरिया की आशंका भी अधिक होती है। ऐसे में नाखून चबाते वक्त ये मुंह के रास्ते शरीर में प्रवेश करते हैं और संक्रमण हो जाता है।

दांत हो जाते है खराब
लगातार दांत चबाते रहने से दांत खराब हो जाते हैं। नाखूनों से निकलने वाली गंदगी दांतों को समय के साथ-साथ कमजोर बनाने में बड़ा रोल निभाती है। लगातार नाखून चबाते रहने से दांतों की जगह भी शिफ्ट हो सकती है।



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