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रूमेटॉइड आर्थराइटिस डाइट - रखें इन चीज़ों से परहेज

रूमटॉइड आर्थराइटिस के उपचार में आहार का बहुत महत्व होता है। रूमटॉइड आर्थराइटिस बहुत ही जटिल और पुरानी बीमारी है जिसमें शरीर के कई तंत्र शामिल होते हैं।
रूमटॉइड आर्थराइटिस के आयुर्वेदिक उपचार में पंचकर्म और आयुर्वेदिक दवाईयों के साथ साथ आहार संबंधित सलाह भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।
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क्योंकि रूमटॉइड आर्थराइटिस बहुत लंबे समय तक चलने वाली बीमारी इसके आहार संबंधी प्रतिबन्ध भी लंबे समय तक चलते हैं।
रूमेटॉइड आर्थराइटिस आहार योजना से निम्नलिखत लाभ होते हैं:
- जोड़ों के दर्द, अकडन और सूजन को कम करने में सहायक
- जठरांत्र के स्वास्थ्य को ख़राब होने से बचने में सहायक
- अमा को बनने से रोकने में सहायक – ऐसी स्थिति जब पाचन और चयापचय के खराबी आ जाती है, आयुर्वेद के अनुसार रूमटॉइड आर्थराइटिस का प्रमुख कारण यही है।
- कफ़ और वात के असंतुलन को रोकने में सहायक जिसके ख़राब होने पर अकडन, दर्द और सूजन बढ़ जाती है।

1. दही:
रूमटॉइड आर्थराइटिस में दही नहीं खाना चाहिए क्योंकि यह पेट के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।

2. मछली:
मछली का सेवन नहीं करना चाहिए। परन्तु कुछ शोध लेखों से पता चलता है कि इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड एइकोसपेन्टेनॉइक (ईपीए) और डोकोसाहेक्ज़ाएनोइक एसिड (डीएचए) होते हैं जो अकडन, दर्द और सूजन को कम करते हैं।

3. पालक
हरी पत्तेदार सब्जी जिसे भारतीय पालक कहा जाता है का सेवन न करें।

4. ठंडा पानी
दूषित पानी, ठंडा पानी, फ्रोज़न खाद्य पदार्थ - इनके सेवन से वात और कफ़ बढ़ता है दर्द और अकडन बढ़ती है।

5. विरोधी खाद्य पदार्थ
विरोधी खाद्य पदार्थ खाना जैसे - फिश (मछली) के साथ दूध आदि।

6. काला चना
काला चना नहीं खाएं।

7. प्राकृतिक इच्छाओं को टालना:
इससे वात बढ़ता है। इस अवधारणा को समझने के लिए फ्रेज़ पर क्लिक करें। इससे वात बढ़ता है जो रूमटॉइड आर्थराइटिस के लिए अच्छा नहीं है।

9. ऐसे खाद्य पदार्थ जो पचने में भारी हों
गहरे तले हुए पदार्थ, जंक फ़ूड, ऐरेटेड ड्रिंक्स (कार्बन डाईऑक्साइड युक्त पेय) आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।



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