Latest Updates
-
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: सपनों को पूरा करने का हौसला देते हैं डॉ. कलाम के ये 10 प्रेरणादायक विचार -
Jaya Parvati Vrat Katha: जया पार्वती व्रत में जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद -
Jaya Parvati Vrat 2026: जया पार्वती व्रत आज से शुरू, जानें पूजा मुहूर्त, विधि और महत्व -
National Parents Day 2026 Wishes: आपकी उंगली पकड़कर चलना सीखा...पेरेंट्स डे पर माता-पिता को भेजें ये खास संदेश -
Kargil Vijay Diwas 2026 Wishes: तिरंगे की शान...कारगिल विजय दिवस के मौके पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश
सोशल मीडिया घटाता है तनाव: श्ाोध
(आईएएनएस)| आप अगर अपना तनाव कम करना चाहते हैं, तो सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताएं। एक नए शोध के अनुसार, ऑनलाइन या सोशल मीडिया पर ज्यादा वक्त गुजारने वालों को उच्च तनाव नहीं होता।
'टाइम' पत्रिका ने शोध के हवाले से कहा कि कम तकनीक प्रेमियों की तुलना में इंटरनेट, सोशल मीडिया और मोबाइल उपयोगकर्ताओं में तनाव का स्तर ज्यादा नहीं था।
प्यू रिसर्च सेंटर ने एक सर्वेक्षण कराया है, जो 1,801 वयस्क अमेरिकियों पर आधारित है। इस सर्वेक्षण में पाया गया है कि सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताने वाली महिलाएं अपेक्षाकृत कम तनाव में हैं।

रट्गर्स यूनिवर्सिटी के विद्वान एवं शोध लेखक कीथ हैम्पटन ने कहा, "दूसरों की जिंदगी और उनकी अप्रिय घटनाओं के बारे में जानकर लोग स्वयं पर ज्यादा तनाव महसूस करते हैं।
फेसबुक पर सक्रिय महिलाएं अपने करीबी दोस्तों की जिंदगी की तनावपूर्ण घटनाओं के बारे में 13 फीसद और परिचितों की जिंदगी की तनावपूर्ण घटनाओं के बारे में 14 फीसद अधिक परिचित हैं।
पुरुष अपने दोस्तों के जीवन की तनावपूर्ण घटनाओं के बारे में आठ फीसद और परिचितों की जिंदगी की तनावपूर्ण घटनाओं के बारे में छह फीसद अधिक अवगत हैं।
सोशल मीडिया द्वारा सिखाये जाने वाले 5 सबक
महिलाओं को दूसरों के दुख या तकलीफ के बारे में अक्सर तस्वीरें साझा करने की ऑनलाइन साइट से पता चलता है। वहीं, पुरुषों को इसकी जानकारी अक्सर मैसेज, ईमेल और लिंक्डइन से मिलती है।
रट्गर्स यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर कीथ हैम्पटन ने कहा, "ऐसी तमाम अटकलें हैं कि दूसरों की एक्टीविटीज से अनजान न रह जाएं, इस डर को दूर करने के लिए सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं पर ऑनलाइन व सक्रिय रहने का दबाव होता है।"
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications