Latest Updates
-
मोहिनी एकादशी पर जन्में बच्चों के लिए 200+ सबसे सुंदर और संस्कारी नाम अर्थ सहित, देखें लिस्ट -
माता-पिता सावधान! गोलगप्पे खाने से गई 6 साल के बच्चे की जान, जानें गर्मी में फूड पॉइजनिंग के लक्षण -
आम ही नहीं इसकी गुठली में भी छिपे हैं बेशुमार फायदे, पेट की समस्याओं से स्किन एलर्जी तक को जड़ से मिटाए -
पारा पहुंचा 40°C पार, नोएडा के स्कूलों का बदला समय, बच्चों को लू से बचाने के लिए अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय -
Delhi-NCR School Summer Vacation 2026: दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद में कब से होंगी गर्मी की छुट्टियां -
Mohini Ekadashi Sanskrit Wishes: दिव्य संस्कृत श्लोकों और संदेशों से अपनों को दें मोहिनी एकादशी की शुभकामना -
Mohini Ekadashi Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है मोहिनी एकादशी का व्रत, यहां पढ़ें संपूर्ण व्रत कथा -
Mohini Ekadashi Wishes: श्रीहरि का आशीर्वाद मिले...मोहिनी एकादशी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 27 April 2026: मोहिनी एकादशी पर मालव्य योग का महासंयोग, इन 4 राशियों पर होगी धनवर्षा -
शरीर में अगर हैं ये 5 समस्याएं तो भूलकर भी न खाएं तरबूज, बढ़ सकती है परेशानी
कैल्शियम की कमी को दूर करने के 10 प्राकृतिक घरेलू उपाय

क्या आपको कभी बिना किसी कारण के हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द महसूस होता है? आप बाम और स्प्रे लगाकर दर्द ठीक करने का प्रयत्न करते हैं परन्तु दर्द फिर भी बना रहता है और आपको रोज़मर्रा के सामान्य कामों को करने में भी समस्या महसूस होने लगती है।
ऐसी स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए क्योंकि कैल्शियम की कमी के कारण इस तरह की समस्या हो सकती है। कैल्शियम शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण खनिज है। हमारे दांतों और हड्डियों में 99% कैल्शियम होता है।
यदि शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है तो हड्डियां कमज़ोर और नाज़ुक हो जाती हैं। इससे हड्डी टूटने का खतरा (फ्रेक्चर) अधिक रहता है। शरीर के लिए कैल्शियम की आवश्यक मात्रा इस प्रकार है: वयस्क तथा बुजुर्गों के लिए प्रतिदिन 1000-1300 मिग्रा., किशोरों के लिए प्रतिदिन 1300 मिग्रा., बच्चों के लिए प्रतिदिन 700-1000 मिग्रा, तथा एक वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए 250-300 मिग्रा. प्रतिदिन।
सभी उपलब्ध उपचारों के अलावा प्राकृतिक घरेलू उत्पाद भी अच्छे उपचार हैं जो शरीर में कैल्शियम का स्तर बढ़ाने के लिए उत्तम होते हैं तथा ये कृत्रिम स्त्रोतों की तुलना में अधिक अच्छे माने जाते हैं।
घरेलू उपचारों का एक लाभ यह है कि इसमें जडी बूटियों को प्राकृतिक रूप में उपयोग में लाया जाता है जिसमें कोई मिलावट नहीं होती तथा इन उपचारों का कोई दुष्परिणाम भी नहीं होता। यहाँ कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए 10 घरेलू उपचारों के बारे में बताया गया है। आइए देखें:

1. आंवला (अम्लाक्की):
आंवला में एंटीऑक्सीडेंट के गुण पाए जाते हैं। आंवले में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इसे फल के रूप में भी खाया जा सकता है या पानी में उबालकर भी इसका सेवन किया जा सकता है।

2. तिल:
कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए कैल्शियम एक अच्छा उपचार है। एक टेबल स्पून में लगभग 88 मिग्रा. कैल्शियम होता है। इसे पीसकर पाउडर के रूप में भी खाया जा सकता है या इसे सूप, सीरियल्स या सलाद में मिलाकर भी खाया जा सकता है।

3.दूध:
दूध कैल्शियम का सबसे उत्तम स्त्रोत है। एक कप गर्म दूध लें तथा उसमें एक चम्मच भुने हुए तिल का पाउडर मिलाएं। इसे अच्छे से मिलाएं तथा पीयें। इसे दिन में तीन बार पीने से अच्छे परिणाम मिलेंगे।

4.जीरा:
एक गिलास पानी उबालें तथा इसमें एक टीस्पून जीरा मिलाएं। इसे ठंडा होने के बाद अच्छे से मिलाएं। इस पानी को दिन में कम से कम दो बार पीयें। इससे शरीर में कैल्शियम की कमी दूर होगी।

5. अदरक:
एक गिलास पानी उबालें। इसमें अदरक के 1-2 टुकड़े डाले तथा कुछ देर तक उबालें। इसे छान लें तथा इसका स्वाद अच्छा बनाने के लिए इसमें अपने स्वाद के अनुसार शहद मिलाएं।

6. अश्वगंधा:
अश्वगंधा एक प्राचीन जडी बूटी है। यह अपने एंटीऑक्सीडेंट और प्रदह्नाशे गुणों के लिए जानी जाती है तथा शरीर में कैल्शियम की कमी को दूर करने में सहायक है।

7. गुग्गुल:
गुग्गुल एक आयुर्वेदिक हर्बल घटक है जो शरीर में कैल्शियम की कमी को दूर करता है। नियमित तौर पर लगभग 250 मिग्रा. से 2 ग्राम तक गुग्गुल का सेवन करने से शरीर में कैल्शियम की कमी दूर होती है।

8. दही:
दही में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। प्रतिदिन एक कप दही का सेवन करने से शरीर के लिए आवश्यक कैल्शियम की पूर्ति हो जाती है। एक कप दही में 250-300 मिग्रा. कैल्शियम होता है।

9. गुडूची (गिलोय, अमृतवल्ली):
इसकी पत्तियों का सेवन किया जा सकता है या पत्तियों को सुखाकर इसके पाउडर का उपयोग भी किया जा सकता है। केवल पत्तियां ही नहीं बल्कि इसकी जड़ और तने को भी सुखाकर पाउडर के रूप में इसका उपयोग किया जा सकता है।

10. रागी:
रागी एक प्रकार का अनाज होता है जिसमें कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसे अनाज के रूप में या इसके आटे का सेवन किया जा सकता है। प्रतिदिन एक कप रागी का सेवन करने से शरीर में कैल्शियम की कमी नहीं होती।



Click it and Unblock the Notifications