क्‍यूं होता है सिरोसिस और क्‍या है इससे बचने के नैचुरल तरीके

लीवर सिरोसिस एक गंभीर बीमारी है जो कभी कभी घातक साबित हो जाती है। सिरोसिस में लिवर से संबंधित कई समस्याओं के लक्षण एक साथ देखने को मिलते हैं। इसमें लिवर के टिशूज क्षतिग्रस्त होने लगते हैं।

By Lekhaka

लीवर सिरोसिस एक गंभीर बीमारी है जो कभी कभी घातक साबित हो जाती है। सिरोसिस में लिवर से संबंधित कई समस्याओं के लक्षण एक साथ देखने को मिलते हैं। इसमें लिवर के टिशूज क्षतिग्रस्त होने लगते हैं।

आमतौर पर ज्यादा एल्कोहॉल के सेवन, खानपान में वसा युक्त चीजों, नॉनवेज का अत्यधिक मात्रा में सेवन और दवाओं के साइड इफेक्ट की वजह से भी यह समस्या हो जाती है।

इसके अलावा लिवर सिरोसिस का एक और प्रकार होता है, जिसे नैश सिरोसिस यानी नॉन एल्कोहोलिक सिएटो हेपेटाइटिस कहा जाता है, जो एल्कोहॉल का सेवन नहीं करने वालों को भी हो जाता है।

 Causes Of Liver Cirrhosis And Natural Ways To Cure It

एल्कोहोलिक होने की वजह से लिवर की बीमारियां बढ़ी हैं जिससे देश में 25से 64 आयु वर्ग के लोग सबसे ज्यादा मौत के शिकार होते हैं।

ऐसा माना जाता है कि जिन लोगों को हेपेटाइटिस बी और सी इन्फेक्शन होता है उन लोगों में लिवर सिरोसिस होने के 85 प्रतिशत ज्यादा संभावना होती है। फैटी लिवर से भी लिवर सिरोसिस होने की संभावना होती है। हालांकि इस बीमारी से निपटने के कुछ प्राकृतिक तरीके हैं जिससे लिवर सिरोसिस ठीक किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें- लीवर की खराबी होने के 8 लक्षण

सिलीमरिन एक पदार्थ होता है जो मिल्क थीस्ल प्लांट में पाया जाता है जिससे लिवर स्वस्थ होने लगता है। बर्डोक रुट, डंडेलिओन और रेड क्लोवर से लिवर में ठीक से रक्तप्रवाह होता है जिससे लिवर पहले की तरह काम करने लगता है।

liver

अल्फला में विटामिन के पाया जाता है जिससे पाचन तंत्र अच्छा रहता है यही नहीं इससे खून बहना बंद हो जाता है जो की विटामिन के की कमी से होता है जो सिरोसिस की बीमारी में बहुत आम बात है। एलोवेरा से भी आपका पाचन तंत्र अच्छा रहता है। सुबह शाम एक कप एलोवेरा जूस पीने से लिवर स्वस्थ होने लगता है।

vitamin

विषाक्त पदार्थों के लिवर में जमा रहने से यह पेट और गुर्दे में पहुचने लगता है। इसलिए हमेशा अपना पेट साफ़ रखें क्यों कि कब्ज़ की वजह से लिवर को दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है।

अगर सिरोसिस गंभीर है, तो चौदह दिनों तक केवल ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें। साथ ही वह आहार लें जिसमें पोटेशियम की मात्रा ज्यादा पायी जाती हो जैसे केला, गुड़, डील्स, केल्प, प्रून या बेर, किशमिश, चावल और वीट ब्रान खाये। इसके साथ आप बादाम, ग्रेन्स और सीड्स, बकरी का कच्चा दूध और उसे बनी चीज़े खा सकते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Desktop Bottom Promotion