Latest Updates
-
इन 5 लोगों के लिए जहर है साबूदाना, व्रत में भूलकर भी न करें सेवन -
Sawan 2026 Last Somwar: सावन के आखिरी सोमवार पर करें ये खास उपाय, बरसेगी भोलेनाथ की कृपा -
दिल्ली-NCR में मूसलाधार बारिश का अलर्ट: 19 राज्यों में IMD की चेतावनी, घर से निकलने से पहले पढ़ें ये जरूरी गाइड -
Putrada Ekadashi Vrat Katha: पुत्रदा एकादशी पर जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, पूरी होगी संतान से जुड़ी हर कामना -
Putrada Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की भक्ति...इन संदेशों से अपनों को दें पुत्रदा एकादशी की शुभकामनाएं -
Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
कौन हैं क्रिकेटर मेधावी बिधूड़ी? ‘6-7’ सेलिब्रेशन के बाद इंटरनेट पर हुईं वायरल, खूबसूरती के दीवाने हुए फैंस -
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल?
गर्मियों में पिएं घड़े से पानी, दूर होंगे पेट के सभी रोग
क्या आप जानते हैं कि जो लोग मटके का पानी पीते हैं वह कभी बीमार नहीं पड़ते। कहा गया है कि मटके या घड़े का पानी वास्तव में अमृत के समान है क्योंकि इसका पानी सेहत के लिहाज से बहुत फायदेमंद है।
पुराने जमाने में जब हमारे घरों में फ्रिज नहीं हुआ करती थी, तब गर्मियों में गले की प्यास बुझाने के लिये हम मटके या सुराही के पानी का सेवन किया करते थे।
लेकिन आज के इस मॉर्डन जमाने में जहां लोंगो के घरों में बड़ी-बड़ी फ्रिज आ चुकी हैं, वहां उन्होंने मटके के पानी का सेवन करना बंद कर दिया है।
पर क्या आप जानते हैं कि जो लोग मटके का पानी पीते हैं वह कभी बीमार नहीं पड़ते। कहा गया है कि मटके या घड़े का पानी वास्तव में अमृत के समान है क्योंकि इसका पानी सेहत के लिहाज से बहुत फायदेमंद है। अगर आपको यकीन नहीं हो रहा है तो अभी पढ़ें इस आर्टिकल को....

कैसे ठंडा रहता है पानी
मिट्टी के बने मटके में बहुत ही छोटे-छोटे छेद होते हैं, जो कि नंगी आंखों से नहीं देखे जा सकते। पानी का ठंडा होना वाष्पीकरण की क्रिया पर निर्भर करता है। जितना ज्यादा वाष्पीकरण होगा, उतना ही ज्यादा पानी भी ठंडा होगा। इन छोटे छेदों द्वारा मटके का पानी बाहर निकलता रहता है। गर्मी के कारण पानी वेपर बन कर उड़ जाता है। वेपर बनने के लिए गर्मी यह मटके के पानी से लेता है। इस पूरी प्रक्रिया में मटके का तापमान कम हो जाता है और पानी ठंडा रहता है।

पानी को मौसम अनुसार ठंडा रखे
मिट्टी के बर्तन में पृथ्वी के गुण आ जाते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मटका, पानी को जलवायु के आधार पर ठंडा रखता है, जिससे शरीर को कोई नुकसान नहीं होता।

गले के लिये फयदेमंद
फ्रिज का पानी ज्यादा ठंडा होने के कारण गले को नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं घडे का पानी गले पर नर्म प्रभाव छोड़ता है। यदि आप धूप से आ कर मटके का पानी पीते हैं तो आप कभी बीमार नहीं पड़ेंगे।

प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ती है
जब आप प्लास्टिक के बोतल में पानी भर कर कई घंटों तक रखते हैं तब उसमें प्लास्टिक के गुण आ जाते हैं। ऐसे ही जब मिट्टी के मटके में पानी रखा जाता है, तो उसमें मिट्टी के गुण बढ जाते हैं, जिससे कि प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा मिलता है।

पेट की एसिडिटी मिटाए
घड़े के पानी में मिट्टी के क्षारीय गुण विद्यमान होते है। क्षारीय पानी की अम्लता के साथ प्रभावित होकर, उचित पीएच संतुलन प्रदान करता है। इस पानी को पीने से एसिडिटी नहीं होती और पेट दर्द से छुटकारा भी मिलता है।

गभर्वती महिलाओं के लिये अमृत
गर्भवती महिलाओं को फ्रिज का पानी छोड़ कर मटके का ही पानी पीना चाहिये। इनमें रखा पानी न सिर्फ उनकी सेहत के लिए अच्छा होता है, बल्कि पानी एक सौंधापन भी लिये हुए होता है। जिसको पीने से महिलाओं का मन अच्छा होता है।

पेट की गैस से छुटकारा
गर्मियों में लोग फ्रिज का या बर्फ का पानी पीते है, इसकी तासीर गर्म होती है। यह वात भी बढाता है। मटके का पानी बहुत अधिक ठंडा ना होने से वात नहीं बढाता, इसका पानी संतुष्टि देता है।

ऐसे रखें पानी को ठंडा
मटके को एक मज़बूत मेज़ पर खिड़की के पास रखें। हवा से पानी ठंडा होता है। गर्मी के महीनों में मटके के चारों ओर गीला कपड़ा लगाकर रखें ताकि पानी जल्दी ठंडा हो सके।

लू लगने से बचाए
गर्मियों में लू बहुत लगती है, जिससे घडे का पानी हमें सुरक्षा प्रदान करता है।

इसमें नहीं होता घातक कैमिकल
कई सारी प्लास्टिक बोतलों में घातक कैमिकल जैसे बीपीए आदि समाए हुए होते हैं, जो कि इंडोक्राइन का काम रोकते हैं।



Click it and Unblock the Notifications