Latest Updates
-
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं
एलर्जिक राइनाइटिस से राहत पाने के 9 आयुर्वेदिक उपचार
वैसे इस समस्या से निपटने का एक आसान तरीका एलर्जी से बचना है इसके अलावा, आयुर्वेद के अनुसार, कुछ खाद्य पदार्थ हैं जो इस इस स्थिति से निपटने में मदद करते हैं।
एलर्जी राइनाइटिस (Allergic rhinitis) यानि नाक से संबंधित एलर्जी एक आम समस्या है। नाक के मार्ग की बाधा, पानी का स्राव, आंखों में खुजली, खराश और बहना, तेज छींक, आंखों में आँसू और बुखार इस समस्या के लक्षण हैं।
ये एलर्जी घर की धूल और पालतू या अन्य जानवरों की वजह से हो सकती है। ये जरूरी नहीं है कि इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप हर बार एंटीबायोटिक दवाओं का ही सहारे लें। बल्कि आप आयुर्वेदिक दवाओं से भी राहत पा सकते हैं।

वैसे इस समस्या से निपटने का एक आसान तरीका एलर्जी से बचना है इसके अलावा, आयुर्वेद के अनुसार, कुछ खाद्य पदार्थ हैं जो इस इस स्थिति से निपटने में मदद करते हैं।

1) तुलसी-
इसमें यूजेनॉल तत्व होता है जिस वजह से तुलसी को एक औषधीय जड़ी बूटी माना जाता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जिस वजह से यह एलर्जी के लक्षणों को कम करके आपको बेहतर सांस देते हैं। इसके लिए आप तुलसी के पत्तों की चाय बनाकर पी सकते हैं।

2) नीम-
इसमें एंटी बैक्टीरियल और एंटी वायरल गुण होते हैं जिस वजह से ये किसी भी तरह की एलर्जी और माइक्रोबियल इन्फेक्शन के इलाज के लिए उपयोगी है।

3) अश्वगंधा-
अश्वगंधा मानव शरीर के सामान्य स्वास्थ्य के लिए उचित है। यह प्रतिरक्षा में सुधार करता है और टी-कोशिकाओं को आक्रमणकारियों की पहचान करने और उन्हें लड़ने में मदद करता है।

4) दालचीनी-
दालचीनी एक प्राकृतिक औषधि है जो नाक के लिए बेहतर है। यह श्वास को आसान बनाता है और बलगम के स्राव को रोकने में मदद करता है हालांकि, इसका इस्तेमाल लंबी अवधि तक नहीं करना चाहिए।

5) हल्दी-
इसमें एंटी एलर्जिक, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। यह सभी तत्व राइनाइटिस से लड़ने में मदद कर सकते हैं। शहद और हल्दी का मिश्रण नाक के लिए सबसे अच्छा है।

6) आंवला-
अमला विटामिन सी का एक समृद्ध स्रोत है और इससे इम्युनिटी बढ़ती है। यह एंटी एलर्जिक होता है और सूजन को रोक सकता है। यह तब भी फायदेमंद होता है, जब बीमारी पित्त चरण में होती है। त्रिफला पाउडर, जिसमें से आमला एक प्रमुख घटक है, राइनाइटिस के लिए बेहतर चीज है।

7) लिकरिस-
इससे कफ को रोकने में मदद मिल सकती है। इसका एंटी हिस्टामीन प्रभाव भी पड़ता है। आप बेहतरीन प्रभावों के लिए शहद और हल्दी मिश्रण में एक चुटकी डाल ले सकते सकते हैं।

8) अदरक-
अदरक सूजन को कम कर सकता है, गले में गले को शांत कर सकता है और चयापचय में सुधार करने के लिए एक बायोहेंसर के रूप में कार्य करता है।

9) प्याज-
छोटे प्याज में उच्च एंटी वायरल गुण होते हैं। इसे गुड़ के साथ मिलाकर इसे कुछ समय के लिए छोड़ दें। इस मिश्रण से राइनाइटिस से राहत मिलती है।



Click it and Unblock the Notifications
