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दिवाली को बनाना है हैप्पी तो अस्थमा के मरीज़ रखें इन बातों का ख्याल
दिवाली भारत का सबसे बड़ा त्योहार है और इसे हर कोई मनाना भी चाहता है। इस दिन सारी फैमिली एक साथ इकठ्ठा होती हैं और खुशियां मनाती हैं।
घर में दिये जलते हैं और ढेर सारी मिठाइयों से लोग अपना मुंह मीठा करते हैं। इसके अलावा इस रात पटाखे भी काफी जलाए जाते हैं क्योकि यह दिवाली का एक अभिन्न हिस्सा है। लेकिन वे बेचारे क्या क्या करें जिन्हे सांस की बीमारी यानी अस्थमा है।
पटाखों से निकला जहरीला धुआं तुरंत ही सांस की नली में चला जता है जिससे रोगी को परेशानी होना शुरु हो जाती है। दिवाली वह समय भी है जब मौसम मे काफी परिवर्तन होते हैं, जिस कारणवश दमा के रोगी को काफी पेशानियों का सामना करना पड़ता है।

अगर आप अस्थमा के मरीज हैं तो त्योहार पर आपको रोज़ से ज्यादा अपना ख्याल रखने की जरूरत है। क्योंकि त्योहार पर आपकी थोड़ी सी लापरवाही आपको बीमार कर सकती है।
वे बच्चे जिनकी उम्र 6 से 12 के बीच की है उन्हें इसका ज्यादा रिस्क रहता है। पटाखों में केमिकल्स होते हैं, जो हवा में जाकर वातावरण को प्रदूषित करते हैं। यही हवा जब दमा व अस्थमा के पेशंट लेते हैं तो उन्हें सांस लेने में तकलीफ होती है।
आज हम अस्थमा के रोगियों के लिये दिवाली में प्रदूषण से बचने के लिये कुछ टिप्स ले कर आए हैं जिससे वो बीमार न पड़े।

घर की सफाई ना करें
दिवाली पर घर चमकाने के चक्कर में ना फंसे। घर की साफ सफाई से दूर रहें, हो सके तो सफाई के लिए वर्कर्स की सहायता लें। धूल-मिट्टी अस्थमा के मरीजों के लिये काफी हानिकारक हो सकता है।

बाहर जाने से बचें
दिवाली के दिन बहुत ज्यादा धुंआ और प्रदूषण होता है इसलिये अच्छा है कि आप जहां पर जहां पर पटाखे ज्यादा जलाए जा रहे हों उस जगह पर जाने से बचें। और अगर आप जाना भी चाहत हैं तो अपने चेहरे पर मास्क लगाकर या रुमाल ढककर जाएं जिससे धूंआ आपकी सांस अंदर ना जाए।

रूमाल या स्कार्फ साथ में रखें
इस दिन अपने हाथ में रूमाल जरुर कैरी करें जिससे आप अपना मुंह और नाक बंद कर सकें। इससे पटाखे का धुंआ आपके शरीर में नहीं जाएगा।

इंहेलर पास में ही रखें
इस दिन तो भूल कर भी इंहेलर को अपने से दूर ना रखें। जब भी तबियत अजीब सी लगे तो इंहेलर का प्रयोग कर लें।

भाप लें और सिकाई करें
आप चाहें तो घर में भाप भी ले सकते हैं, इससे आपक फेफड़े खुलेंगे और आपको सांस लेने में मदद मिलेगी। पूरा दिन अपने पास गुनगुने पानी की एक बोटल रखें। यदि आपको सांस लेने मे तकलीफ हो तो इस बोतल से सीने या पीठ की सिकाई करें।

ऑइली फूड से दूर रहें
हां, हमे पता है कि यह दिवाली का सीज़न है और आप भला तले भुने और मीठे खाने से कैसे दूर रह सकते हैं। लेकिन ज्यादा खाने से बचें और ऑइली फूड तो भूल कर भी ना छुएं नहीं तो आपकी सांस और भी ज्यादा फूलेगी।

दवा जरुर लें
समय पर दवा लेना ना भूलें वरना आपका स्वास्थ बिगड़ सकता है।

बाहर का नहीं बल्कि घर का खाएं
जी हां, दिवाली के चक्कर में अगर आप सोच रहे हैं कि बाहर जा कर चटर पटर खाएंगे तो ऐसा ना करें। दिन में चार से छ बार खाना खाएं और हमेशा घर का ही बना हुआ खाएं। इससे आप स्वस्थ महसूस करेंगे।

सिगरेट और ड्रिंक से दूर रहें
इस दिन आप जितना हो सके उतना सिगरेट और ड्रिंक से दूर रहें। अच्छा होगा कि आप इसके लिये अपने डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि स्मोकिंग करने से भी सांस फूलती है।

किन-किन को रहना चाहिये सतर्क
दिवाली में हर किसी को उतनरा खतरा नहीं होता जितना कि दिल के रोगी, अस्थमा, हाईपरटेंशन, मोटापे और डॉयबिटीज वालों को होता है।



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