ये जड़ी बूटियां मलेरिया से लड़ने में करेंगी आपकी मदद

यहां कुछ ऐसी जड़ीबूटियों के बारे में बता रहेंं है जो मलेरिया से लड़ने में आपकी मदद करती हैं।

By Super Admin

मलेरिया एक संक्रामक बीमारी है तथा यह किसी को भी हो सकता है। उल्टी, मतली, ठंड लगना, मांसपेशियों में दर्द, थकान, सिरदर्द और बुखार इस बीमारी के कुछ लक्षण हैं। यदि किसी व्यक्ति में ये लक्षण नज़र आएं तो 24 घंटों के भीतर उसे चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। देर ना करें क्यों या बीमारी बिना किसी डॉक्टरी इलाज के ठीक नहीं की जा सकती।

हालांकि कुछ घरेलू उपाय भी सहायक साबित हो सकते हैं। परंतु सबसे पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। नीचे मलेरिया से लड़ने में आपकी मदद करने वाली कुछ जड़ीबूटियां दी गई हैं।

चिरायता

चिरायता

इस जड़ी बूटी का वैज्ञानिक नाम सर्तिया-ऑरोग्राफिस पैनिकुलटा है। यह मलेरिया से लड़ने व बुखार को कम करने में मदद करती है। इसे बनाने के लिए एक गिलास पानी में 15 ग्राम चिरायता, एक छोटी दालचीनी और थोड़े लौंग डालकर उबालें। फिर इस पानी को थोड़ा-थोड़ा करके सुबह-शाम पिएं।

कटकरंज

कटकरंज

इस नुस्खे को आज़माने के लिए थोड़े से कटकरंज के बीज लें। एक कप पानी में 5-6 ग्राम कटकरंज के बीज डालें फिर इस पानी को बुखार चढने से 2 घंटे पहले और बुखार उतर ने 2 घंटे बाद पिएं।

 धतूरा

धतूरा

धतूरा के पत्तों को मलेरिया के उपचार में इस्तेमाल किया जाता है। इन पत्तों को पीस कर गुड के साथ मिलाकर इनकी छोटी गोलियां बनाई जाती हैं। गोली को बुखार चढने से पहले लिया जाता है।

आर्टेमिशिया एन्‍नुआ

आर्टेमिशिया एन्‍नुआ

इस जड़ीबूटी का दूसरा नाम स्वीट व्रमवुड है। इस जड़ी बूटी को थोड़े देर के लिए पानी में रखें और फिर छान कर पानी को पी लें।

तुलसी

तुलसी

तुलसी के पत्तों को रगडकर उसमें एक चुटकी काली मिर्च का पाउडर मिलाकर खाएं। यह तरीका बुखार को कम करेगा।

इमली

इमली

एक गिलास पानी में 2 चम्मच इमली को उबालें। उबले हुए पानी को छान कर पिएं। यह उपाय मलेरिया के कारण हो रहे सिरदर्द व बुखार से निजात दिलाएगा।

Desktop Bottom Promotion