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मानसून में फंगल इन्फेक्शन के इलाज के लिए 4 आसन घरेलू इलाज
इससे सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित होते हैं। इससे निपटने के लिए आपको डॉक्टर के पास जाना जरूरी नहीं है। आप कुछ घरेलू उपायों के जरिए भी इससे राहत पा सकते हैं।
मानसून के दौरान स्किन रैशेष होना आम बात है। इस स्थिति में त्वचा में खुजली और जलन होती है। इस मौसम में हुमिडिटी बढ़ने की वजह से फंगल का खतरा भी होता है जिससे स्किन रैशेष होते हैं।
इससे सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित होते हैं। इससे निपटने के लिए आपको डॉक्टर के पास जाना जरूरी नहीं है। आप कुछ घरेलू उपायों के जरिए भी इससे राहत पा सकते हैं।

1) कोल्ड कॉम्प्रेस
अगर रैशेष ब्लिस्टर यानि फुंसी बन जाते हैं, तो कोल्ड कॉम्प्रेस का इस्तेमाल करना सबसे सही है।
ऐसे बनाएं कोल्ड कॉम्प्रेस- एक प्लास्टिक बैग में बर्फ के टुकड़े भरें और उसके चरों ओर एक साफ कपड़ा लपेट दें।
ऐसे करें इस्तेमाल- इससे प्रभावित हिस्से पर कम से कम 15 मिनट तक दबाव डालें।
इससे ऐसे राहत मिलती है- कोल्ड कॉम्प्रेस से प्रभावित हिस्से के नीचे सेल्स का मेटाबोलिज्म धीमा हो जाता है और यह नर्व एंडिंग से ब्रेन को भेजे गए दर्द के संकेतों को रोक देता है जिससे मरीज को आराम मिलता है।

2) नीम
नीम के पत्तों का विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए, विशेष रूप से स्किन रैशेष के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
ऐसे करें इस्तेमाल- नीम के कुछ पत्तों को कम से कम दस मिनट तक उबाल लें। इसके बाद इस पानी से नहा लें।
इससे ऐसे होता है इलाज- नीम के पत्तों में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं जिस वजह से इसके पानी से नहाने से शरीर की गंदगी साफ हो जाती है।

3) एलोवेरा
आप एलोवेरा के जूस को स्किन रैशेष के इलाज के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
ऐसे करें इस्तेमाल- एलोवेरा जूस को डायरेक्ट प्रभावित हिस्से पर लगाकर मसाज करें. इसे दिन में दो से तीन बार लगाएं।
इससे कैसे इलाज होता है- इसमें लैक्टोज और स्टेरोल होते हैं जो स्किन से जुड़ी समस्याओं के लिए शक्तिशाली स्रोत हैं।

4) सेब का सिरका
ऐसे करें इस्तेमाल- इसे पानी के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है। आप एक कॉटन की सहायता से इसे प्रभावित हिस्से पर लगा सकते हैं।
इससे ऐसे होता है इलाज- इसमें एंटीसेप्टिक, एंटीबैक्टीरियल और एंटिफंगल गुण होते हैं जिस वजह से इसका स्किन रैशेष और अन्य स्किन समस्याओं के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है।



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