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इन लक्षणों से पहचानें शरीर में बढ़ गया है हीमोग्लोबिन लेवल
यह तो आप सभी जानते हैं कि शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी या आयरन की कमी के कारण कई तरह की दिक्कतें होने लगती हैं। लेकिन आपको बता दें कि हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ जाना भी शरीर के लिए नुकसानदायक ही है और यह भी उतना ही नुकसानदायक है जितना हीमोग्लोबिन का कम होना।
जब आपके शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी होती है तो शरीर के बाकी अंगों में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है, इस अवस्था को एनीमिया कहा जाता है।

लेकिन जब हीमोग्लोबिन बढ़ जाता है तो आपका खून गाढ़ा हो जाता है और इससे ब्लड फ्लो धीमा पड़ जाता है। आपको बता दें कि पुरुषों में औसतन इसका लेवल 13.8 से 17.2 ग्राम प्रति डेसीलीटर होना चाहिये और वहीँ महिलाओं में यह आंकड़ा 12.1 से 15.1 के बीच होना चाहिये। नवजात शिशुओं में इसकी मात्रा 14 से 24 ग्राम प्रति डेसीलीटर के बीच रहता है।

ज्यादा हीमोग्लोबिन होने के कारण :
खून में ऑक्सीजन की मात्रा बहुत होने पर भी हीमोग्लोबिन का लेवल कम हो जाता है और इस अवस्था को हायपोक्सिया कहा जाता है। इसकी वजह से फेफड़ों और दिल से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा रहता है। यह समस्या ऊंचाई पर रहने वाले लोगों में ज्यादा पायी जाती है जहाँ ऑक्सीजन लेवल कम होता है।

लालिमा :
ऐसे लोगों का चेहरा और बाकी शरीर लाल दिखने लगता है। खासतौर पर उनके चेहरे, हाथ और पैर लाल नज़र आने लगते हैं।

थकान :
शरीर में जब रेड ब्लड सेल्स काउंट बढ़ जाता है तो उस दौरान आप कुछ भी काम करने पर थोड़ी देर में थक जाते हैं।

सिरदर्द :
हीमोग्लोबिन लेवल के बढ़ जाने पर सिरदर्द होना भी एक आम समस्या है।

नज़र धुंधलापन :
ऐसे लोगों की नज़र कमजोर पड़ने लगती है और कई बार उन्हें चीजें धुंधली नज़र आने लगती है।

पेट में दिक्कत :
पेट में अचानक दर्द महसूस होना या असहज महसूस करना भी हीमोग्लोबिन बढ़ने का लक्षण हो सकता है। इस अवस्था को पालीसिथेमिया कहते हैं। अगर पेट में बायीं तरफ प्रेशर महसूस हो या पेट भरा हुआ लगे तो बिना डेरी किये डॉक्टर से अपनी जांच करवाएं।

सोचने समझने की क्षमता पर प्रभाव :
जब शरीर में हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ जाता है तो ऐसे में इंसान की सोचने समझने की क्षमता पर बुरा असर पड़ता है और वो हर बात को लेकर कन्फ्यूजन में रहने लगता है।

ब्लीडिंग :
हीमोग्लोबिन बढ़ जाने के कारण नाक और मसूड़ों से खून निकलने की समस्या होने लगती है। अगर आप बार बार होने वाले ब्लीडिंग से परेशान हैं तो एक बार अपना चेकअप ज़रूर करवाएं।



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