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नेल पॉलिश लगाने के 10 घंटे बाद ही शरीर में होने लगते हैं ये परिवर्तन
वर्तमान में किये गए एक अध्ययन से पता चला है कि नेल पॉलिश लगाने के दो घंटे बाद ही नेल पॉलिश में उपस्थित केमिकल्स खून में प्रवेश कर सकते हैं।
लड़कियों को अपने नाखूनों को पेंट करना अच्छा लगता है और कोई भी इस बात को नकार नहीं सकता। क्या आप जानते हैं कि इसके कुछ गंभीर स्वास्थ्य परिणाम हो सकते हैं और यही समय है जब आपको इसे प्रतिदिन लगाने से बचना चाहिए?
वर्तमान में किये गए एक अध्ययन से पता चला है कि नेल पॉलिश लगाने के दो घंटे बाद ही नेल पॉलिश में उपस्थित केमिकल्स खून में प्रवेश कर सकते हैं।
इस अध्ययन में कुछ महिलाओं के मूत्र में डाईफिनाइल फॉस्फेट की जांच की गयी जिसका निर्माण तब होता है जब शरीर टीपीएचपी का चय्पचय करता है जो एक रासायनिक ज़हर है।
अध्ययन के अनुसार नेल पॉलिश लगाने के 10-14 घंटे बाद डीपीएचपी का सीरम स्तर दस गुना बढ़ गया।
विशेषज्ञ बताते हैं कि इन केमिकल्स के कारण इनफर्टिलिटी, हार्मोन्स से संबंधित कैंसर जैसे ब्रेस्ट, ओवेरियन, प्रोस्टेट तथा थाईराइड से संबंधित बीमारियाँ, मस्तिष्क की बीमारियाँ, डाइबिटीज और मोटापा आदि की संभावना बढ़ जाती है।
आगे हम देखेंगे कि किस तरह कुछ केमिकल्स खून में प्रवेश करते हैं और स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं उत्पन्न करते हैं। तो यह जानने के लिए आगे पढ़ें कि नेल पॉलिश किस प्रकार आपके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।

#1
आमतौर पर नाखून किसी भी अणुओं के लिए पारगम्य नहीं होते। परन्तु टीपीएचपी क्यूटिकल द्वारा या नाखून के आसपास के भाग द्वारा और त्वचा द्वारा सोख लिया जाता है।

#2
इन नेल कलर्स से एंडोक्राइन में रूकावट आने का खतरा होता है।

#3
इसके कारण नेल पॉलिश लगाने के बाद शरीर इन केमिकल्स को अधिक तीव्रता से सोख लेता है।

#4
श्वास के द्वारा या पाचन के माध्यम से ये केमिकल्स शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।

#5
कुछ नेल पेंट्स में यह केमिकल आवश्यक नहीं होता।

#6
कभी कभी यह प्लास्टीसीज़र की तरह काम करता है जो नेल पेंट की कार्यक्षम और इसे अधिक समय तक चलने वाला बनाता है।

#7
नेल पॉलिश में पाए जाने वाले कुछ अन्य केमिकल्स में फॉर्मेल्डिहाइड, डाईब्युटिल फ़थालेट और टोल्यूनि है।

#8
इन केमिकल्स से कई प्रकार की समस्याएं हो सकती है जैसे श्वसन संबंधी बीमारियाँ, बच्चे के जन्म से संबंधित बीमारियाँ तथा सुस्ती और सिरदर्द। नेल पॉलिश का आवश्यकता से अधिक उपयोग करने से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं।



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