Latest Updates
-
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया
किडनी की पथरी के इलाज के लिए ऐसे इस्तेमाल करें नींबू का रस
पथरी के छोटे छोटे टुकड़े तो मूत्रमार्ग से निकल जाते हैं लेकिन जो बड़ी टुकड़े नहीं निकल पाते, उनकी वजह से दर्द होता है।
किडनी की पथरी एक गंभीर समस्या है। कभी-कभी नमक, मिनरल्स और अन्य पदार्थ किडनी में जमा हो जाते हैं, जिसे किडनी की पथरी कहते हैं। किडनी की पथरी में कैल्शियम ऑक्सलेट या कैल्शियम फॉस्फेट है।
कुछ मामलों में किडनी की पथरी अपने आप निकल जाती हैं जबकि कुछ मामलों में दवा की आवश्यकता होती है।
पथरी के छोटे छोटे टुकड़े तो मूत्रमार्ग से निकल जाते हैं लेकिन जो बड़ी टुकड़े नहीं निकल पाते, उनकी वजह से दर्द होता है।
इस दर्द से राहत पाने के लिए आप कुछ प्राकृतिक उपचार अपना सकते हैं। ऐसा ही एक उपचार है, लेमन यानी नींबू का रस।
नींबू विटामिन सी, थायामिन, रिबोफ़्लिविन, पैंटोथेनीक एसिड, आयरन और मैग्नीशियम का एक अद्भुत संयोजन है। इसके अलावा इसमें फाइबर, विटामिन बी 6, कैल्शियम, पोटेशियम और तांबा, साथ ही फोलेट और पोटेशियम होते हैं। टेंजी का स्वाद इसमें मौजूद एसिटिक एसिड से आता है।
नींबू के रस में काफी उच्च मात्रा में सिट्रिक एसिड होता है जिसके प्रभाव से किडनी में मौजूद कैल्शियम और ऑक्ज़ालेट की पथरी घुल जाती है।

1) नींबू का रस
नींबू के रस में मौजूद साइट्रिक एसिड मूत्र की अम्लता को बढ़ाकर गुर्दे की पथरी के गठन को रोकने में मदद करता है। पोटेशियम साइट्रेट, गुर्दा की पथरी के उपचार के लिए सबसे उपयुक्त साइट्रिक एसिड का एक रूप है।
2 से 4 औंस नींबू का रस गुर्दा के स्वास्थ्य के लिए दैनिक आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त साइट्रिक एसिड प्रदान करता है। रस सीधे या गर्म पानी और शहद के साथ या नींबू पानी के रूप में लिया जा सकता है।

2) सेब के सिरका के साथ नींबू का रस
सेब का सिरका एसिटिक एसिड में समृद्ध है और इसलिए इसे किडनी की पथरी के उपचार के लिए नींबू के रस के साथ जोड़ा जा सकता है।
एक गिलास पानी के में आधा नींबू का रस, एक बड़ा चम्मच सेब का सिरका मिलाएं। इसे 2-3 घंटों के अंतराल में लिया जा सकता है। इससे गुर्दे की पथरी से संबंधित दर्द और लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है।

3) गेहूं के घास और तुलसी के साथ नींबू का रस
नींबू के रस की तरह तुलसी के पत्तों के रस में भी एसिटिक एसिड होता है। इसके अतिरिक्त, यह रक्त में यूरिक एसिड स्तर को कम करता है जिससे पथरी के गठन का खतरा कम हो जाता है। गेहूं का घास एक प्राकृतिक मूत्रवर्धक एजेंट है जो मूत्र प्रवाह बढ़ाता है, इसलिए पथरी को हटाने की संभावना तेजी से बढ़ जाती है।
एक गिलास गेहूं के रस में नींबू का रस और तुलसी के रस मिक्स करके दिन में दो बार पिएं।

4) जैतून के तेल के साथ नींबू का रस
जैतून का तेल गुर्दे की पथरी के दर्दनाक को कम करता है और उसकी निकासी को आसान बनाने के लिए ट्यूबों की भीतरी दीवार पर एक कोटिंग बनाता है।
¼ कप नींबू का रस और जैतून का तेल को अच्छी तरह मिक्स कर लें। इस मिश्रण को पानी के साथ पिएं। इस तकनीक को 3 दिनों तक या पथरी नहीं निकलने तक दोहराया जा सकता है।



Click it and Unblock the Notifications