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जानिए आपकी स्लीपिंग पोजीशन आपकी हेल्थ पर कैसे डालती है असर
हम सभी जानते हैं कि मानसिक और शारीरिक रुप से स्वस्थ रहने के लिए हमे पूरी नींद लेनी बहुत जरुरी है। हर रोज कितने घंटों की नींद लेना आवश्यक है ये एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति पर निर्भर करता है।
जिस तरह आपके सोने की अवधि आपके स्वास्थ्य को प्रभावित करती है वैसे ही आप किस स्लीपिंग पॉजिशन में सो रहे हैं वह भी आपके स्वास्थ्य पर असर डालता है। ऐसा हम नहीं कहते, बल्कि विज्ञान का मानना है। अगर आप अपने बाईं तरफ सोते हैं तो यह आपको बेहतर स्वास्थ्य की ओर ले जाता है। और अगर आप दाईं तरफ सोते हैं तो इससे आपको कई सारी बिमारियों का सामना करना पड़ सकता है।
इसी तरहस्लीपिंग पॉजिशन आपके स्वस्थ पर अच्छा और भूरा प्रभाव डालते हैं। आइये जानते हैं ऐसे ही अन्य प्रभावों के बारे में।

# 1 अपनी छाती के बल सोना
छाती के बल सोने से बचना चाहिये क्योंकि इससे आपकी लोअर बैक पर अतिरिक्त खिंचाव पड़ता है। और साथ ही गर्दन और कंधे की पॉश्चर भी ज्यादा जोर पड़ता है। इसके साथ ऐसे लोग बहुत चंचल होते हैं और अपनी बुराई सुन नहीं सकते हैं। यही नहीं इस तरह सोने नुक्सान ज्यादा फायदे कम है।

छाती के बल सोते के लाभ:
इससे आपका पाचन तंत्र बेहतर होता है, इसके साथ अगर आपको खर्राटे लेने की अददत है तो वह भी छाती के बल सोने से ठीक हो जाती है।
छाती के बल सोते के नुकसान:
अगर आप छाती के बल सोते हैं तो इससे लोअर बैक पर दबाव पड़ता है साथ ही गर्दन में खिचाव पैदा होता है। और लड़कियां बड़ी हो रहीं हैं छाती के बल सोने से उनके ब्रेस्ट ठीक से बढ़ नहीं पते हैं।
इससे कैसे बचे
- छाती के बल सोने के वक़्त बिलकुल पतली तकिया का प्रयोग करें इससे आपकी गर्दन में हाइपरफ्लोज़ोनियन नहीं होगा।
- दूसरा है कि आप एक लम्बी या पतली तकिया अपने एक तरफ लगा कर सोएं इससे आपको सांस लेने में दिकत नहीं होगी और गर्दन पर भी दबाव नहीं पड़ेगा।
- सीधे सोएं
- सीधी तकिया का प्रयोग करें इससे आपकी रीढ़ और गर्दन सीधी रहेगी।

# 2 बच्चे की तरह सोना
बच्चे की तरह सोने की मुद्रा फायदेमंद होती है क्योंकि ऐसे में आप रात में कभी भी आराम से करवट बदल सकते हैं, रीढ़ पर जोर नहीं पड़ता। ऐसे सोने वाले लोग सुबह उठाकर ज्याद तरोताजा महसूस करते हैं। जो लोग इस तरह सोने हैं वे बहार से बहुत कठोर दिखते हैं लेकिन अंदर से बहुत शर्मीले और मासूम होते हैं।

फायदे:
इस तरह सोने से सोते वक़्त खर्राटे नहीं आती हैं, और इस तरह से सोना गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी होता है जब बायीं तरफ सोती हैं।
नुकसान:
इस तरह सोने से आप अच्छे से सांस नहीं ले पाते हैं और जिन लोगों को गर्दन या पीठ में दर्द की शिकायत रहती है उनका दर्द और बढ़ सकता है।
कैसे बचे -

# 3 हाथों को फैला कर सोना
अगर आप आपने दोनों हाथों को फैला कर सोते हैं तो आप बहुत खुश मिजाज़ के इंसान हैं और आपको सबसे मिलना जुलना पसंद है। लेकिन इस तरह सोने से भी आपके स्वस्थ पर असर पड़ता है।
फायदे: इस तरह सोने से आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है और आप अच्छे से सांस ले ते हैं इससे आपको खर्राटे भी नहीं होती हैं।
नुकसान: इससे पीठ की नसों पर दबाव के कारण बाहों और कंधे में दर्द पैदा कर सकता है।

# 4 एक करवट ले कर सोना और एक हाथ बाहर की तरफ फैला कर रखना:
इस तरह सोने वाले लोग बहुत ही संदेह जनक होते हैं साथ ही यह रैशनल ज्यादा और इमोशनल कम होते हैं।
फायदे: इस तरह सोने से आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है जिससे आप पूरी तरह सांस ले पाते हैं और खर्राटे भी नहीं आती हैं।
नुकसान: इससे आपके एक तरफ कंधें में दर्द और हाथ की नसें सुनन हो जाती है।

# 5 पीठ के बल सोना
इसे सोल्जर स्लीपिंग पोजीशन भी कहते हैं यह निशानी है एक अनुशासित व्यक्ति की जो शांति को पसंद करता है।
इसके फायदे: यह आपकी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखती है और पेट में एसिड नहीं बने देती है क्योंकि यह अन्नमय और पेट को कम करती है।
नुकसान: जो लोग पीठ के बल सोते हैं, उनमें खर्राटे लेने की समस्या बढ़ जाती है और यहां तक कि स्लीप ऐप्निया के शिकार हो सकते हैं। क्यों कि इस तरह सोने से आपकी जीभ अंदर की तरफ चली जाती है।इसके अलावा, यह पीठ के निचले हिस्से दर्द को बढ़ा सकता है।

बचने का तरीका -
पीठ के दर्द से बचने के लिए तौलिये की तकिया बना कर सोएं इससे आपकी गर्दन और पीठ पर दबाव कम पड़ेगा।

# 6 स्टार फिश की तरह सोना
सोल्जर पोजीशन की तरह ही होती है लेकिन इसमें एक फर्क होता है कि इसमें व्यक्ति अपने दोनों हाथों को अपने सर के नीचे लगा कर सोता है। इससे यह साबित होता है कि ऐसे व्यक्ति के अंदर दूसरों की बात सुनने की अच्छी छमता होती है।

लाभ:
आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है
नुकसान:
इससे स्लीप एपनिया होता है जैसे खर्राटे , शरीर में एसिड बानां , और कंधे में ऐंठन।



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