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क्यूं अचानक से होने लगता है कमर दर्द, इन आयुर्वेदिक तरीकों से दूर करें दर्द को..

अक्सर लोग सोचते हैं कि कमर दर्द का कारण बढ़ती उम्र है लेकिन ऐसा जरूरी नहीं। कई बार गलत तरीके से उठने-बैठने, भारी वजन उठाने, चोट, गर्भावस्था या फिर और भी बहुत कारणों से कमर में दर्द हो सकता है। कमर दर्द में पीठ की मांसपेशियों में खिचाव, और तेज दर्द महसूस होता है। कमर दर्द होने के कई कारण हो सकते है वैसे तो लेकिन इससे बचने के लिए आपको एक जगह पर देर तक बैठने से बचना चाहिए।
कोशिश करें कि हल्का-फुल्का काम करते रहें लेकिन शारीरिक गतिविधियों के बिल्कुल बंद भी न करें। आइए जानते है कमर दर्द के कारण और इससे बचने के आयुर्वेदिक तरीकों के बारे में।

क्यों होती है कमर दर्द
कई बार कमर में होने वाले दर्द के कारण पता लगाना मुश्किल हो जाता है। सामान्य से लेकर इसके गंभीर कारण भी हो सकते हैं।
- अगर आपके शरीर का वजन बढ़ गया है तो आपको ये समस्या हो जाती है क्योंकि ऐसा होने से आपके शरीर का वजन बढ़ता है। इसका पूरी कमर पर होता है जिस कारण आपको कमर दर्द होने लगता है।
- आप कभी कभी सोते वक्त ऐसी पोजीशन में आ जाते है जो आपके शरीर के उल्टी दिशा में होता है। इससे आपको कमर दर्द की समस्या हो सकती है।
- अगर आपने कभी भारी वजन उठा लिया तो भी ये आपके लिए समस्या पैदा कर सकता है। इसलिए आपके पास जितना उठाने की क्षमता है उतना ही आप भार उठाएं और कमर दर्द की समस्या से बचें।
- गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय का आकार बड़ा हो जाता है। इस कारण मांसपेशियों में खिंचाव पैदा होता है, जिससे डिलीवरी के बाद कमर में दर्द का कारण बनता है।

कैल्शियम को आहार में जोड़े
शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरी करने के लिए डेयरी प्रॉडक्ट और कैल्शियम से भरपूर आहार खाएं। रोजाना 2 गिलास दूध जरूर पीएं। इसके अलावा हड्डियों की कमजोरी कमर दर्द का सबसे बड़ा कारण हैं हड्डियों की कमजोरी को दूर करने के लिए रोज सुबह की धुप में 25 से 30 मिनट तक बैठे।

अजवाइन
अगर आप अजवाइन को तवे के ऊपर सेंक लें और फिर उसे ठंडा होने पर चबाते हुए निगले तो आपको काफी फायदा होगा। यह प्रयोग आपको दिन में 7 दिन करना है। आप देंखेगे कि आपकी कमर दर्द में काफी मदद मिल चुकी होगी।

गरम पानी से सिकाई करें
कमर दर्द में गरम पानी से सिकाई करने पर काफी आराम मिलता है। 5 मिनट गरम पानी से सिकाई करने के बाद 2 मिनट बाद ठंडे पानी से सिकाई करना चाहिये।

सोंठ
सोंठ और गोखरू की बराबर मात्रा लें और उसे मिला कर दिन में दो बार पानी से पियें।

धतूरे के पत्ते का रस
500 ग्राम धतूरे के पत्ते के रस में 15 ग्राम अफीम, 5 ग्राम सेंधा नमक मिला कर मिश्रण तैयार करें। फिर इससे दिन में 4 बार कमर की मालिश करें और आराम पाएं।

कमल ककड़ी का चुर्ण
इसके लिए 100 ग्राम कमल ककड़ी का चुर्ण लें। फिर एक बर्तन में दूध डालें और उसे उबाल कर उसमें कमल ककड़ी का चूर्ण डाल कर पकाएं। फिर इस दूध का सेवन करें और राहत पाएं।

अदरक का रस
अदरक के रस में घी मिला कर पियें, आराम मिलेगा।

अजवाइन और गुड
अजवायन और गुड़ का उपयोग करके भी कमर के दर्द से राहत पाई जा सकती हैं। इसके लिए 200 ग्राम अजवायन लें और उसे पीस लें। अब 200 ग्राम गुड़ लें और उसे भी पीस लें। इस मिश्रण को डिब्बे में रख कर रोजाना एक चम्मच खाएं।

हल्दी
हल्दी अपने एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुणों के लिए जानी जाती है। हल्दी में कर्कुमिन नामक तत्व पाया जाता है जो उतकों को नष्ट होने और सूजन आदि बचाता है और इससे मांसपेशियां उचित तरीके से काम करती हैं। सलाद पर हल्दी छिडकें या इसे सब्जी में मिलाएं।

लहसुन
लहसुन में दर्द निवारक गुण होता है। लहसुन की 10 कलियों को नारियल के तेल में सुनहरा होने तक तलें। इस तेल का उपयोग मालिश करने के लिए करें क्योंकि इससे रक्त प्रवाह में सुधार आता है, मांसपेशियों की जकड़न कम होती है और दर्द से आराम मिलता है।



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