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वैक्सीनेशन के बाद भी क्या दूसरी बार भी हो सकता है चिकनपॉक्स?
वैरिसेला जोस्टर वायरस ही चिकनपॉक्स होने का कारण है। ये बीमारी बहुत खतरनाक होती है और बच्चों और एडल्ट्स को अपने शिकंजे में लेती है। इस बीमारी में कमर, चेहरे और पेट पर रैशेज़ उभरने लगते हैं। ये रैशेज़ पूरी बॉडी में में बड़ी तेजी से फैलने लगते हैं और इनमें जलन और खुजली होने लगती है।

इसके साथ ही बुखार, चक्कर आना, सिरदर्द और थकान महसूस होती है।
कैसे कोई चिकनपॉक्स से ग्रस्त होता है
जैसा कि हमने पहले भी बताया कि चिकनपॉक्स बहुत खतरनाक होता है और ये एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है। जैसे कि ..
चिकनपॉक्स से ग्रस्त व्यक्ति के साथ उसी हवा में सांस लेना, उनके शरीर पर पड़े फफोलों के संपर्क में आना। फफोलों को स्पर्श करना
चिकनपॉक्स से ग्रस्त व्यक्ति के संपर्क में आई चीज़ों को छूना। कोई इंसान सिर्फ दो दिन के अंदर ही इसकी चपेट में आ सकता है और इसके रैशेज़ और संक्रमण इस बीमारी के पूरी तरह से ठीक होने तक रहते हैं।
कैसे पता लगाएं कि आपको चिकनपॉक्स हुआ है
अगर आपको पहले कभी चिकनपॉक्स नहीं हुआ है तो इसकी संभावना बहुत ज्यादा है कि अगर आप चिकनपॉक्स से ग्रस्त व्यक्ति के संपर्क में आते हैं तो आपको ये रोग अपनी चपेट में ले सकता है। डॉक्टर बड़ी आसानी से चिकनपॉक्स रैशेज़ का पता लगा लेते हैं लेकिन अगर आपने इसका वैक्सीन लगवाया है तो आपमें इसका खतरा कम हो जाता है।
क्या किसी को दो बार चिकनपॉक्स हो सकता है
जी नहीं, ये बीमारी दो बार किसी एक इंसान को नहीं हो सकती है। अगर आपको एक बार ये बीमारी अपना शिकार बना चुकी है तो इसका वायरस आपके शरीर में असक्रिय हो जाता है। कुछ मामलों में जैसे जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर हो या अधिक उम्र में ये वायर फिर से एक्टिव हो सकता है। ऐसे में इसे चिकनपॉक्स नहीं बल्कि शिंगल्स कहते हैं। शिंगल्स भी चिकनपॉक्स जैसा ही होता है जिसमें शरीर पर पड़ने वाले फफोले बहुत दर्द देते हैा। आमतौर पर इसमें तीन हफ्तों तक चेहरे और शरीर की एक ओर रैशेज़ रहते हैं। ये बुखार, दर्द भी देता है। अगर आप चिकनपॉक्स से बचने का वैक्सीन लगवा चुके हैं तो फिर आप शिंगल्स के खतरे से बाहर हैं। हालांकि, दोबारा इस बीमारी की चपेट में आने की संभावना बहुत कम है।
पॉक्स पार्टी
भारत के बाहर कई जगहों पर पॉक्स पार्टी तक दी जाती है जिसमें माता-पिता अपने बच्चे को चिकनपॉक्स होने पर दूसरे बच्चों को बुलाकर पार्टी देते हैं। इसके पीछे की वजह बाकी बच्चों के इम्यून को परखना होता है। पार्टी में बच्चे एकसाथ खाना खाते हैं जिससे उनमें इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
प्रेग्नेंसी और चिकनपॉक्स
गर्भवती महिलाएं भी चिकनपॉक्स का शिकार हो सकती हैं। अगर आप मां बनने वाली हैं और आपको अब तक चिकनपॉक्स नहीं हुआ है तो आपको इसका वैक्सीन लगवाने के बारे में अपने डॉक्टर से जरूर बात करनी चाहिए। प्रेग्नेंसी के शुरुआती चरण में चिकनपॉक्स होने से शिशु को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है।
जिंदगी में एक बार चिकनपॉक्स जरूर होता है
ऐसा हो सकता है कि किसी इंसान को पूरी जिंदगी में कभी चिकनपॉक्स ना हुआ हो। ऐसा इसलिए है क्योंकि एडल्ट्स से लेकर बच्चों तक के लिए वैक्सीनेशन आसानी से मिल जाता है। यहां तक कि कुछ दुर्लभ मामलों में भी अगर वैक्सीन ना लिया गया हो तो भी वो इंसान चिकनपॉक्स की चपेट से बचा रह सकता है। ऐसा जरूरी नहीं है कि हर इंसान को अपनी जिंदगी में एक ना एक बार तो चिकनपॉक्स हो। हो सकता है कि उस व्यक्ति के शरीर में पहले से ही एंटीबॉडीच़ का विकास हो गया है और उसे इस संक्रमण का खतरा ना हो।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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