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इन अजीब वजहों से भी हो सकता है सिरदर्द, ना करें इग्नोर
सिरदर्द एक ऐसी बीमारी है जिसे हम समझ आने के बाद से ही महसूस करना शुरू कर देते हैं। हम में से कई लोगों को किशोरावस्था से ही सिर में दर्द होने की समस्या होने लगती है।
सिरदर्द को झेलना अपने आप में एक बड़ा दर्द है। इस दौरान आपको किसी से बात करने का मन नहीं होता है, आप कुछ भी करने के लिए तैयार नहीं होते है और न ही आपको कुछ रास आता है। इस वजह से दैनिक जीवन भी काफी प्रभावित होता है।
मान लीजिए कि अगली सुबह आपकी परीक्षा है और अचानक से आपको सिरदर्द शुरू हो गया है, ये सीधे तौर पर आपकी परफॉर्मेंस को प्रभावित करेगा। क्योंकि आपका ध्यान पढ़ाई पर नहीं लग पाएगा और इस दौरान पढ़ी जाने वाली बातें या चीजें भी आपको याद नहीं रहेंगी। कई बार ये दर्द इतना ज़्यादा होता है कि अगले दिन आप परीक्षा कक्ष में शीट तक लिखने में अक्षम होते हैं। ऐसे मामलों में आपको सिरदर्द कहीं ज्यादा भारी पड़ जाता है।
परीक्षा ही नहीं बल्कि पार्टी, प्लान, ट्रिप आदि में भी सिरदर्द दिक्कत करता है और आपके सभी योजनाओं पर पानी फिर जाता है।
इन सबसे जरूरी बात यह है कि अगर सिरदर्द लगातार बना रहता है या अक्सर होता है तो आपकी सेहत पर इसका बुरा असर पड़ता है। जो सिरदर्द अक्सर और तेज़ होता है वो किसी बड़ी या गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। सिरदर्द, एक सामान्य बुखार से लेकर ब्रेन ट्यूमर तक को इंडीकेट करता है। ऐसे में आपकी लापरवाही भारी पड़ सकती है। इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसी चीजें बताने जा रहे हैं जिनसे सिरदर्द बढ़ सकता है और आपको दिक्कत हो सकती है:

1. अचार या एज्ड फूड – अगर आप तीखे अचारों और कुछ ऐसे फूड्स के शौकीन हैं जिनमें तेल या मसाले ज़्यादा होते हैं तो इनके नियमित सेवन से सिरदर्द हो सकता है। साथ ही एक अध्ययन से यह साबित हुआ है कि पिक्ड फूड जैसे खीरा, ऑलिव आदि में टायरामाइन होता है जोकि सिरदर्द को बढ़ा सकता है। साथ ही एज्ड फूड जैसे चीज़ या वाइन से भी सिरदर्द ज्यादा होता है अगर आप इनका नियमित सेवन करते हैं।

2. यौन संभोग – आप इसको पढ़कर थोड़ा आश्चर्यचकित हो रहे होंगे लेकिन ये बात सच है। सेक्स को वैसे तो फन और हेल्थ एक्टिविटी माना जाता है क्योंकि इससे हैप्पी हारमोन्स रिलीज़ होते हैं और आपकी कैलोरी भी बर्न होती है। ख़ासकर पुरूषों को सेक्स से ज़्यादा फायदे होते हैं लेकिन स्खलित होने के बाद उनको तेज़ सिरदर्द होना भी शुरू हो जाता है। ये प्रवृत्ति कई पुरूषों में देखने को मिलती है। ये हाई ब्लड़ प्रेशर का संकेत देता है जोकि आगे चलकर और बढ़ सकता है।

3. बालों को कसकर बांधना – कई महिलाएं या पुरूष बालों को प्रेजेंटेबल बनाने के लिए उन्हें कसकर बांध लेते हैं। जूड़ा या कसकर पॉनीटेल बनाने से भी सिरदर्द तेजी से होना शुरू हो जाता है क्योंकि बाल जड़ों से खींचने लगते हैं। लंबे समय तक बालों को कसकर बांधने से सिरदर्द लगातार होता है और हेयरलाइन का कारण भी बन जाता है।

4. जबड़े का सही न बैठना – जब किसी व्यक्ति के मुँह में ऊपरी और निचले जबड़े का एलाइनमेंट सही नहीं होता है तो अक्सर तेज़ सिरदर्द होने लगता है। ऐसे लोगों को खाना चबाने में भी दर्द होता है। साथ ही अगर वो कोई काम ऐसा करते हैं जिससे उनके जबड़ों में दर्द हो या ज़ोर पड़े तब भी सिरदर्द शुरू हो जाता है। ऐसा अक्सर उन कामों में होता है जब ऊपरी जबड़े पर ज्यादा प्रेशर पड़ता है। यह एक मेडिकल स्थिति होती है जिसमें समय रहते सर्जरी करने की आवश्यकता पड़ती है।

5. मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) – आपने मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) के बारे में सुना ही होगा। इसे कई साल पहले ही बैन कर दिया गया था। कई देशों ने भी इसे अपने यहां प्रतिबंधित कर दिया है। मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी), प्रोसेस्ड फूड में मौजूद होता है। पैक्ड फूड में इसे आप पहले खाते थे। ये मानव शरीर के लिए बहुत ही विषाक्त होता था और इसके सेवन से अक्सर सिरदर्द होता है। कई बार इससे गंभीर बीमारी जैसे कैंसर आदि के होने का खतरा भी मंडराता था।

6. भूख – अगर आप दिन में भोजन करना स्किप कर देते हैं तो सिरदर्द स्वाभाविक है। अक्सर आपने देखा होगा सुबह ब्रेकफास्ट न करके जाने पर सारा दिन सिरदर्द बना रहता है, आपको थकान लगती है, पेट में दर्द भी होता है क्योंकि आपके शरीर को चलने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है जोकि ब्रेन में ऑक्सीजन लेवल को संतुलित रखता है और सिरदर्द को नहीं होने देता है।

7. सही मुद्रा में न बैठना या चलना – अगर आपकी मुद्रा सही नहीं है और आप बेढंग तरीके से बैठते हैं तो आपको अपनी मु्द्रा पर ध्यान देने की ज़रुरत है। ऑफिस में काम करने वाले लोग अक्सर झुककर बैठने लगते हैं या वो गलत तरह की चेयर पर बैठते हैं जिसकी वजह से कमर या गर्दन में दर्द शुरू हो जाता है और इससे ही सिरदर्द होने लगता है।

8. तेज़ रोशनी - यदि कोई व्यक्ति वेल्डिंग, स्टेज लाइट आदि जिसमें तेज रोशनी वाला काम करता है तो आंखों पर उसका बुरा असर पड़ता है। आपकी आंखों को एक समान रोशनी की ज़रुरत होती है ऐसे में बहुत तेज़ रोशनी से नर्व में इरिटेशन हो सकती है और सिर में दर्द शुरू हो सकता है। तेज़ रोशनी में काम करने से भी सिरदर्द हो सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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