शादी सीजन में रसमलाई खाना बन सकता है हेल्‍दी, कारण पढ़ खुद को खाने से रोक न पाएंगे

शादियों का सीजन बहुत जोरो शोरों से चल रहा है। ऐसे में हर कोई किसी न किसी दोस्‍त या मेहमानों की शादी अटैंड करने का सोच रहा होगा। मेहमानों के ल‍िए हमेशा से वेन्‍यू से ज्‍यादा मेन्‍यू बहुत महत्‍व रखता है, क्‍योंकि ज्‍यादात्तर लोग शादी में लजीज व्‍यंजन और स्‍वादिष्‍ठ मिठाई का जायका चखने आते है। लेकिन अगर आप डाइट कॉन्शियस है तो मिठाई के स्‍टॉल्‍स पर जाने से जरुर बचते होंगे। मगर शादी में गए और मुंह मीठा नहीं किया तो स्‍वाद थोड़ा फीका सा रह जाता है।

लेकिन हेल्‍थ कॉन्शियस लोगों के ल‍िए च्‍वॉइस थोड़ी कठिन हो जाती है, एक तो ढ़ेर सारी मिठाईयां को देख मुंह में पानी आना ऊपर से एक्‍स्‍ट्रा कैलोरिज से बचना। लेकिन अगर मीठे में आपके पास रसमलाई का ऑप्‍शन है तो उसे खाने से बिल्‍कुल भी न बचें। आइए जानते है कि इस शादी के सीजन में कैसे रसमलाई आपके लिए एक स्‍वीट हेल्‍दी डेजर्ट बन सकता है।

 क्‍या हेल्‍दी होती है रसमलाई?

क्‍या हेल्‍दी होती है रसमलाई?

रसमलाई स्‍पॉन्‍जी पनीर (इंडियन कॉटेज चीज) के टुकड़े से मिलकर बनती है। जो कोटेड क्रीम के समान एकदम गाढ़े दूध में भिगोकर तैयार किया जाता है। रसमलाई को पिस्‍ता, बादाम, केसर और कई ड्रायफ्रूट्स से गर्निश किया जाता है।

एंटीऑक्‍सीडेंट से भरपूर

एंटीऑक्‍सीडेंट से भरपूर

कॉटेज चीज, जैसा कि सबको मालूम है कि य‍ह प्रोटीन से भरपूर होता है, जो कि मांसपेशियों में द्रव्‍यमान को बढ़ाता है। रसमलाई में इस्‍तेमाल होने वाले ड्रायफ्रूट्स एंटीऑक्‍सीडेंट से भरपूर होते है जो हमारे शरीर के मुक्‍त कणों को से लड़कर उन्‍हें कम करते है और हमें बीमार करने की सम्‍भावनाएं को बिल्‍कुल कम करता है। दूध प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर होता है। जो शरीर में सम्रग पोषण को बढ़ाता है।

केसर का दम

केसर का दम

रसमलाई में जो दूसरी सबसे जरुरी चीज होती है, वो है केसर।

केसर, कैंसर की कोशिकाओं में प्रवेश करके इन कोशिका के विकास को रोकने में मदद करता है और उन्हें एपोप्टोसिस (कोशिकाओं की मृत्यु का एक प्रकार) करने का सिग्‍नल देता है। जिससे कैंसर कोशिका अपने आप ही खत्‍म होने लगती है।

कैल्शियम और प्रोटीन

कैल्शियम और प्रोटीन

इसके अलावा एक और कारण है, क्‍यों रसमलाई शादी में दूसरी मिठाईयों की तुलना में बेहतर होती है? क्‍योंकि, ये डीप फ्राइड नहीं होती है। इसमें कम नमक, कम चीनी, उच्‍च कैल्शियम, उच्‍च प्रोटीन और ये भरपूर खनिज तत्‍वों से बना होता है।

डायबिटिक मरीज भी खा सकते हैं

डायबिटिक मरीज भी खा सकते हैं

रसमलाई में बहुत ही कम मात्रा में चीनी का इस्‍तेमाल किया जाता है।

डायबिटीज मरीज अपने ब्‍लड शुगर लेवल के आधार पर कभी कभार इसका सेवन कर सकते हैं।

थकान को करे दूर

थकान को करे दूर

शादी में अगर नाच-नाचकर थकान हो गई है तो जाकर रसमलाई खा लें।

रसमलाई खाने से सारी थकान एक दम दूर हो जाती है। ये आपके ल‍िए एनर्जी फूड का भी काम करती है।

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