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मानसून में लीची खाना पड़ सकता है भारी, हो सकता है 'लीची सिंड्रोम'

रसीले लीची देखते हुए सबके मुंह से लार टपकने लगती है, हो भी क्यों न लीची खाने में इतनी रसीली और स्वादिष्ट होती है कि हर कोई इसे खाना पसंद करता है। लीची का फल वैसे तो गर्मियों के सीजन में ही पककर बिकने के लिए बाजार में आ जाते है जो कि बरसात के मौसम तक मार्केट में दिखते है। लेकिन आपको मालूम नहीं होगा कि बरसात में लीची खाना खतरनाक साबित हो सकता है।
इसे खाने से आप 'लीची सिंड्रोम' के शिकार हो सकते हैं। इस मौसम में लीची खाना कितना नुकसानदायक हो सकता है। इससे न सिर्फ कई तरह के संक्रमण हो सकते हैं, बल्कि तेज बुखार और दस्त भी हो सकते हैं। अक्सर बरसात के मौसम में लीची सिंड्रोम के कैसेज सामने आते है।

इसलिए इस मौसम आप लीची खाने से परहेज ही करें, आइए जानते है आखिर क्या है लीची सिंड्रोम और क्यों है इस मौसम में सेहत के लिए खतरनाक?
क्या है लीची सिंड्रोम
लीची सिंड्रोम एक प्रकार का वायरल संक्रमण है जो कच्ची या आधी पक्की लीची खाने पर हो सकता है। इस संक्रमण से पीड़ित मरीज को तेज बुखार, तेज सिरदर्द, चक्कर, उल्टियां व पेट में दर्द जैसे लक्षण होते हैं।
खाने से पहले रखें ध्यान
इन दिनों बाजार में मौजूद बहुत से फल ऐसे हैं जिन्हें कच्चा तोड़कर, अन्य कैमिकल्स या अप्राकृतिक तरीकों से पकाया जाता है। इससे इन फलों की नेचुरल ग्रोथ पर असर पड़ता है, जिससे उनमें मौजूद पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। लीची का मौसम दो ढाई महीने ही रहता है। कुछ लोग इसे लंबे समय तक बाजार में रखने के लिए इसे कैमिकल्स के साथ प्रीजर्व करते हैं। ऐसी लीची खाना स्वास्थ्य के लिए नुकसान दायक हो सकता है।
बरसात में न खाएं लीची
ये वैसे भी गर्मियों का फल है इसलिए बरसात के दौरान इसे खाने से अवॉइड ही करना चाहिए। बरसात के दौरान लीची में कीड़े निकलने निकलने लगते हैं। लीची का मौसम दो से ढाई महीने का होता है। आमतौर पर अप्रैल के अंत से लेकर जून माह के अंत या जुलाई के पहले हफ्ते तक यह बाजार में उपलब्ध है। लेकिन बारिश से लीची में कीड़े लग जाते हैं इसलिए इन्हें पहली बारिश के पहले ही खाना सेहतमंद है।
मधुमेह रोगी खाने से बचें
गर्मियों के मौसम में लीची खाने से शरीर में भरपूर मात्रा में पानी और विटामिन सी होने की वजह से यह सेहत के लिए फायदेमंद है। लेकिन इसमें शुगर भी बहुत ज्यादा होती है, इसलिए मधुमेह के पीडि़तों को लीची खाने से परहेज करना चाहिए।
खाली पेट कभी न खाएं लीची
खाली पेट लीची खाने से भी परहेज करना चाहिए। लीची के फल में एक्यूट एनसेफलाइटिस सिंड्रोम ( acute encephalitis syndrome ) या AES फैलाने वाला वायरस पाया जाता है और यह मस्तिष्क में सूजना पैदा कर सकता है। इसलिए इसे खास तौर पर खाली पेट नहीं खाना चाहिए। इससे पेट दर्द होने की भी समस्या हो सकती है। अप्राकृतिक रूप से पकी या कच्ची लीची खाने से तेज बुखार, तेज सिरदर्द, चक्कर, उल्टियां व पेट में दर्द भी हो सकता है।
पोषक तत्व
लीची एक पौष्टिक तत्वों से भरा हुआ फल है। लीची में सबसे अधिक मात्रा में पानी और विटामिन सी है। गर्मियों में शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने और तुरंत ऊर्जा के लिए लीची का सेवन फायदेमंद है। पर यह जरूरी है कि लीची को ऐसी जगहों से ही खरीदा जाएं, जहां से आप उसकी क्वालिटी के प्रति आश्वस्त हों।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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