प्रियंका चोपड़ा ट्वीट करके कहा 5 साल की उम्र से है दमा, जाने अस्‍थमा के लक्षण और बचाव

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बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने सोशल मीडिया में ट्वीट करके कहा है कि उन्हें 5 साल की उम्र से ही अस्थमा (दमा) रोग है और इसमें छिपाने जैसी कोई बात नहीं है। प्रियंका ने सोमवार को ट्विटर पर एक विज्ञापन की शूटिंग को ट्वीट करके कहा कि कैसे अस्थमा भी उन्हें करियर की ऊंचाइयों पर जाने से नहीं रोक सका।

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प्रियंका चोपड़ा को पांच साल की उम्र से अस्‍थमा की मरीज है, लेकिन इसके बावजूद वह अपनी दिनचर्या में पूरी तरीके से व्यस्त रहती हैं। अनुष्‍का शर्मा को हुई बल्‍जिंग डिस्‍क की शिकायत, इस बीमारी में शरीर के कई अंगों में होता है दर्द 

अस्थमा या दमा, सांस से जुड़ी एक बीमारी है। जिसमें मरीज को सांस लेने में तकलीफ होती है। इस बीमारी में सांस की नली में सूजन आ जाती है। इससे फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव महसूस होता है और सांस लेने पर दम फूलने लगता है और खांसी होने लगती है। अगर आपको या परिवार में किसो को अस्थमा है तो जानिए किन बातों का खास ख्‍याल रखना चाहिए।

अस्थमा या दमा एक बार किसी को हो जाए तो मरते दम तक ये बीमारी साथ रहती है। हां, वक्त पर इलाज और आगे जाकर ऐहतियात बरतने पर इसे काबू में किया जा सकता है। सोनाली बेंद्रे को हुआ मेटास्टेसिस कैंसर, जानिए क्‍या होता है ये कैंसर और इसके लक्षण

अस्थमा के लक्षण

अस्थमा के लक्षण

  • सांस फूलना
  • लगातार खांसी आना
  • छाती से आवाज आना
  • छाती में कफ जमा होना
  • सांस लेने में अचानक दिक्कत होना
  • सीने में जकड़न जैसा महसूस होता है
  • तेजी से सांस लेने पर थकावट महसूस होना।
 कब आता है अस्‍थमा का अटैक

कब आता है अस्‍थमा का अटैक

अस्थमा का अटैक आने के बहुत सारे कारणों में वायु का प्रदूषण भी एक कारण है। जब अस्‍थमा का अटैक आता है तो श्‍वसन नली के आसपास के मसल्स में कसाव और वायु मार्ग में सूजन आ जाता है। जिसके कारण मरीज का सांस लेने में काफी परेशानी होती है। दमा के रोगी को सांस लेने से ज़्यादा सांस छोड़ने में मुश्किल होती है। एलर्जी के कारण श्वसनी में बलगम पैदा हो जाता है जो मुश्किलें और भी बढ़ा देता है। दमा मरीज को इस समय ज्‍यादा अटैक आने की सम्‍भावना रहती है।

  • रात में या सुबह तड़के
  • ठंडी हवा या कोहरे से
  • ज्यादा कसरत करने के बाद
  • बारिश या ठंड के मौसम में
  • आंधी आने पर
  • धुंआ इक्‍ट्ठे होने पर।
 अस्‍थमा होने का मुख्‍य कारण

अस्‍थमा होने का मुख्‍य कारण

आनुवांशिकता

अगर माता-पिता में से किसी को भी अस्थमा है तो बच्चों को यह बीमारी होने की आशंका होती है।

वायु प्रदूषण

धूल, कारखानों से निकलने वाला धुआं, धूप-अगरबत्ती और कॉस्मेटिक जैसी सुगंधित चीजों से दिक्कत बढ़ जाती है।

खाने-पीने की चीजें

आमतौर पर अंडा, मछली, सोयाबीन, गेहूं से एलर्जी है तो अस्थमा का अटैक पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।

स्मोकिंग

सिगरेट पीने से भी अस्थमा अटैक संभव है। एक सिगरेट भी मरीज को नुकसान पहुंचा सकती है।

दवाएं

ब्लड प्रेशर में दी जाने वालीं बीटा ब्लॉकर्स, कुछ पेनकिलर्स और कुछ एंटी-बायोटिक दवाओं से अस्थमा अटैक हो सकता है।

तनाव

चिंता, डर, खतरे जैसे भावनात्मक उतार-चढ़ावों से तनाव बढ़ता है। इससे सांस की नली में रुकावट पैदा होती है और अस्थामा का दौरा पड़ता है।

दवाएं नियमित रूप से लें।

दवाएं नियमित रूप से लें।

  • सूखी सफाई यानी झाड़ू से घर की साफ-सफाई से बचें। अगर ऐसा करते हैं तो ठीक से मुंह-नाक ढक कर करें।
  • बेडशीट, सोफा, गद्दे आदि की भी नियमित सफाई करें, खासकर तकिया की क्योंकि इसमें काफी सारे एलर्जीवाले तत्व मौजूद होते हैं।
  • घर में अगर कालीन या कारपेट का इस्तेमाल करते है तो उसे 6 महीने में ड्राईक्लीन करवाते रहें।
  • कॉकरोच, चूहे, फफूंद आदि को घर में जमा न होने दें।
  • पालतू जानवरों और पक्षियों के बालों, त्वचा, पंखों और लार से दूर रहना चाहिए।
  • घर से बाहर रहने के दौरान हवा में मौजूद पराग कणों से भी बचने की जरूरत है।
  • मौसम के बदलाव के समय एहतियात बरतें। बहुत ठंडे से बहुत गर्म में अचानक न जाएं और न ही बहुत ठंडा या गर्म खाना खाएं।
  • वक्त पर सोएं, भरपूर नींद लें और तनाव न लें।
खानपान का रखें ख्याल

खानपान का रखें ख्याल

  • जिस चीज को खाने से सांस की तकलीफ बढ़ जाती हो, वह न खाएं। ठंडी चीजों और जंक फूड से परहेज करें।
  • एक बार में ज्यादा खाना नहीं खाना चाहिए। इससे छाती पर दबाव पड़ता है।
  • विटमिन ए, विटमिन सी और विटमिन ई के साथ ही एंटी-ऑक्सिडेंट वाले फल और सब्जियां जैसे कि बादाम, अखरोट, राजमा, मूंगफली, शकरकंद आदि खाने से लाभ होता है।
  • अदरक, लहसुन, हल्दी और काली मिर्च जैसे मसालों से फायदा होता है।
  • रेशेदार चीजें जैसे कि ज्वार, बाजरा, ब्राउन राइस, दालें, राजमा, ब्रोकली, रसभरी, आडू आदि ज्यादा खाएं।
  • फल और हरी सब्जियां खूब खाएं।
  • रात का भोजन हल्का और सोने से दो घंटे पहले होना चाहिए।
क्या न खाएं?

क्या न खाएं?

  • प्रोट्रीन से भरपूर चीजें बहुत ज्यादा न खाएं।
  • रिफाइन कार्बोहाइड्रेट (चावल, मैदा, चीनी आदि) और फैट वाली चीजें कम-से-कम खाएं।
  • अचार और मसालेदार खाने से भी परहेज करें।
  • ठंडी और खट्टी चीजों से परहेज करें।
  • तले हुए भोजन से दूरी बना लें। इसके अलावा आपको अस्थमा में ज्यादा नमक से भी परहेज करना चाहिए।
  • वसा युक्त आहार जैसे- जंक फूड, डिब्बाबंद भोजन, मिर्च-मसालेदार या बासी भोजन और मक्खन आदि का सेवन भी अस्थमा रोगी के लिए हानिकारक होता है।
  • अस्थमा में चावल, दही, दूध, छाछ, अमचूर, इमली, शराब, मांस, चिकन, गुड़, चना और आइसक्रीम से भी परहेज करें।
  • अंडे और उससे बने उत्पादों का सेवन भी अस्थमा रोगी को नहीं करना चाहिए। इससे आपको स्किन एलर्जी की समस्या हो सकती है।
  • अस्थमा के रोगी को सल्फेट वाले फूड्स का कम सेवन करना चाहिए। जैसे आलू, झींगा, ड्राई फ्रूट्स, सिरका, शराब और बीयर।
 इन्‍हेलर है कारगार उपाय

इन्‍हेलर है कारगार उपाय

अस्थमा के इलाज के लिए मेडिकेशन जरुरी है। इस बीमारी के ल‍िए डॉक्‍टर एंटी-इन्फ्लेमेट्री ड्रग्स और ब्रोंकाडायलेटर्स की सलाह देते है लेकिन यह अस्थाई उपाय हैं। अस्थमा के मरीजों को इन्हेलर देते हैं जो कि एक कारगर उपाय है, जो बच्चे या बुजुर्ग स्वत: इन्हेल नहीं कर पाते हैं उनको अस्थमा नेब्यूलाइज़र लगाया जाता है जिससे बिना किसी मदद के वे आसानी से सांस ले सकें।

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    English summary

    Priyanka Chopra REVEALS that she suffers from Asthma, know about its cause and treatment

    Priyanka Chopra revealed that she suffers from Asthma as she posted a note on social media about her struggles. Learn about the causes and treatment of asthama.
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