महिलाएं ही नहीं पुरुष भी हो सकते है थाइराइड का शिकार

भारत में हर तीसरा शख्स थायराइड से पीड़ित है। वजन में बढोत्तरी और हार्मोंस अनबैलेंस की वजह से लोग थायराइड की समस्‍या से ग्रसित हो जाते है। हालिया शोध के अनुसार देश में 40 प्रतिशत से अधिक लोग थायराइड से की समस्‍या से गुजर रहे हैं। लेकिन जब कभी थायराइड की बात होती है तब कई लोग ऐसा सोचते हैं की ये समस्या सिर्फ महिलाओं को होती है लेकिन ऐसा नहीं है बल्कि पुरुष भी इस बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। हालांकि आकंड़ों के अनुसार पुरुषों में महिलाओं की तुलना में थायराइड होने की सम्भावना 8 गुना कम होती हैं फिर भी मध्यम उम्र वर्ग के पुरुषों इस बीमारी के चपेट में जल्‍दी आ जाते है।

हाल के कुछ सालों से हाइपोथायराइडिज्म यानी थाइराइड से पीड़ित पुरुषों की संख्या बढ़ी है। इससे पीड़ित मरीजों का वजन अचानक से बढ़ने लगता है और वे थकान और डिप्रेशन के शिकार रहते हैं।

Things You Should Know about Thyroid Disease in Men

इसके अलावा मांसपेशियों में कमजोरी, इरेक्टाइल डिसफंक्शन और सेक्स की इच्छा में कमी होना जैसे लक्षण भी होते है, आइए जानते है इससे जुड़े कुछ महत्‍वपूर्ण तथ्‍य।


थकान और सुस्‍ती

दिन भर थकान और सुस्ती महसूस करना थायरॉइड का प्रमुख लक्षण है। वैसे तो ये लक्षण कई स्थितियों में देखा जाता है, लेकिन पुरुषों में थायरॉइड का यह भी एक लक्षण हो सकता है।

दिल का धीरे धड़कना

अचानक ह्रदय और नाड़ी की गति धीमी होना पुरुषों में थायरॉइड का संकेत है।


पसीना आना

शरीर में मेटाबॉलिज्‍म बहुत अधिक बढ़ जाने से पुरुषों को या तो बहुत अधिक पसीना आता है या फिर बहुत कम पसीना आता है। कई बार पसीने के साथ साथ बहुत बैचेनी भी होती है।


ऊर्जा स्तर में बदलाव

हाइपरथायरॉइड में मेटाबॉलिज्म की क्रिया तेजी से होती है, जिसकी वजह से किसी भी व्यक्ति को सोने में तकलीफ, सांस लेने में परेशानी, बेचैनी जैसी समस्या होने लगती है। इससे ग्रस्त रोगी दिन भर के कामों के लिए शरीर की जरूरी ऊर्जा जुटाने में भी असमर्थ हो जाता है, जिसकी वजह से दिन भर थकान और कमजोरी की समस्या होने लगती है।

आइए जानते है किन कारणों से पुरुषों में भी थायराइड की समस्‍या हो सकती है।

आनुवांशिक हो सकती है

पुरुषों में भी यह समस्या आनुवांशिक हो सकती है। इसलिए अगर आपके परिवार में पहले से ही कोई थायराइड से पीड़ित है तो आपके इससे पीड़ित होने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है। अगर आपको थायराइड से जुड़ा कोई भी लक्षण दिखे तो आप बिना देरी किए डॉक्‍टर से मिले और थाइराइड से जुड़ा टेस्‍ट करवाएं।

अनियमित जीवनशैली की वजह से

अनियमित जीवनशैली की वजह से आप किसी भी उम्र में इस बीमारी के शिकार हो सकते हैं। इसलिए यह ज़रूरी है की आप हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं और थायराइड ग्लैंड के कार्यप्रणाली के बारे में पूरी जानकारी रखें। अधिक स्ट्रेस के कारण भी एड्रेनल ग्लैंड ठीक से काम नहीं कर पाता है जिससे स्ट्रेस बढ़ाने वाला हार्मोन कॉर्टिसोल का उत्पादन बढ़ जाता है। इसका सीधा प्रभाव आपके थायराइड ग्लैंड पर पड़ता है।

एक्‍सरसाइज करें

थायराइड ग्रंथि शरीर के मेटाबोलिक फंक्शन को भी नियंत्रित करती है जिस वजह से शरीर में थायराइड हार्मोन का बैलेंस बना रहता है। इसलिए थायराइड ग्लैंड को अगर स्वस्थ रखना चाहते हैं तो रोजाना एक्सरसाइज करना शुरू करें साथ ही डायट में अधिक से अधिक हेल्दी चीजों को शामिल करें।

आयोडीन को डाइट में शामिल करें

इन सबके अलावा डायट में आयोडीन की मात्रा का विशेष ध्यान रखें क्योंकि इसका थायराइड हार्मोन के बनने में महत्वपूर्ण रोल होता है। इसलिए यह जान लें की चाहे महिला हो या पुरुष थायरायड को सुचारू रूप से काम करने के लिए आयोडीन बहुत ज़रूरी है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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