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कहीं आपका जुकाम साइनस में तो नहीं बदल गया, इन संकेतों से समझे
ठंड का मौसम तो वैसे भी जुकाम और फ्लू का मौसम होता है। ठंड में गले पकड़ जाना, बहती हुई नाक और जलन, ये सभी लक्षण ठंड लगने की होते है। इस समस्या से निजात पाने के लिए हम सभी दादी मां के पुराने नुस्खे अजमाने से नहीं चूकते हैं।
अगर दादी मां के नुस्खे, चिकन सूप और विटामिन सी भी इस ठंड से आपको उबारने में फेल हो गए है तो आपको बेकार का समय गवाएं डॉक्टर से दिखाना चाहिए क्योंकि हो सकता है आपको लगी ठंड साइनस इंफेक्शन में बदल चुका हो।

क्यों होता है साइनस इंफेक्शन
साइनस इंफेक्शन एक तरह से ठंड की तरह ही नजर आता है इसलिए इसका उपचार करने में समय लग जाता है। साइनस का मुख्य कारण साइनस कैविटीज (गालों में स्थित, भौंहों के ऊपर, आंखों के बीच और आंखों के पीछे) के अंदर की चिपचिपी झिल्ली में सूजन आ जाती है। साइनस की झिल्ली में सूजन की कई सारी वजहें हैं, मसलन नाक की हड्डी का टेढ़ा होना या फिर नाक की हड्डी बढ़ जाना, बढ़ता हुआ प्रदूषण, धूल मिट्टी से एलर्जी, दांतों में दर्द, दूषित पानी का सेवन आदि, जो साइनस की वजह बन जाते हैं।

क्या साइनस इंफेक्शन संक्रामक है?
साइनस इंफेक्शन वायरस और बैक्टीरिया दोनों की वजह से होती है। अगर आपको किसी वायरस की वजह से साइनस हुआ है तो आप इसे दूसरे तक फैला सकते हैं। लेकिन, वायरस फैलाने का ये बिल्कुल भी मतलब नहीं है कि आप साइनस का संक्रमण को भी फैला सकते है। साइनस संक्रमण सूजन के कारण होता है जो ठंड की वजह से होता है तो, आप एक तरह से ठंड के वायरस को फैला सकते हैं लेकिन ठंड पकड़ने से किसी को साइनस इंफेक्शन हो, ये भी जरुरी नहीं हैं।

कैसे जानें कि साइनस है
जुकाम अक्सर अपना पूरा वक्त लेकर ही ठीक होता है। यह ज्यादा-से-ज्यादा एक हफ्ते में ठीक हो जाता है। हालांकि तीसरे-चौथे दिन से जुकाम की तीव्रता कम होने लगती है। लेकिन अगर जुकाम एक या दो दिन में ही बहते-बहते अचानक रुक जाए या अपने आप ठीक हो जाए तो हो सकता है कि जुकाम बाहर न निकलकर अंदर ही जम गया है जोकि आगे चलकर साइनस बन सकता है। अगर जुकाम करीब एक हफ्ता रहे और अपना पूरा टाइम लेकर ठीक हो तो मरीज को आगे जाकर साइनस होने का खतरा नहीं होता क्योंकि बलगम आदि नाक के जरिए बाहर निकल जाता है लेकिन अगर बार-बार जुकाम हो और वह दो-तीन दिन में अपने आप ही ठीक हो जाए, बहे नहीं या दवा लेकर उसे रोक दिया जाए तो वह साइनस बन जाता है।

साइनस की वजह से हो सकता है ऑपरेशन
अगर साइनस की समस्या बढ़ जाए तो ऑपरेशन की नौबत भी आ जाती है। क्योंकि इसकी वजह से जब नाक में मस्सा या नाक की हड्डी बढ़ जाने की वजह से सांस लेने में दिक्कत होती है। फंगस या इन्फेक्शन ब्रेन तब पहुंच गया हो या आंखों पर दवाब डाल रहा हो और सिर में बहुत ज्यादा तेज दर्द हो और नींद डिस्टर्ब हो तो ऑपरेशन कराना पड़ सकता है।

इससे बचने का उपाय
साइनस से बचने का सीधा उपाय है कि दिन में दो बार स्टीम लें।
एक साफ कपड़ा लें। इसमें थोड़ा सा जीरा और थोड़ा सा काला जीरा रखें। इन दोनों की पोटली बना लें और इसे सूंघें। इससे साइनस का रोग जल्दी ठीक हो जाता है। अपने आहार में विटामिन सी युक्त चीजों मसलन नीबू, संतरा, अमरूद, अनार, आंवला, हरी और लाल मिर्च का प्रयोग करें।



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