Latest Updates
-
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक -
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती
कोरोना के बीच एक और वायरस 'कैट क्यू' का खतरा मंडराया , जानें इसके बारे में
दुनिभार में कोरोना वायरस संक्रमण का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। चीन से फैले कोरोना वायरस से दुनिया उबर नहीं पाई है कि एक और चीनी वायरस के फैलने का खतरा मंडराता नजर आ रहा है। भारतीय वैज्ञानिकों ने चीन के एक और वायरस से फैलने वाले खतरे के प्रति आगाह किया है। कोरोना महामारी से जंग के बीच चीन के इस वायरस से देश में बीमारी होने की संभावना है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के वैज्ञानिकों ने एक और चीनी वायरस की खोज की है, जिससे देश में बीमारी फैल सकती है। इसका नाम कैट क्यू वायरस (CQV) है। एक तरफ तमाम प्रयासों के बावजूद कोरोना महामारी पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं हो पा रहा है और ऐसे में बीमारी पैदा करने की क्षमता रखने वाला नया वायरस चिंता बढ़ा सकता है।

मच्छरों और सुअर से फैलता है ये वायरस
आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने कैट क्यू वायरस नामक जिस वायरस की खोज की है, वह देश में बीमारी फैलाने की क्षमता रखता है। ये वायरस आर्थ्रोपोड-जनित वायरस की श्रेणी में आते हैं। ये क्यूलेक्स नामक मच्छरों के अलावा सूअर में भी पाए जाते हैं। खबरों के मुताबिक, चीन और वियतनाम में बड़े पैमाने पर लोग इस CQV वायरस से ग्रसित पाए जा रहे हैं। भारत में भी सीक्यूवी(CQV) से होने वाली बीमारी फैलने की संभावना है।

मच्छरों में सीक्यूवी(CQV)
दोनों व्यक्ति के सिरम सैंपल में एंटी सीसीक्यू आईजीजी एंटीबॉडी मिलने पर मच्छरों में सीक्यूवी(CQV) के रेप्लिकेशन यानी संख्या बढ़ाने की क्षमता की जांच की गई थी। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इससे संकेत मिलता है कि भारत में सीक्यूवी जनित बीमारी फैलने की संभावना है। ऐसे में रक्षात्मक कदम उठाया जाना जरूरी है।
वायरस के प्रसार के बारे में जानने के लिए अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग और सिरम सैंपलों की जांच की आवश्यकता है। आईसीएमआर के वैज्ञानिकों का कहना है कि सीक्यूवी वायरस का प्राथमिक होस्ट सूअर है और इसे फैलाने वाले मच्छरों का होना ध्यान दिलाता है कि भारत में ऑर्थोबुन्या वायरस से गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है।
आईसीएमआर ने कहा कि ह्यूमन सीरम के नमूनों में एंटी-सीवीसी मिलने के बाद भारतीय मच्छरों में इसके व्यवहार को समझने के लिए उनकी तीन अलग-अलग प्रजातियों की जांच की गई। इस जांच में पता चला कि भारत में पाए जाने वाले मच्छर वायरस के प्रति संवेदनशील हैं और आसानी से संक्रमित हो सकते हैं। ये मच्छर अन्य सूअर और मानवों में भी संक्रमण फैला सकते हैं।

दो लोगों में मिला एंटीबॉडी
भारत में दो लोगों के सिरम सैंपलों में एंटी-सीक्यूवी आईजीजी एंटीबॉडी (IGG Antibodies) मिली है। आईसीएमआर की मेडिकल पत्रिका आईजेएमआर के अनुसार, ये दोनों सैंपल कर्नाटक में साल 2014 और साल 2017 में लिए गए थे। आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि इस वायरस का संक्रमण फैला तो सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट खड़ा हो सकता है।



Click it and Unblock the Notifications
