Latest Updates
-
सेहत के लिए वरदान से कम नहीं है कालमेघ, जानें इसके लाभ और सही सेवन तरीका -
बिना तेल का आम का अचार: स्वाद में लाजवाब और वजन घटाने लिए परफेक्ट, सालों-साल नहीं होगा खराब -
तलाक के बाद घर लौटी बेटी तो पिता ने ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत, बांटीं मिठाइयां, दिल जीत लेगा Video -
2055 तक मंगल पर होंगे घर, लैब में बनेंगे अंग! बाबा वेंगा की 5 भविष्यवाणियों ने लोगों को चौंकाया -
प्रेग्नेंसी में बैंगन खाना चाहिए या नहीं? जानिए इसके फायदे और नुकसान -
क्या डायबिटीज के मरीज खा सकते हैं आम? जानें खाने का सही तरीका और समय जिससे न बढ़े शूगर लेवल -
Shani Nakshatra Gochar 2026: 17 अप्रैल से शनि देव की बदलेगी चाल, इन 4 राशि वालों को रहना होगा सावधान -
रणदीप हुड्डा ने दिखाई बेटी की पहली झलक, नाम भी किया रिवील, बेहद खास है मतलब -
Kalashtami 2026: बुरी नजर और बाधाओं से मुक्ति के लिए कालाष्टमी पर करें ये 5 सरल उपाय -
Kalashtami Upay: शिवजी के अंश काल भैरव को प्रसन्न करने के 3 महाउपाय, चमकेगी सोई हुई किस्मत
कोरोना के बाद फैला‘चापरे वायरस’ का डर, इंसान से इंसान में फैलता है ये वायरस
कोरोना वायरस का खौफ अभी पूरी दुनिया में खत्म नहीं हुआ है। एक और वायरस का खतरा मंडराने लग है। बोलिविया में चापरे नामक खतरनाक वायरस के कुछ मामले सामने आए है। इस वायरस की सबसे खतरनाक बात ये है कि ये इंसान से इंसान में फैलता है।

अमेरिका के सेंटर्स फॉर डीजीज कंट्रोल (सीडीसी) ने इसकी पुष्टि कर दी है। सके असर से ऐसा बुखार होता है, जिससे मुमकिन है कि ब्रेन हेमरेज हो जाए। यह काफी कुछ इबोला जैसा है, जिसे काफी खतरनाक समझा गया था, हालांकि उस पर जल्द ही काबू पा लिया गया था।

बोलिविया चापरे
वैज्ञानिकों के मुताबिक 2019 में दो मरीजों से इस वायरस का संक्रमण बोलिविया की राजधानी ला पाज में स्थित डि फैक्टो अस्पताल के दो स्वास्थ्य कर्मियों को हुआ था। उन दोनों मरीजों में से एक की मौत हो गई। अस्पताल के दोनों कर्मचारियों की इसी संक्रमण के कारण मृत्यु हो गई। वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे एक वायरस का अस्तित्व 2004 में बोलिविया के चापरे इलाके में पहली बार देखने को मिला था। यह इलाका राजधानी ला पाज से 370 मील दूर है। इसलिए इस वायरस को चापरे नाम दिया गया।

चूहों से फैलता है ये वायरस
ऐसा माना जाता है कि ये वायरस चूहों के जरिए मानव शरीर में पहुंचा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन वायरस का संक्रमण मानव शरीर के द्रवों के जरिए होता है, उन पर काबू पाना उन वायरसों की तुलना में आसान होता है, जिनका संक्रमण सांस के जरिए होता है। कोविड-19 का संक्रमण नाक के माध्यम से होता है।

लक्षण
जिन मरीजों को इस वायरस का संक्रमण लगा, उन्हें बुखार, पेट में दर्द, उल्टी, मसूड़ों से खून निकलने, त्वचा पर छाले आने और आंखों के अंदर दर्द महसूस होने की शिकायत हुई। चूंकि इस संक्रमण का कोई इलाज नहीं है, इसलिए अभी संक्रमण लगने पर पानी चढ़ाना ही अकेला उपचार है। शुरुआत में इस वायरस के लक्षण डेंगू के समान लगने लगते हैं।



Click it and Unblock the Notifications











