Latest Updates
-
Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
कौन हैं क्रिकेटर मेधावी बिधूड़ी? ‘6-7’ सेलिब्रेशन के बाद इंटरनेट पर हुईं वायरल, खूबसूरती के दीवाने हुए फैंस -
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार
प्रदूषण से फेफड़ों पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करती है एस्प्रिनः स्टडी
एस्प्रिन को पहले से ही कई प्रकार के दर्द को दूर करने और सूजन को कम करने में इस्तेमाल किया जाता है लेकिन एक नई स्टडी में एक और नई जानकारी सामने आई है। यह स्टडी जर्नल ऑफ रेस्पिरेटरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन में पब्लिश हुई है। कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारी की गई इस नई स्टडी के अनुसार, एस्प्रिन वायु प्रदूषण से फेफड़ों पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों को कम कर सकती है।
इस स्टडी में बोस्टन के 73 साल की औसत आयु वाले 2280 पुरुषों को शामिल किया गया। स्टडी में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की पूरी सेहत और फेफड़ों के काम करने की क्षमता का टेस्ट किया गया।

इसके साथ ही हर व्यक्ति के फेफड़ों के टेस्ट के रिजल्ट, एस्प्रिन का उपयोग करने वाले और पार्टिकुलेट मैटर (पीएम)/ब्लैक कार्बन के स्तर के बीच संबंध का पर जांच की गई। इसके अलावा भी दूसरे कारणों पर भी ध्यान दिया गया, जैसे कि प्रत्येक व्यक्ति की पर्सनल मेडिकल हिस्ट्री और चाहे वह रेगुलर स्मोक न करने वाला हो।
इसके बाद शोधकर्ताओं ने पाया कि एस्प्रिन के उपयोग ने फेफड़ों के काम करने पर पीएम का निगेटिव प्रभाव लगभग आधा कर दिया। स्टडी में शामिल अधिकतर लोग एस्प्रिन ले रहे थे इसलिए स्टडी के ऑथर का कहना है कि स्टडी का निष्कर्ष मुख्य रूप से एस्प्रिन पर ही लागू होता है। वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि एस्प्रिन का फेफड़ों के काम करने पर पॉजिटिव प्रभाव पड़ता है और इस पर आगे स्टडी की आवश्यकता है।
शोधकर्ताओं का अनुमान है कि एस्प्रिन जहां तक फेफड़ों के काम करने में फायदा पहुंचा रहा है। इसके साथ ही वायु प्रदूषण से फेफड़ों में आने वाली सूजन में भी राहत मिलती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications