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बेंगलुरु के सात महीने के बच्चे में ‘बेंटा’ दुर्लभ बीमारी की हुई पुष्टि, दुनिया में केवल 13 लोगों को है यह रोग
बेंगलुरु में सात महीने के एक बच्चे विजयेंद्र में 'बेंटा' नामक एक अति दुर्लभ बीमारी के बारे में मालूम चला है। विश्व में इस इम्यूनो-डेफिशियंसी समस्या के केवल 13 मामले हैं। विजयेंद्र इसका 14वां मरीज माना गया है।

डीकेएमएस बीएमएसटी फाउंडेशन इंडिया का कहना है कि बच्चा, विजयेंद्र का जीवन केवल रक्त स्टेम सेल प्रत्यारोपण द्वारा ही बचाया जा सकता है। बेंगलुरु स्थित ब्लड स्टेम सेल रजिस्ट्री बच्चे के लिए मैचिंग डोनर की तलाश का काम कर रही है। फाउंडेशन ने बताया कि बेंगलुरू के एक प्रमुख अस्पताल के चिकित्सक डॉ. स्टालिन रामप्रकाश विजयेंद्र का इलाज कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विजयेंद्र विश्व में सबसे कम उम्र का बेंटा मरीज है। शुरुआती स्टेज में उसकी बीमारी सामने आ गई।
बेंटा एक बेहद दुर्लभ बीमारी है, इसलिए इसका इलाज भी प्रयोग के तौर पर करने की कोशिश की जाती है। इसके अलावा विशेष दवाओं का उपयोग नहीं होता। इस दौरान मरीज पर हो रहे असर को देखते हुए इलाज की प्रकिया को आगे बढ़ाया जाता है।
बेंटा रोग क्या है
बेंटा नाम की गंभीर और दुर्लभ बीमारी एनएफ-κबी और टी-सेल एनर्जी के साथ बी-सेल का विस्तार करती है।
बी-सेल अस्थि मज्जा से निकलने वाली एक प्रकार की प्रतिरक्षा कोशिका है और इस स्थिति में यह संख्या सामान्य से अधिक होती है। NF-κB एक प्रोटीन कॉम्प्लेक्स है जो जीन अभिव्यक्ति में शामिल होता है, या वह डिग्री जिस तक कुछ जीन चालू या बंद होते हैं।
टी-सेल एक प्रकार की प्रतिरक्षा कोशिका है जो थाइमस में परिपक्व होती है, ब्रेस्टबोन के नीचे ऊपरी छाती में स्थित एक छोटा अंग। एलर्जी विदेशी पदार्थों के लिए 'सामान्य से कम' (टी सेल) प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को संदर्भित करती है।
BENTA रोग को शिशु अवस्था में शुरू होने वाली कुछ प्रतिरक्षा कोशिकाओं के उच्च स्तर को बताता है। इसमें बढ़े हुए प्लीहा, बढ़े हुए लिम्फ नोड्स, इम्युनोडेफिशिएंसी और लिम्फोमा का खतरा बढ़ जाता है, एक प्रकार का कैंसर शामिल है।
लक्षण
मुख्य लक्षणों में प्लीहा का बढ़ना (स्प्लेनोमेगालिया) और कानों में इंफेक्शन और जीवन के शुरआती दौर में साइनस और फेफड़ों में संक्रमण होना।
आनुवांशिकता में मिलती है ये बीमारी
बेंटा रोग का निदान नैदानिक और प्रयोगशाला निष्कर्षों के साथ-साथ आनुवंशिक परीक्षण के आधार पर किया जाता है। CARD11 म्यूटेशन' करने वाले व्यक्ति के बच्चों में म्यूटेशन उन्हें आनुवांशिकता के जरिए 50% संभावना मिलने की होती है। प्रत्येक व्यक्ति के पास CARD 11 जीन की दो प्रतियां होती हैं, प्रत्येक माता-पिता से एक आनुवांशिकता में मिलती है। अगर CARD11 की दो प्रतियों में से किसी एक की प्रति भी के आसामान्य है तो ऐसे में व्यक्ति को आनुवांशिकता के जरिए बेंटा रोग होने का खतरा रहता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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