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Coronavirus: इस वायरस से मरीज दूसरी बार भी हो सकता है संक्रमित, जानें एक्सपर्ट क्या कहते हैं
पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का खौफ फैला हुआ है, लोग इस वायरस से बचने के लिए हर तरह की तरकीब को अपना रहे हैं। लोग में इस वायरस को लेकर इतना डर भर गया है कि चारों ओर इस वायरस से जुड़े सवालों की झड़ी लग गई है जिसके बारे में वैज्ञानिकों को बहुत कम जानकारी है।
इंटरनेट पर लोग इस वायरस से जुड़े कई तरह के अजीबो गरीब सवाल पूछ रहे हैं। फिलहाल जो चीज लोग सबसे ज्यादा जानना चाहते हैं कि कोरोनोवायरस से संक्रमित व्यक्ति ठीक होने के बाद क्या फिर से संक्रमित हो सकता है?

चाइना ग्लोबल टेलीविज़न नेटवर्क (सीजीटीएन) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी स्वास्थ्य अधिकारी रोगियों की स्वास्थ्य के विषय में चर्चा कर रहे जो सही समय पर इलाज मिलने से इस वायरस के संक्रमण से उबर गए हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने कहा है कि कोरोनावायरस से उबर चुके मरीज फिर से इस खतरनाक वायरस के चपेट में आ सकते हैं।
चाइना-जापान फ्रैंडशिप अस्पताल के निमोनिया रोकथाम और उपचार के निदेशक लू क्विंगयुआन का मानना है कि हालांकि कोरोनोवायरस से जुड़े कुछ कैसेज में एंटीबॉडीज काम कर सकते हैं लेकिन ये जरुरी नहीं है कि वो लम्बे समय तक काम करें। इस वायरस के संक्रमण से पूरी तरह उबर चुके रोगियों में कहीं न कहीं इस वायरस के चपेट में फिर से आने की संभावना रहती हैं।
हालाँकि, इस वायरस के बारे में ज्यादा मालूम करने के लिए इसके बारे में ज्यादा से ज्यादा से विश्लेषण करने की जरुरत हैं। विशेषज्ञों के पास अभी भी इस वायरस से जुड़ी पर्याप्त जानकारी नहीं हैं। वो नहीं जानते हैं कि क्या संक्रमित व्यक्ति एक बार ठीक हो जाने के बाद, भविष्य में वायरस से बचने के लिए उसका इम्यून सिस्टम पूरी तरह से विकसित हो जाता है। संक्रमण फिर से न हो इसके लिए किसी संक्रमित व्यक्ति के शरीर में एंटीबॉडी कितने मजबूत और लंबे समय तक टिके रहने चाहिए।
एक न्यूज एंजेसी के अनुसार चीन ने कोरोना वायरस के इलाज के लिए स्विस ड्रगमेकर रोशे के एंटी-इंफ्लेमेशन ड्रग एक्टेमरा के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है, माना जा रहा है कि ये दवा कोरोना वायरस के शुरुआती स्तर पर पनपने से रोक सकता है, और ये इस रहे घातक संक्रमण से निपटने के नए तरीकों के लिए जरूरी है।
इसके अलावा चाइना को उम्मीद है कि साइटोकिन रिलीज सिंड्रोम (सीआरएस), या साइटोकिन स्ट्रोम को रोकने के लिए पहले से ईजाद की दवाएं भी असर दिखा सकती हैं। इसके अलावा लोगों को इस वायरस से बचने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली पर ध्यान देनी की ज्यादा जरुरत है। क्योंकि ज्यादात्तर लोग वो ही इस वायरस के चपेट में आ रहे हैं जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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