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Eta Variant of COVID : कर्नाटक में मिला कोरोना का एटा वैरिएंट, जानिए क्या है ये और कितना खतरनाक है?
कर्नाटक के मेंगलुरू में 5 अगस्त को कोरोना का एटा वैरिएंट का एक मामला मिला है। खबरों के मुताबिक दुबई से आए व्यक्ति में यह वैरिएंट मिला है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वर्ष 2020 के आखिरी महीने यानी दिसंबर में इस वैरिएंट की पहचान की थी। इसी साल मार्च में WHO ने एटा वैरिएंट को वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट (VOI) के श्रेणी में रखा था। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार दिसंबर 2020 में एटा वैरिएंट पहली बार यूनाइटेड किंगडम और नाइजीरिया में मिला था। कनार्टक से पहले मिजोरम में इस वैरिएंट के दो मामले सामने आए थे। आइए जानते है कि क्या है एटा वैरिएंट और क्या ये चिंता का विषय है?

क्या है एटा वैरिएंट
एटा वैरिएंट को लाइनेज B.1.525 भी कहा जाता है। SARS-CoV-2 वायरस के एटा वैरिएंट में E484K म्यूटेशन मौजूद है, जो इससे पहले गामा, जीटा और बीटा वैरिएंट्स में मिला था। अच्छी बात यह है कि अल्फा, बीटा, गामा में मौजूद N501Y म्यूटेशन है जो एटा वैरिएंट में नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अल्फा वैरिएंट की तरह इसमें भी पोजिशन 69 और 70 पर अमीनो एसिड्स हिस्टिडिन और वैलाइन मौजूद नहीं है। इसलिए ये बाकी के वैरिएंट की तरह थोड़ा कम खतरनाक है।

कितना खतरनाक है एटा वैरिएंट?
WHO ने इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न (VoC) की सूची में शामिल नहीं किया है। यह अब भी वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट (VoI) बना हुआ है। WHO का कहना है कि वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट कोरोना के ऐसे वैरिएंट हैं जो वायरस की ट्रांसमिशन, गंभीर लक्षणों, इम्यूनिटी को चकमा देने, डायग्नोसिस से बचने की क्षमता दिखाते हैं।

कितना इफेक्टिव है वैक्सीन इस वैरिएंट के खिलाफ
कुछ शोध में सामने आया है कि कोरोना के वैरिएंट्स से बचने के लिए वैक्सीन के दोनों डोज लेना जरूरी है। तभी वह प्रभावी तरीके से डेल्टा और अन्य वैरिएंट्स के खिलाफ बचाव करता है। अभी तक ये बात सामने आ चुकी है कि अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा वैरिएंट्स के खिलाफ वैक्सीन इफेक्टिव है। पर प्रभाव का स्तर अलग-अलग है।

क्या होता है वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट
या होता है 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट ' इसी तरह वेरिएंट ऑफ इंट्रस्ट में ऐसे वैरिएंट्स को रखा गया है जिनमें विशेष जेनेटिक मार्कर्स हैं जिनका संबंध रिसेप्टरबाइंडिंग में बदलाव से है, यह पिछले संक्रमण या वैक्सीन से बनी एंटीबॉडीज के असर को कम करने में सक्षम है, इसे अलावा ट्रीटमेंट के असर को कम करने, डायग्नॉस्टिक के असर को कम करने में सक्षम है, या इसके तेजी से फैलने के अनुमान लगाए गए हों।



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