Latest Updates
-
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म -
दुआ के दूसरे बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया मैटरनिटी फोटोशूट, बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए शेयर की तस्वीरें -
Laddu Gopal Chatthi 2026: 9 या 10 सितंबर, कब है लड्डू गोपाल की छठी? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और भोग
एचआईवी और एड्स को एक समझने की न करें भूल, जानें क्या फर्क होता है?
जब भी कभी एड्स की बात होती है तो इसके खतरनाक वायरस एचआईवी ( HIV) की जरुर बात होती हैं। लेकिन हम में से ज्यादात्तर लोगों को एचआईवी और एड्स को एक ही मानते हैं। अक्सर लोग दोनों के मतलब को समझने में भूल कर देते हैं। एचआईवी ( HIV) एक वायरस है जो एड्स नाम की बीमारी को जन्म दे सकता है। इसलिए आपको एचआईवी और एड्स के बीच का अंतर पता होना चाहिए। आइए एड्स डे के मौके पर जानते हैं एचआईवी और एड्स में क्या फर्क होता हैं।

एड्स
एचआईवी ( HIV) वायरस के कारण एड्स की बीमारी हो सकती है। एड्स तब होता है जब व्यक्ति का इम्यून सिस्टम इंफेक्शन से लड़ने में कमजोर पड़ जाता है। इसके अलावा जब एचआईवी वायरस का इंफेक्शन बहुत बढ़ जाता है। जिसके चलते शरीर स्वयं की रक्षा नहीं कर पाता और शरीर में कई बीमारियां, संक्रमण हो जाते हैं। अभी तक एचआईवी और एड्स का कोई इलाज उपलब्ध नहीं हो पाया है लेकिन सही उपचार से एचआईवी पीड़ित व्यक्ति स्वस्थ जीवन जी सकता है।

क्या है एचआईवी
हानिकारक एजेंट से लड़ने के लिए व्यक्ति के शरीर में प्राकृतिक रक्षा तंत्र होता है। एचआईवीहमारे इम्यूव सिस्टम को प्रभावित करता है। शरीर को बीमारियों से बचाने के लिए इम्यून सिस्टम सफेद रक्त कोशिकाओं को इस्तेमाल करता है।
हालांकि एचआईवी वायरस सफेद रक्त कोशिकाओं के साथ CD4 को भी प्रभावित करता है। CD4 एक ग्लाइकोप्रोटीन होता है जो इम्यून कोशिकाओं की सतह पर पाया जाता है। इस वायरस की वजह से एचआईवी इंफेक्शन होता है जिसका अभी तक कोई सही तरीके से इलाज नहीं है।

एचआईवी इंफेक्शन कैसे एड्स बनता है
यह बात का पता होना जरुरी होता है कि एड्स किसी भी बीमारी के कारण नहीं हो सकता है। यह एचआईवी इंफेक्शन का परिणाम होता है। एचआईवी इंफेक्शन की आखिरी स्टेज में शरीर का इम्यून सिस्टम पूरी तरह से फेल हो जाता है। इस कंडीशन को एड्स कहा जाता है।
एड्स की वजह से वजन कम होना, सिरदर्द के साथ अन्य शारीरिक और मानसिक समस्याएं होने लगती है। एड्स से ग्रसित व्यक्ति को किसी भी तरह के संक्रमण हो सकते हैं क्योंकि इम्यून सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका होता है।

ऐसे में फैलता हैं एड्स ?
- एचआईवी फैलने की सबसे कॉमन वजह असुरक्षित शारीरिक संबंध है। संक्रमित व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाने वाले व्यक्ति को भी यह संक्रमण हो सकता है।
- एचआईवी संक्रमित मां से यह संक्रमण बच्चों तक पहुंच जाता है। इसके अलावा ब्रेस्ट फीडिंग से भी यह संक्रमण बच्चे तक पहुंच सकता है। हालांकि एंटीरेट्रोवायरल दवाओं के इस्तेमाल से इस संक्रमण को फैलने से रोका भी जा सकता है।
- एचआईवी कुछ खास बॉडी फ्लूइड्स, ब्लड, सीमेन, प्री-सेमिनल फ्लूइड, रेक्टल फ्लूइड, वजाइनल फ्लूइड्स या एचआईवी संक्रमित महिला के ब्रेस्ट मिल्क से दूसरे के शरीर में पहुंच सकता है।



Click it and Unblock the Notifications
