ज्वॉइंट पेन के लिए हॉट या कोल्ड कंप्रेस, क्या है अधिक बेहतर

जोड़ों में दर्द एक ऐसी समस्या है, जो व्यक्ति को बहुत अधिक परेशान करता है। ऐसे में दर्द को दूर करने के लिए लोग तरह-तरह की दवाइयों का सेवन करते हैं। हालांकि, जोड़ों के दर्द को दूर करने में हॉट व कोल्ड थेरेपी जैसे प्राकृतिक उपायों का भी सहारा लिया जा सकता है। लेकिन अक्सर लोग इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि उन्हें हॉट या कोल्ड थेरेपी में से किसका इस्तेमाल करना चाहिए।

Hot Or Cold Compress For Joint Pain in hindi

ज्वॉइंट्स, मसल्स और ट्श्यि की स्टिफनेस को दूर करने और दर्द में आराम पहुंचाने के लिए इस तरह की थेरेपी बेहद ही लाभकारी मानी गई है। यह मोबिलिटी, फ्लेक्सिबिलिटी और ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाकर आपको तुरंत आराम पहुंचाती है। लेकिन यह जरूरी है कि आपको यह पता हो कि किस वक्त आपको हॉट थेरेपी लेनी चाहिए और किस समय कोल्ड थेरेपी। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको विस्तारपूर्वक बता रहे हैं-

हीट थेरेपी के फायदे

हीट थेरेपी उस एरिया में ब्लड फ्लो को बढ़ा देती है, जिससे ब्लड वेसल्स को फैलाने में मदद मिलती है। इससे यह स्टिफ ज्वॉइंट्स को रिलैक्सेशन के लिए अच्छा है। खासतौर से, अगर आप गठिया के कारण ज्वॉइंट्स में मार्निंग स्टिफनेस से परेशान हैं, तो हीट थेरेपी का सहारा लिया जा सकता है। यह ज्वॉइंट्स ल्युब्रिकेंट में मददगार है। आमतौर पर दर्द वाले एरिया में आप 20 मिनट के लिए हीट थेरेपी अप्लाई कर सकती है। आप दिन में दो या तीन बार इसे अप्लाई कर सकते हैं। हालांकि, किसी भी ताजा चोट या खुले घाव पर गर्म पानी नहीं लगाना चाहिए।

हीट थेरेपी कई समस्याओं में लाभदायक है-

• किसी भी एक्टिविटी या एक्सरसाइज से पहले स्टिफ मसल्स को वार्मअप करना

• गर्दन या पीठ की बेचैनी या ऐंठन को कम करने में मददगार, विशेष रूप से पीठ के निचले हिस्से में।

कोल्ड थेरेपी के फायदे

कोल्ड थेरेपी से चोट वाली जगह पर ब्लड फ्लो काफी कम हो जाता है। इससे सूजन और टिश्यू डैमेज होने की संभावना कम हो जाती है। बर्फ के इस्तेमाल से सूजन, मसल्स पेन या दर्द वाले ज्वॉइंट्स को फायदा भी मिल सकता है। कोल्ड थेरेपी से एक सुन्न प्रभाव होता है, जिससे दर्द को दूर करने में मदद मिलती है। अगर आपको चोट लगने के बाद दर्द हो रहा है तो ऐसे में आप चोट लगने के 48 घंटों के भीतर कोल्ड थेरेपी का इस्तेमाल करें। ऑस्टियोआर्थराइटिस के मरीजों को बर्फ की मालिश या 10 मिनट के लिए ठंडे पैड का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। इसके बाद आप इसे हटा दें। जहां हॉट थेरेपी को किसी एक्टिविटी या एक्सरसाइज से पहले करने की सलाह दी जाती है, वहीं व्यायाम या फिजिकल एक्टिविटी के बाद कोल्ड थेरेपी करना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, अगर आपको किसी तरह की कोई हार्ट प्रॉब्लम है तो कोल्ड थेरेपी का उपयोग करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से बात करें।

हॉट या कोल्ड कंप्रेस, किसका करें इस्तेमाल

हॉट व कोल्ड कंप्रेस, दोनों ही दर्द को कम करने में कारगर है। जहां कुछ तरह के दर्द के लिए हॉट थेरेपी सबसे अच्छी मानी जाती है, वहीं कुछ के लिए आइस पैक अधिक बेहतर है। इसलिए, इनमें से किसी एक को सबसे बेहतर कहना सही नहीं है। इसलिए, आप किस थेरेपी का इस्तेमाल करें, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति किस प्रकार की चोट और दर्द से पीड़ित है। एक आइस पैक सूजन के दर्द के लिए बेहतर है, लेकिन जोड़ों की परेशानी के लिए आप हॉट थेरेपी का चयन करें, लेकिन यह इंफ्लेमेशन के कारण नहीं होना चाहिए।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Wednesday, February 1, 2023, 14:30 [IST]
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