Lungs Detox: स्‍मोकिंग और पॉल्‍यूशन से फेफड़ों में भर गया धुंआ, जानें क्‍या है आसान तरीका

वायु प्रदूषण, सिगरेट के धुएं और अन्य विषाक्त पदार्थ सांसों के जरिए फेफड़ों तक पहुंचकर नुकसान पहुंचा सकता है। शरीर के बाकी हिस्सों को स्वस्थ रखने के लिए फेफड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखना आवश्यक है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से हर साल दुनिया भर में 4.2 मिलियन मौतें होती हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में हर पांच लोगों में से एक की मुत्‍यु का कारण ध्रूमपान है।

यहां हम आपको कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बताएंगे जिसका उपयोग कर आप अपने फेफड़ों को नेचुरली तरीके से डिटॉक्‍स कर सकते है।

ग्रीन टी

ग्रीन टी

ग्रीन टी में कई एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो फेफड़ों में सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा ये स्‍मोकिंग की वजह से हुई क्षति को कम करने में मदद करता है। कोरिया में 1,000 से अधिक वयस्कों पर एक रिसर्च की गई, जिसमें जो लोग प्रतिदिन कम से कम 2 कप ग्रीन टी पीते हैं, उनके फेफड़ों की कार्यक्षमता उन लोगों की तुलना में बेहतर होती है, जो ग्रीन टी नहीं पीते है।

गर्म पानी और शहद

गर्म पानी और शहद

यह शक्तिशाली पेय शरीर को डिटॉक्सिफाई करने और पॉल्‍यूशन के प्रभाव से लड़ने में मदद करता है। शहद में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो आपके गले में खराश पैदा करने वाले संक्रमण को शरीर से हटाने में मदद कर सकते हैं।

मुलेठी की चाय

मुलेठी की चाय

मुलेठी को शहद और गर्म पानी के साथ पीने से खांसी, जुकाम, गले की खराश ठीक हो जाती है और ये फेफड़े को भी साफ करते है। ऐसा माना जाता है क‍ि, मुलेठी को नियमित रूप से लेने से हृदय रोग के जोखिम कम होते है।

लहसुन का सेवन करें

लहसुन का सेवन करें

लहसुन का सेवन भी फेफड़ो को डिटॉक्स करने में मदद करता है, क्योंकि लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट होता है जोकि फेफड़ो को क्‍लींज करता है। आयुर्वेद के अनुसार लहसुन के सेवन से कफ से संबंधित बीमारियों को दूर करने में भी काफी सहायता मिलती है।

तुलसी

तुलसी

तुलसी सर्दी-जुकाम होने पर काफी गुणकारी और लाभदायक होता है। तुलसी के पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट होते जो कि छाती में जमें कफ को दूर करने में काफी मदद करते है। यह सर्दी-जुकाम में भी लाभप्रद हैं।

हल्‍दी का सेवन

हल्‍दी का सेवन

हल्दी का रोजाना सेवन वायु मार्ग में सूजन को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, हल्दी में करक्यूमिन नामक एक तत्‍व होता है, की उपस्थिति फेफड़ों को प्राकृतिक रूप से साफ करने में मदद करती है और शरीर को डिटॉक्‍स करने में मदद करती है, जो आगे चलकर प्रतिरक्षा को मजबूत करने में मदद करती है। आप कच्ची हल्दी खा सकते हैं या दूध के साथ पाउडर के रूप में उपयोग कर सकते हैं

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