Latest Updates
-
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक -
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय
कोरोना वायरस: जिंक और पानी से मिल सकता है संक्रमित को इलाज, जानें कैसे करता है ये काम
दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। कोरोना की दवा और वैक्सीन को लेकर कई देशों में शोध चल रहे हैं। कुछ देशों ने तो इसका इलाज ढूंढने का भी दावा किया है। इस बीच पहले से उपलब्ध दवाओं का भी कोरोना के इलाज के तौर पर प्रयोग किया जा रहा है। केरल के डॉक्टर पीपी देवन इन दिनों कोरोना के इलाज के अपने अलग तरीकों के बीच चर्चा में हैं। उन्होंने जिंक और गर्म पानी के जरिए कोरोना मरीजों का इलाज कर, सभी को ठीक कर चुके हैं। उनका कहना है कि शरीर में जिंक का लेवल ठीक रहे तो वायरस का संक्रमण असर नहीं कर पाएगा।

जिंक से बचा जा सकता है इंफेक्शन में
30 साल से जुकाम और खांसी का इलाज कर रहे डॉक्टर देवन का कोरोना इलाज का यह तरीका पिछले दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। कारण साफ है कि क्योंकि कोरोना से बचने के ये उपाय बेहद आसान और आम हैं और इसके लिए पेचीदा इलाज की भी जरूरत नहीं है।
मैंगलुरू के ए.जे. मेडिकल कॉलेज में हेड एंड नेक सर्जरी के प्रोफेसर डॉ देवन के मुताबिक, यदि देश में सभी लोग जिंक को अपने खाने में शामिल कर लें तो कोरोना या इस तरह के किसी भी इंफेक्शन से बचा जा सकता है।

तमिलनाडु सरकार बांट रही है जिंक
तमिलनाडु में राज्य सरकार ने स्वास्थ्यकर्मियों के लिए जिंक टैबलेट लेने का निर्देश दे चुकी है। डॉ देवन का कहना है कि अगर देशभर में सभी के लिए जिंक की टैबलेट जरूरी कर दी जाए और लोग हर दिन नियमित तौर पर इसका सेवन करें तो वायरस संक्रमण की रफ्तार को रोका जा सकता है। लॉकडाउन में ढील या राहत के बावजूद यह काम करेगा। वह बताते हैं कि खानपान में जिंक से भरपूर फूड आइटम को शामिल कर कोरोना से बचाव किया जा सकता है।

कैसे काम करता है जिंक
एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू के अनुसार, डॉ. देवन के मुताबिक, शरीर में वायरस घुसने के 48 घंटे के भीतर यह इलाज जरूरी है। मरीज अगर गले में जरा भी खराश महसूस करता है और थकान महसूस होती है तो गर्म पानी पीना शुरू कर दें, ताकि आपको पसीना आए और शरीर का तापमान एक से दो डिग्री बढ़ जाए। शरीर में जिंक का लेवल ठीक रखा जाए तो इम्यूनिटी मजबूत होगी और वायरस खत्म हो जाएगा। हर दिन शरीर में 40 मिलीग्राम जिंक की जरूरत होती है। अक्सर बीमार होने वाले बच्चों ने जिंक को अपनी डाइट में शामिल किया तो वे बहुत कम बीमार रहने लगे।

इनसे मिल सकता है जिंक
डॉ. देवन ने बताया कि पपीते और तरबूज के बीज का पाउडर बनाकर उसे चावल के साथ खाने से शरीर में जिंक की आपूर्ति होती है और जल्दी जिंक पच भी जाता है। अखरोट, डार्क चॉकलेट, अनानास भी जिंक के मुख्य स्त्रोत है। बादाम, अखरोट, अंडा, सीड्स जैसे पंपकिन सीड्स, चिया सीड्स, पालक, ब्रोकली से पर्याप्त मात्रा में जिंक की पूर्ति की जा सकती है।
डॉक्टर से भी पूछकर गोली ली जा सकती है। आमतौर पर इसे हफ्ते में दो बार लेने की सलाह दी जाती है, जबकि कोरोना के समय हफ्ते, 10 दिन तक लिया जा सकता है। हालांकि अपने डॉक्टर से सलाह के बाद ही ऐसा कुछ करें।



Click it and Unblock the Notifications
