Latest Updates
-
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी -
किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह -
Raksha Bandhan 2026: कब है रक्षाबंधन? जानें तिथि, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और महत्व -
कभी 75 रुपये में साफ करते थे गाड़ियां, आज कहलाते हैं दिल्ली के खान सर; पढ़ें मनोज गर्ग की सक्सेस स्टोरी -
Sawan 2026: सावन में दाढ़ी और बाल कटवाना चाहिए या नहीं? जानें ज्योतिष और धार्मिक नियम -
कौन थीं अनन्या राज? 27 साल की उम्र में हुई मौत, एक महीने बाद सामने आई निधन की खबर
आवाज बेसुरी हो गई है तो ना लें हल्के में, हो सकता है लेरिन्जाइटिस
क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि, कफ-कोल्ड के बाद आपकी आवाज एकदम से बैठ जाती है। और जब आप कुछ बोलते है तो लोग सुनते कम और हंसते ज्यादा है। लेकिन अगर आप इसे सामान्य समस्या समझकर अनदेखा कर रहे है तो मैं बतादूं कि आप बड़ी गलती कर रहे है, जिसके लिए आपको आगे जाकर पछताना पड़ सकता है। क्यूंकि ये जो आपकी आवाज में बदलाव आया है वो वॉइस बॉक्स में सूजन के कारण हुआ है। जिसे मेडिकल लैंग्वेज में लेरिन्जाइटिस कहते हैं, जो कि इंफेक्शन या वॉइस बॉक्स के ज्यादा इस्तेमाल की वजह से होता है। यहां हम आपको लेरिन्जाइटिस के कारण, लक्षण और उपचार के बारे में बताने जा रहे है।

वॉइस बॉक्स को लैरिंक्स भी कहते हैं और इसमें वोकल कोर्डस बलगम से ढकी होती है। इन कोर्डस के खुलने और बंद होने से वाइब्रेशन साउंड बनता है। जिसमें सूजन होने पर आवाज बदल जाती है। आवाज बैठना, आवाज बंद होना और गले में दर्द लेरिन्जाइटिस के प्राथमिक लक्षण हैं। यदि लेरिन्जाइटिस का कारण इंफेक्शन है तो अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं जैसे ऊपरी श्वसन तंत्र में इंफेक्शन या सर्दी, सूखी खांसी, बुखार, गले में खराश, नाक बहना, निगलने में दर्द, लिम्फ नोड्स में सूजन आदि। बच्चों में इस रोग के साथ श्वास नली और ब्रोन्कियल ट्यूब में भी सूजन हो जाती है जिसे क्रुप रोग या कंठ रोग के नाम से जाना जाता है। ऐसे बच्चों को सांस लेने में कठिनाई होती है। ऐसी स्थिति में अजीब आवाज वाली खांसी, बुखार जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। और रात में ये लक्षण बढ़ जाते हैं।
लेरिन्जाइटिस के लक्षण क्या हैं
- गले में खराश
- कर्कश और फटी आवाज
- लगातार होने वाली खांसी
- आवाज खो देना
कितने प्रकार का है लेरिन्जाइटिस
लेरिन्जाइटिस एक्यूट और क्रोनिक दो तरह का हो सकता है। जिसमें एक्यूट लेरिन्जाइटिस के मामले आमतौर पर अस्थायी होते हैं। जो कि चिल्लाने या बहुत ज्यादा बोलने की वजह से वोकल कोर्डस में खिंचाव के कारण हो सकता है। ये वायरल इंफेक्शन और बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण भी हो सकता है। जब इस रोग के लक्षण तीन सप्ताह से ज्यादा समय तक दिखते हैं तो यह क्रोनिक माना जाता है। यह ज्यादातर तब होता है जब उत्तेजक पदार्थ जैसे कि कैमिकल वाला धुंआ, सिगरेट का धुंआ और एलर्जी पैदा करने वाले चीजें, सांस के जरिये शरीर के अंदर पहुंच जाती हैं। इसके अलावा ज्यादा शराब पीना, धूम्रपान भी इसकी वजह हो सकता है। बल्कि लगातार गायन की वजह से भी यह समस्या हो सकती है। इसकी जांच कान, नाक और गले तक ही सीमित होती है।
जबकि क्रोनिक लेरिन्जाइटिस में ब्लड टेस्ट, एक्स-रे व अन्य टेस्ट किए जा सकते हैं। हालांकि लैरिंगोस्कोपी सबसे नॉर्मल जांच है जो वोकल कोर्डस को पास से और विस्तृत रूप से देखने के लिए किया जाता है। इससे ये भी पता किया जाता है कि कहीं वोकल कोर्डस में सूजन या गांठ तो नहीं है।
ट्रीटमेंट के साइडइफेक्ट
मतली, उल्टी, दस्त, पेट में दर्द, पेट फूलना और भूख ना लगने जैसी समस्याएं लेरिन्जाइटिस के ट्रीटमेंट की वजह से हो सकती हैं।
ट्रीटमेंट के बाद क्या सावधानियां बरतें
लेरिन्जाइटिस का ट्रीटमेंट कराने वालों को जलन और रिसेप्टर्स ,एलर्जी या जहरीले धुएं से दूर रहने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा अगले कुछ हफ्तों तक एल्कोहल का सेवन न करें और स्मोकिंग पूरी तरह से बंद कर दें।
लेरिन्जाइटिस के लिए होम रेमेडिज क्या है?
- जितना हो सकें कम बोलने की कोशिश करें, ताकि आपकी आवाज को जरूरी आराम मिल सकें।
- गर्म, नमकीन पानी से गरारे करना।
- अल्कोहल या कैफीन से बचना क्योंकि इनकी वजह से डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है।
- धूम्रपान नहीं करना।
- ऐसी जगहों से दूर रहें जहां बहुत अधिक धूल या धुंआ हो।
- पेनरिलीफ प्रोडक्ट जैसे लोजेन्ज, स्प्रे या गार्गलिंग सोल्यूशन के लिए फार्मासिस्ट से पूछें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications