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इन कारणों की वजह से ठंडे पानी में ना करें टी बैग्स को यूज
चाय एक ऐसी ड्रिंक है, जिसे पीना अधिकतर लोगों को अच्छा लगता है। अक्सर लोग चाय बनाने के लिए टी बैग्स का इस्तेमाल करते हैं। आमतौर पर, टी-बैग को गर्म पानी में डिप किया जाता है। लेकिन अगर आप ठंडे पानी का इस्तेमाल करते हैं तो आपको चाय का वह स्वाद नहीं मिलेगा, जो वास्तव में मिलना चाहिए। यहां तक कि आइस्ड टी बनाते समय भी पहले गर्म पानी में ही टी-बैग को डिप किया जाता है और फिर पानी को ठंडा किया जाता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि ठंडे पानी में टी-बैग का इस्तेमाल करने से आपको वह टेस्ट क्यों नहीं मिल पाता है-

ठंडे पानी में चाय बहुत धीरे होती है इन्फ्यूज़
जब आप ठंडे पानी में चाय बनाते हैं तो ऐसे में चाय की पत्तियों में मौजूद मॉलिक्यूल्स बहुत ही स्लो चलते हैं। जबकि चाय में मौजूद अधिकतर स्वाद व उसमें मौजूद मॉलिक्यूल्स उबलते पानी के साथ हाई टेंपरेचर पर ही निकल पाते हैं। इसलिए यह आवश्यक होता है कि जब आप चाय बनाएं तो आप ठंडे पानी के स्थान पर तेज गर्म पानी या उबलते पानी का इस्तेमाल करें।

ठंडे पानी के कुछ फ्लेवर कंपाउंड नहीं होते डिसॉल्व
जब आप ठंडे पानी में चाय की पत्तियों या टी बैग को डिप करते हैं तो इसमें मौजूद कैफीन, कैटेचिन, पॉलीफेनोल्स, प्रोटीन, फ्लेवोनॉयड्स नहीं निकल पाता है, जो वास्तव में निकलना चाहिए। इसके एक्सट्रेक्ट निकलना इस बात पर निर्भर करता है कि पानी का तापमान कैसा है। जब ठंडे पानी में चाय के फ्लेवर कंपाउंड डिसॉल्व नहीं होते तो ऐसे में आपको चाय का भी वह टेस्ट नहीं मिल पाता है, जो वास्तव में आपको मिलना चाहिए।

चाय नहीं बनती स्ट्रांग
चाय में पाया जाने वाला टैनिक एसिड चाय में पाया जाने वाला एक कॉमन कंपाउंड है। यह आपकी चाय को टेस्ट को स्ट्रांग बनाता है। गर्म पानी में टैनिक एसिड बहुत घुलनशील होता है। लेकिन जब आप ठंडे पानी में चाय डालते हैं तो इससे टैनिन सही तरह से घुल नहीं पाता है। ऐसे में अगर आपको स्ट्रांग चाय पीने की आदत है तो यकीनन ठंडे पानी में बनाई गई चाय का स्वाद आपको बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगेगा। हालांकि, एक सच यह भी है कि टैनिन की अधिकता आपकी सेहत पर असर डाल सकती है।

ठंडे पानी से बनी चाय में कैफीन की मात्रा काफी कम होती है
आमतौर पर, लोग जब खुद को एकदम से एनर्जेटिक फील करना चाहते हैं तो वे चाय का सेवन करते हैं। चाय में मौजूद कैफीन के कारण ही आप खुद को अधिक अलर्ट महसूस कर पाते हैं। लेकिन जब आप ठंडे पानी में चाय बनाते हैं तो इसमें कैफीन की मात्रा काफी कम होती है। कमरे के तापमान पर पानी की तुलना में कैफीन उबलते पानी में 41 गुना अधिक और गर्म पानी में 12 गुना अधिक घुलनशील होता है। वहीं, ठंडे पानी से एक ऐसी चाय बनती है, जिसमें बहुत कम कैफीन होता है। हालांकि, कम कैफीन वाली चाय भी कम कड़वी होती है।

टी बैग्स में मौजूद पाउडर टी ठंडे पानी के लिए नहीं है सूटेबल
अधिकतर टी बैग्स में चाय की पत्तियों की डस्ट या चाय की लो क्वालिटी पत्तियों को पैक किया जाता है। ये ऐसी चाय की पत्तियां होती हैं जिन्हें एक बार और जल्दी से डाला जाना चाहिए। यही एक मुख्य कारण होता है कि टी बैग्स को कभी भी ठंडे पानी में डालने की सलाह नहीं दी जाती है, क्योंकि ठंडे पानी में इसका टेस्ट व कंपाउंड सही तरह से डिसॉल्व नहीं हो पाते हैं। इसलिए यह ध्यान रखें कि जब भी आप टी बैग का इस्तेमाल करें तो आप उसे गर्म पानी में ही इस्तेमाल करें।



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